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प्रदूषण के कारण बिहार में पांच गुना बढ़े मरीज, छोटे जिलों में ज्यादा परेशानी

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Updated: November 26, 2019, 3:53 PM IST
प्रदूषण के कारण बिहार में पांच गुना बढ़े मरीज, छोटे जिलों में ज्यादा परेशानी
प्रदूषण के कारण बिहार में सांस के पांच गुना मरीज बढ़ गए हैं. (फाइल फोटो)

साल 2009 में बिहार में श्वास के करीब दो लाख रोगी थे. जिनकी नौ साल में पांच गुना से अधिक संख्या बढ़ गई है. 2018 में इन रोगियों की संख्या बढ़कर 11 लाख से ऊपर पहुंच गई है.

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  • Last Updated: November 26, 2019, 3:53 PM IST
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पटना : राजधानी दिल्ली ही नहीं बल्कि बिहार में भी लोग प्रदूषण की मार झेल रहे हैं. साल 2009 में बिहार में श्वास के करीब दो लाख रोगी थे. जिनकी नौ साल में पांच गुना से अधिक संख्या बढ़ गई है. 2018 में इन रोगियों की संख्या बढ़कर 11 लाख से ऊपर पहुंच गई है. इसका कारऩ बढ़ते प्रदूषण को बताया जा रहा है.

राज्य स्वास्थ्य समिति के आंकड़ों की मानें तो 2009 में राज्य में श्वास रोगियों की संख्या दो लाख से थोड़ी अधिक थी, लेकिन 2018 वह बढ़कर 11 लाख के करीब पहुंच गई. जानकर बताते हैं रोगियों के बढ़ने की वजह वायु प्रदूषण है. आंकड़ों में पता चला है कि ऐसे रोगियों की संख्या बेगूसराय, वैशाली और जमुई जैसे छोटे जिलों में बढ़ रही है, जहां वायु प्रदूषण को मांपने के लिए आवश्यक यंत्र तक नहीं हैं.

राज्य स्वास्थ्य समिति की स्टेट इपीडमिक विशेषज्ञ डॉ. रागिनी मिश्रा ने बताय़ा कि आंकड़ों को राज्य के सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों से जुटाया गया है. इनमें 2009 से 2018 तक के आंकड़े जिलावार मौजूद है. आंकड़ों के मुताबिक राजधानी पटना में सांस संबंधी रोगियों की संख्या में तो बहुत अंतर नहीं आया है, मगर जमुई और वैशाली जैसे छोटे जिलों में सांस के रोगियों की संख्या में बीस से 25 गुना तक की बढ़ोतरी हुई है.

वैशाली जिले में 2009 में चार हजार मरीजों ने सांस रोग का उपचार कराया था, वहीं 2018 में यह संख्या एक लाख के करीब पहुंच गई है. वहीं जमुई जिले में भी मरीजों की संख्या 6 हजार के पार हो गई हैं.

इन जिलों में भी बढ़े मरीज
बिहार के छोटे जिलो में जैसे बेगुसराय, अररिया, भोजपुर आदि में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. दुखद तथ्य यह है कि इन जिलों के प्रदूषण का स्तर मापने के लिए कोई यंत्र नहीं लगा है. राज्य में सिर्फ तीन प्रदूषण मापक यंत्र वायु प्रदूषण के स्तर की नियमित रीडिंग करते हैं.

राज्य स्वास्थ्य समिति हेल्थ एडवाइजरी जारी की
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छह नवंबर को राज्य स्वास्थ्य समिति में राज्य में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए हेल्थ एडवाइजरी जारी की थी, उस पत्र में राज्य के तीन शहरों में लगे प्रदूषण मापक यंत्र के आंकड़ों का हवाला दिया था. इसके तहत कहा गया था कि जब तक राज्य में प्रदूषण का स्तर बेहतर न हो ज्यादा वक़्त घर में रहें. इसके साथ ही 21 नवंबर को राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने भी हेल्थ एडवाइजरी जारी की. आपको बता दें कि 23 नवंबर को पटना का एक्यूआई इंडेक्स 401 पहुंच गया था.

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First published: November 26, 2019, 3:47 PM IST
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