• Home
  • »
  • News
  • »
  • bihar
  • »
  • आपके लिए इसका मतलब: क्या नीतीश के 'समकक्ष' रहेंगे शाहनवाज? जानें किस पद की है बड़ी दावेदारी

आपके लिए इसका मतलब: क्या नीतीश के 'समकक्ष' रहेंगे शाहनवाज? जानें किस पद की है बड़ी दावेदारी

शाहनवाज हुसैन व नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

शाहनवाज हुसैन व नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

Bihar Cabinet Expansion: शाहनवाज हुसैन के नीतीश मंत्रिमंडल (Nitish Cabinet) में कद को लेकर सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि व‍ह अटल बिहारी सरकार (Atal Bihari Government) में तब मंत्री रह चुके हैं, जब बिहार के वर्तमान मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) भी उनके साथ ही केंद्रीय मंत्री थे.

  • Share this:
पटना. बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जेडीयू-बीजेपी में खींचतान की खबरों के बीच जेडीयू के वरीय नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह (JDU Leader Vashisth Narayan Singh) ने कहा है कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार का विस्तार विधानसभा सत्र (Vidhansabha session) से पहले हो जाएगा. इसके साथ ही जदयू नेता ने यह भी दावा किया कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बीजेपी-जेडीयू (BJP-JDU) और सहयोगी दलों में कोई अड़चन नहीं है. जाहिर है अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जेडीयू-बीजेपी (BJP-JDU) के बीच किस फॉर्मूले पर सहमति बनी है या बनेगी? इसके साथ ही यह सवाल भी है कि केंद्र की राजनीति से बिहार की पॉलिटिक्स में एंट्री के बाद शाहनवाज हुसैन (Shahnawaz Hussein) को कौन सा मंत्री बनाया जाएगा?

दरअसल, शाहनवाज हुसैन के नीतीश मंत्रिमंडल में कद को लेकर सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि शाहनवाज केंद्र की अटल बिहारी सरकार में तब मंत्री रह चुके हैं, जब बिहार के वर्तमान मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार भी उनके साथ ही केंद्रीय मंत्री थे. राजनीतिक जानकारों की मानें तो केंद्र से बिहार की राजनीति में लाए जाने के बाद शाहनवाज हुसैन को भाजपा की ओर से नीतीश कुमार के समकक्ष ही एक बड़ा फेस माना जा रहा है. ऐसे में सवाल यह है कि उन्‍हें नीतीश मंत्रिमंडल में किस विभाग की कुर्सी दी जाएगी?

सुशील मोदी के विकल्प होंगे शाहनवाज?
शाहनवाज हुसैन को एक तरह से पूर्व डिप्टी सीएम व भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी का विकल्प भी माना जा रहा है, ऐसे में सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि उन्हें वित्त मंत्री (पहले सुशील मोदी वित्त मंत्री हुआ करते थे) बनाया जा सकता है. बता दें कि वर्तमान में बिहार का वित्त और वाणिज्य संभालने के लिए नीतीश सरकार ने तारकिशोर प्रसाद (Tarkishore Prasad) को चुना है. हालांकि, शाहनवाज के लिए वित्त के साथ ही वाणिज्यकर, सड़क और स्वास्थ्य आदि कई विभाग हैं. वित्त व वाणिज्यकर अभी तक बीजेपी कोटे के उपमुख्‍यमंत्री के पास रहे हैं तो सड़क और स्वास्थ्य विभाग भी बीजेपी के बड़े नेताओं के पास रहते आए हैं.

जानें शाहनवाज का सियासी करियर
बता दें कि शाहनवाज हुसैन 1998 में किशनगंज से संसदीय चुनाव हार गए थे. इसके बाद 1999 के दोबारा चुनाव हुआ तो केंद्र सरकार में राज्यमंत्री बने. सितंबर 2001 में वे नागरिक उड्डयन विभाग के कैबिनेट मंत्री बनाए गए. 2003 से 2004 तक वे कपड़ा मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री बने. शाहनवाज को देश का सबसे कम उम्र का केंद्रीय मंत्री बनने का श्रेय है.

बीजेपी ने दी थी बड़ी जिम्मेदारी
शाहनवाज 2004 के आम चुनाव में हार गए, फिर 2006 में उपचुनाव में भागलपुर सीट से विजयी रहे. साल 2009 के संसदीय चुनाव में वे भागलपुर से दोबारा जीते. शाहनवाज मोदी लहर के दौरान 2014 के लोकसभा चुनाव में हार गए. इसके बाद वे संसदीय राजनीति की मुख्‍यधारा से दूर हो गए थे. बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया.

बिहार में शाहनवाज के जरिये भाजपा का बड़ा दांव!
हाल में जम्मू-कश्मीर में संपन्न हुए डीडीसी चुनाव में वे भाजपा के लिए कश्मीर घाटी में कमल खिलाने में कामयाब रहे. इसके बाद उन्हें बिहार में विधान पार्षद बनाकर भाजपा ने बड़ा दांव खेला है. माना जा रहा है कि शाहनवाज हुसैन को बिहार लाने के पीछे बीजेपी की दूरगामी रणनीति है. उन्‍हें बिहार में कोई और बड़ी जिम्‍मेदारी भी दी जा सकती है. जाहिर है इसका एक रास्ता बिहार मंत्रिमंडल में उनके कद को तय कर भी किया सकता है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन