बिहार बंद: हिंसा करने वाले 15 उपद्रवी गिरफ्तार, गुंडा रजिस्टर में भी दर्ज होगा नाम
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बिहार बंद: हिंसा करने वाले 15 उपद्रवी गिरफ्तार, गुंडा रजिस्टर में भी दर्ज होगा नाम
21 नवंबर को राजद के बिहार बंद के दौरान कई जिलों में हिंसा की घटना हुई थी (फाइल फोटो)

राज्य पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने जिलों को कार्रवाई के लिए दो तरह के निर्देश दिये हैं. पहले निर्देश में वैसे उपद्रवियों को गिरफ्तार करने को कहा गया है जो सीसीटीवी (CCTV) और वीडियो फुटेज में आसानी से पहचाने जा सकते हैं.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: December 23, 2019, 10:01 AM IST
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रिपोर्ट- संजय कुमार

पटना. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध की आड़ में बिहार में हिंसा और विरोध को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. यूपी (UP) की तर्ज पर बिहार में भी कानून-व्यवस्था हाथ में लेने वालों पर प्रशासन ने आंखे टेढ़ी कर ली है. पुलिस मुख्यालय ने राजद (RJD) के बन्द के दौरान घटी हर एक घटना की प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. कुल 20 केस बिहार में अब तक दर्ज किये जा चुके हैं साथ ही 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हो रही कार्रवाई



राज्य पुलिस मुख्यालय ने जिलों में तैनात पुलिस अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिये हैं, जहां भी भीड़ ने हिंसा औऱ सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुक्सान पहुचाया है वहां पुलिस वीडियो और सीसीटीवी फुटेज का सहारा ले रही है.
पुलिस मुख्यालय के निर्देश

राज्य पुलिस मुख्यालय ने जिलों को कार्रवाई के लिए दो तरह के निर्देश दिये हैं. पहले निर्देश में वैसे उपद्रवियों को गिरफ्तार करने को कहा गया है जो सीसीटीवी और वीडियो फुटेज में आसानी से पहचाने जा सकते हैं. पुलिस मुख्यालय ने दावा किया है कि बन्द को लेकर जो निर्देश जिले के एसपी को दिये गये थे उसमे सभी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की बात थी, लिहाज़ा आरोपी आसानी से पकड़े जायेंगे. इसके बाद वैसे आरोपियों को पकड़ा जाएगा जो किसी कारणवश वीडियो फुटेज में नहीं आये हो. पकड़े गये आरोपियों से पूछताछ और अनुसंधान के क्रम में ऐसे आरोपियों की पहचान किये जाने का निर्देश जिला स्तर के पुलिस अधिकारियों को दिया गया है. यही नहीं पुलिस मुख्यालय ने यह भी निर्देश दिया है कि हर एक उपद्रवी का नाम गुंडा रजिस्टर में भी दर्ज किया जाये.

बिहार पुलिस मैनुअल की धारा- 1315 और 1316 में गुंडा-पंजी बनाया जाता है

इन धाराओं के तहत पुलिस विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल अपराधियों के नामों का एक रजिस्टर तैयार करती है जिसे गुंडा-पंजी कहा जाता है. आमतौर पर डकैती, लूट, सांप्रदायिक कांड, विधि व्यवस्था को तोड़ने, मादक पदार्थ की तस्करी, विस्फोटक रखने, आर्म्स एक्ट और छेड़खानी के आरोपियो पर लगते है।एक वार इस रजिस्टर ने नाम दर्ज हो जाने के बाद आरोपी सामान्य नागरिक अधिकारों से वंचित हो जाता है ।इसके अलावा पुलिस को ऐसे लोगो पर निगरानी और घरो की तलाशी के अधिकार मिल जाते है.

पुलिस पर भी गंभीर सवाल

21 दिसम्बर को राजद के बिहार बन्द के दौरान हिंसक घटनाओं और बवाल के बाद पुलिस एक्शन में है लेकिन प्रशासनिक मामलों के जानकारों की मानें तो पटना में पुलिस की शिथिलता के कारण ही बन्द के नाम पर असमाजिक तत्वों ने कानून हाथ में लेने का दुःसाहस किया. पिछले 15 दिसम्बर को कारगिल चौक पर हज़ारों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर लाखों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया लेकिन पीरबहोर और गांधी मैदान थाने में केस दर्ज होने के बावजूद हजारी में केवल 6 को ही पकड़ पाई.

21 नवंबर को बिहार बंद के दौरान हुआ था उपद्रव

पुलिस विभाग के सूत्रों ने न्यूज़ 18 को बताया कि 21 को राजद के बिहार बन्द के दौरान उपद्रव और मारपीट करनेवाले लोग वही थे जिन्होंने कारगिल चौक को दहलाया था।ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होना लाजिमी है कि क्या पटना पुलिस किसी दबाब में है?

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