चैत्र नवरात्रि: घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा, इन शुभ मुहुर्त में करें कलश स्थापना

चैत्र नवरात्रि को इन मुहुर्त में करें कलश स्थापना (credit: shutterstock/Dipak Shelare)

चैत्र नवरात्रि को इन मुहुर्त में करें कलश स्थापना (credit: shutterstock/Dipak Shelare)

Chaitra Navratri: नवरात्रि के अवसर पर कलश स्थापना का खास महत्व होता है इसलिए इसकी स्थापना सही और उचित मुहूर्त में करनी चाहिए ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है.

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पटना. चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2021) का नौ दिवसीय पावन पर्व कल यानी 13 अप्रैल 2021 को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू हो रहा है. मंगलवार से लेकर अगले नौ दिन तक पूरे विधि विधान के साथ मां दुर्गा (Maa Durga) की पूजा अर्चना की जाएगी और फिर रामनवमी (Ramnavmi) का त्योहार मनाया जाएगा.

हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत 2078 भी शुरू होगा

आचार्य डॉ श्रीपाती त्रिपाठी बताते हैं कि इस बार चैत्र नवरात्रि पर कई शुभ योग बन रहे हैं. इस बार चार रवियोग एक सर्वार्थ अमृत योग सिद्धि योग एकस सिद्धि योग तथा एक सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है. ऐसे शुभ संयोग में नवरात्रि पर देवी उपासना करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी. यह नवरात्रि धन और धर्म की वृद्धि के लिए खास होगा. सनातनन धर्म में वासंतिक नवरात्रि का बड़ा महत्व है. कर्मकांड और ज्योतिर्विद कृष्णा उपाध्याय ने बताया कि 13 अप्रैल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को वासंतिक नवरात्रि अश्विनी नक्षत्र एवं सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग में आरंभ होकर 22 अप्रैल गुरुवार को मघा नक्षत्र व सिद्धि योग में विजयादशमी के साथ संपन्न होगा.

घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं मां
आचार्य डॉ श्रीपाती त्रिपाठी यह भी बताते है कि मां के इस आगमन से राजनीति के क्षेत्र में उथल पुथल होंगे इसके साथ ही माता की विदाई नर वाहन पर होगी. पूरे नवरात्रि माता की कृपा पाने के लिए दुर्गा सप्तसती, दुर्गा चालीसा, बीज मंत्र का जाप, भगवती पुराण आदि का पाठ करे से सुख व समृद्धि की प्राप्ति होगी. नवरात्रि में कलश स्थापना का खास महत्व होता है इसलिए इसकी स्थापना सही और उचित मुहूर्त में करनी चाहिए ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है.

कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त

13 अप्रैल 2021. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सामान्य मुहूर्त सुबह 05:43 बजे से 08:43 बजे तक अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:36 बजे से 12:24 बजे तक गुली और अमृत मुहूर्त दोपहर 11:50 बजे से 01:25 बजे तक है.



कलश स्थापना का महत्व

चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापन का महत्व अति शुभ फलदायक है क्योंकि कलश में ही ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र नवग्रहों, सभी नदियों, सागर, सरोवरों, सातों द्वीपों, षोडश मातृकाओं, चौसठ योगिनियों सहित सभी देवी देवताओं का वास होता है. इसलिए विधिपूर्वक कलश पूजन से सभी देवी देवताओं का पूजन हो जाता है.
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