बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण कर बोले सीएम नीतीश कुमार, रिलीफ कैंप में कोई कमी न हो

अररिया जिले के बाढ़ प्रभावित फारबिसगंज में दुल्हा और दुल्हन प्लास्टिक ड्रम से बनी नाव में बैठकर नदी पार कर रहे हैं. नाव को कुछ लोग पानी में आधे डूबकर खींच रहे हैं.

News18 Bihar
Updated: July 14, 2019, 11:53 PM IST
बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण कर बोले सीएम नीतीश कुमार, रिलीफ कैंप में कोई कमी न हो
बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण कर बोले सीएम नीतीश कुमार, रिलीफ कैंप में कोई कमी न हो.
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Updated: July 14, 2019, 11:53 PM IST
बिहार में भीषण बाढ़ को देखते हुए रविवार को मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने राहत व बचाव अभियान को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में मुख्‍यमंत्री ने कई महत्‍वपूर्ण निर्देश दिए. मुख्‍यमंत्री ने बैठक के बाद रविवार को बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. उन्‍होंने हवाई सर्वेक्षण कर हालात की जानकारी ली. वहीं उपमुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर है. बिहार के शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, अररिया, दरभंगा, सुपौल, किशनगंज आदि जिले बाढ़ में डूबे हुए हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक के बाद बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया. उनके साथ बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा भी थे. इस दौरान उन्‍होंने संबंधित जिलों के प्रशासन को भी कई निर्देश दिए.

भारी बारिश के चलते बिहार के कई जिले भयंकर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. बाढ़ के कारण राज्य में लोगों का जीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. ऐसे में अररिया जिले के फारबिसगंज से एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें भीषण बाढ़ में एक प्लास्टिक ड्रम से बनी नाव में दुल्हन को विदा करते हुए देखा जा सकता है.



दरअसल मामला राज्य के अररिया जिले के फारबिसगंज इलके का है. जहां एक वीडियो में दुल्हा और दुल्हन प्लास्टिक ड्रम से बनी नाव में बैठ हुए दिखाई दे रहे हैं. जबकि कुछ लोग पानी में नाव को खींचते हुए चल रहे हैं. इस वीडियों से बिहार के लोगों की बाढ़ के चलते हो रही कठिनाई को समझा जा सकता है.


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भारी बारिश के चलते बढ़ा रहा है नदियों का जलस्तर
उत्तरी बिहार के नेपाल से सटे इलाकों में पिछले कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है. जिलके कारण राज्य की कई नदियों में पानी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी हैं. राज्य के कम से कम छह जिलों में इस समय भीषण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है. राज्य के कई स्थानों पर रेल पटरियों पर पानी चढ़ जाने से रेल यातायात बाधित हुआ है.

भीषण बाढ़ के कारण राज्य की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई है. लोगों को रोजमर्रा के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि कोसी नदी के तटबंध का काम 2008 में पूरा कर लिया गया है. साथ ही उसके मरम्मत का काम भी बारिश से पहले हो जाने की वजह से नदी के पूर्वी इलाके में बाढ़ का खतरा पहले के मुकाबले कम हुआ है.

कई इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी
फिलहाल राज्य के तराई वाले इलाकों में भारी बारिश हो रही है. जिसके चलते कोसी और उसकी सहायक नदियों को जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. कई प्रभावित इलाकों में नदी के बाढ़ का पानी घुस गया है. वीरपुर बैराज के बाढ़ नियंत्रण कक्ष का कहना है कि कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. इसके अलावा नेपाल में भारी बारिश से गंडक बैराज का भी जलस्तर बढ़ गया है.

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