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पहले चरण की वोटिंग: मगध की इन सीटों पर सबकी नजर, पूर्व CM मांझी की साख दांव पर

News18 Bihar
Updated: April 10, 2019, 7:30 AM IST
पहले चरण की वोटिंग: मगध की इन सीटों पर सबकी नजर, पूर्व CM मांझी की साख दांव पर
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लोकसभा चुनाव की पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को होनी है. बिहार के मगध क्षेत्र में चार महत्वपूर्ण लोकसभा सीटों पर इस चरण में वोटिंग होगी, जिसमें एक सीट पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी भी चुनाव मैदान में हैं.

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लोकसभा चुनाव की पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को होनी है. बिहार के मगध क्षेत्र में चार महत्वपूर्ण लोकसभा सीटों पर इस चरण में वोटिंग होगी, जिसमें एक सीट पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी भी चुनाव मैदान में हैं. गया (सुरक्षित), नवादा, औरंगाबाद और जमुई लोकसभा क्षेत्रों में इस दिन वोटिंग होनी है. जमुई सीट पर मौजूदा सांसद एनडीए के गठबंधन तले लोकजनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार हैं. पिछले चुनावों में तो चिराग की नैया मोदी लहर में आसानी से पार हो गई थी लेकिन इन चुनावों में जातीय समीकरणों में उन्हें भी जूझना पड़ रहा है. चारों सीटों के राजनीतिक समीकरण कुछ ऐसे हैं...

गया (सुरक्षित)

गया सीट आरजेडी गठबंधन के तहत हिंदुस्तान अवाम मोर्चा ( हम ) के खाते में है. यहां से हम के मुखिया जीतनराम मांझी चुनाव मैदान में हैं तो वहीं उनके सामने एनडीए के विजय मांझी हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के रामजी मांझी ने यहां से जीत हासिल की थी. जीतनराम तब भी चुनाव मैदान में थे और उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था. लेकिन इस चुनाव में परिस्थितियां थोड़ी भिन्न हैं. जीतन राम के पक्ष में वोटों मांझी, मुस्लिम और यादवों के वोटों की गोलबंदी हो रही है तो वहीं एनडीए के पक्ष में इन जातियों के अलावा वो दूसरी जातियों की गोलबंदी है. एनडीए के विजय मांझी पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव प्रचार कर वोट खींचने की कोशिशों में लगे हैं. कुछ दिनों पहले हुई पीएम मोदी की रैली ने चुनावी समीकरण भी तेजी से बदले हैं. लेकिन इसके बावजूद भी दोनों ही उम्मीदवारों में कड़ी टक्कर है.

गया में चुनावी रैली के दौरान पीएम मोदी


नवादा

इस सीट से एनडीए की तरफ से एलजेपी के प्रत्याशी चंदन सिंह हैं तो वहीं महागठबंधन की ओर से आरजेडी ने विभा देवी को मैदान में उतारा है. नवादा में चुनाव नतीजे जातीय समीकरण से तय होते रहे हैं. पार्टियां भी इसका खयाल रखती हैं. दो बार से यहां बीजेपी का कब्जा है. 2014 में गिरिराज सिंह यहां से जीते थे. उन्होंने आरजेडी के राजवल्लभ यादव को करीब चार डेढ़ लाख वोटों से हराया था.

इस सीट पर सबसे ज्यादा मतदाता भूमिहार बिरादरी के हैं. इसके बाद यादव का नंबर आता है. चुनावी समीकरणों के हिसाब से एमवाई (मुस्लिम-यादव) समुदाय का वोट महागठबंधन की तरफ जा सकता है. वहीं एनडीए के प्रत्याशी को सवर्णों और अतिपिछड़ा वर्ग से एकमुश्त वोट की आस है.
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औरंगाबाद

औरंगाबाद में इस बार का मुकाबला काफी रोचक है क्योंकि कांग्रेस का कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं है. मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच है. एनडीए से मौजूदा बीजेपी सांसद सुशील कुमार सिंह मैदान में हैं, वहीं महागठबंधन से हम पार्टी के उपेंद्र प्रसाद हैं. सुशील सिंह यहां 2009 और 2014 का चुनाव जीत चुके हैं. उपेंद्र प्रसाद पहली बार लोकसभा की लड़ाई लड़ रहे हैं. 2014 में बीजेपी प्रत्याशी सुशील कुमार सिंह को कुल 3,07,941 वोट मिले थे. वहीं कांग्रेस उम्मीदवार निखिल कुमार 2,41,594 मतों के साथ दूसरे नंबर रहे थे.

इस सीट पर राजपूत प्रत्याशियों का दबदबा रहा है. इसका कारण ये है कि यहां राजपूत समुदाय की संख्या सबसे ज्यादा है. लगभग 2 लाख की संख्या है. इसके अलावा डेढ़ लाख की जनसंख्या के साथ यादव दूसरे नंबर पर हैं. साथ ही मुस्लिमों की आबादी 1.25 लाख है. औरंगाबाद सीट पर कुशवाहा जाति के लोगों की संख्या 1.25 लाख, भूमिहार एक लाख और एससी 2 लाख 75 हजार है.

जमुई

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जमुई सीट पर बिहार की राजनीति में तेजी से उभरे चिराग पासवान प्रत्याशी हैं. एक्टिंग में हाथ आजमाने के बाद 2014 के चुनाव में यहां भाग्य आजमाने पहुंचे चिराग का स्वागत जीत ने किया था. जमुई लोकसभा क्षेत्र तीन जिलों मुंगेर, जमुई और शेखपुरा में फैला हुआ है. नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने से चिराग को महादलितों का समर्थन भी हासिल हो सकता है. क्षेत्र में लगभग 15.5 लाख मतदाता हैं, जिनमें 46.58 प्रतिशत महिलाएं हैं.

लोकजनशक्ति पार्टी की स्थापना भले राम विलास पासवान ने की हो लेकिन पिछले समय में चिराग पासवान तेजी से पार्टी के मुख्य नेता के तौर उभरे हैं. हालांकि जातीय समीकरण के आधार पर देखा जाए तो पड़ोसी क्षेत्र बांका में राजपूत नेत्री पुतुल कुमारी के बीजेपी से निष्कासन का असर यहां भी राजपूत वोटरों में देखा जा रहा है. पुतुल के दिवंगत पति दिग्विजय सिंह यहा के सम्मानित नेता थे.

चिराग के सामने इस बार महागठबंधन के तहत आरएलएसपी के भूदेव चौधरी मैदान में हैं, जो पहले भी यहां से सांसद रह चुके हैं. भूदेव चौधरी भी इलाके कद्दावर नेता माने जाते हैं.

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First published: April 10, 2019, 7:30 AM IST
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