बिहार की ‘हवा-हवाई’ पार्टियों की हकीकत जानेंगे तो...

निर्वाचन आयोग के के अनुसार यूं बिहार में कुल 120 पार्टियां रजिस्टर्ड हैं. इस सूची में हमारी नजर ऐसी कई पार्टियों पर पड़ी जिनके बारे में न कभी सुना गया, न ही इनका दफ्तर, बैनर, पोस्टर, जनसभा, जुलूस, रैली या कोई भी पॉलिटिकल एक्टिविटी देखने को मिली.

News18 Bihar
Updated: March 16, 2019, 12:54 PM IST
बिहार की ‘हवा-हवाई’ पार्टियों की हकीकत जानेंगे तो...
बिहार में कई राजनीतिक पार्टियों के दफ्तर का भी पता नहीं
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Updated: March 16, 2019, 12:54 PM IST
जिस तरह सियासत में वादे हवा-हवाई होते हैं. दावे हवा-हवाई होते हैं  और बयान हवा-हवाई होते हैं. उसी तरह से कुछ सियासी पार्टियां भी हवा-हवाई होती हैं. News 18 ने लोकतंत्र में सियासत के सबसे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है. इसमें न सिर्फ जन प्रतिनिधि या सियासी दल बल्कि निर्वाचन आयोग भी कठघरे में खड़ा है.

निर्वाचन आयोग के हिसाब से बिहार में यूं तो कुल 120 पार्टियां रजिस्टर्ड हैं. इस सूची में हमारी नजर ऐसी कई पार्टियों पर पड़ी जिनके बारे में न कभी सुना गया, न ही इनका दफ्तर, बैनर, पोस्टर, जनसभा, जुलूस, रैली या कोई भी पॉलिटिकल एक्टिविटी देखने को मिली.

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लिहाजा हमने निर्वाचन आयोग में रजिस्टर्ड बिहार के राजनीतिक दलों की इस सूची में से कुछ दलों के नाम चिन्हित किए और इसकी जमीनी पड़ताल की.

पहली पड़ताल

लोकतांत्रिक समता दल, पता  D/104, दरोगा राय पथ विधायक फ्लैट, पटना- इस रजिस्टर्ड पते पर पार्टी का दफ्तर गायब है. न पार्टी की कोई होर्डिंग लगी है. न ही यहां पार्टी का कोई नेता, कार्यकर्ता या कर्मचारी है.

दूसरी पड़ताल
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दलित समाज पार्टी, पता - नवचेतना पथ, शिवपुरी, अनीसाबाद, पटना यहां भी यही नजारा. न दफ्तर, ने कर्मचारी और न नेता.

तीसरी पड़ताल

भारतीय आम अवाम पार्टी, पता- सरिस्ताबाद, इंद्रपुरी पथ, गली- E, गर्दनीबाग, पटना. यहां भी दफ्तर गायब, कर्मचारी गायब, नेता गायब. जाहिर है सवाल  निर्वाचन आयोग में पार्टी की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लेकर भी है.

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बता दें कि हर साल निर्वाचन आयोग में कुछ नई पार्टियों का रजिस्ट्रेशन होता है. इस साल भी बिहार में लोकसभा चुनाव में हिस्सा लेने के लिए निर्वाचन आयोग ने 12 दलों का रजिस्ट्रेशन किया है. लेकिन हमारी पड़ताल में कुछ और पार्टियों के नाम सामने आए हैं जिनका पता लगाना मुश्किल है. इनके न तो दफ्तर हैं और न ही नेता और न कर्मचारी. आइए ऐसी ही पार्टियों पर नजर डालते हैं -

 दल का नाम                                 चुनाव चिन्ह

गरीब जनशक्ति पार्टी                       गिफ्ट पैक

सबसे अच्छी पार्टी                            रूम कूलर

लोकतांत्रिक जनता दल                     तुरहा बजाता आदमी

राष्ट्रीय नव निर्माण भारत पार्टी            टेनिस और रॉकेट बॉल

नेशनल लोकमत पार्टी                       कैची

राष्ट्रवादी क्रांति दल                           डोर बेल

भारतीय पीपुल्स पार्टी                        बिजली का खंभा

जय भारत नेशनल पार्टी                     सेफ्टी पिन

वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल                     गैस सिलिंडर

अंबेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया         कोट

राष्ट्रीय सहयोग पार्टी                           हेलमेट

पब्लिक मिशन पार्टी                          बल्लेबाज़

इस फेहरिस्त में शरद यादव की लोकतांत्रिक जनता दल को छोड़कर किसी भी पार्टी के बारे में कुछ बता पाना मुश्किल है. अब सवाल उठता है कि क्या ऐसी पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द नहीं होना चाहिए? आखिर किस मकसद से ऐसी फर्जी राजनीतिक पार्टियां कागजों पर चलाई जाती हैं?

(रवि एस नारायण की रिपोर्ट)
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