Bihar Election 2020: टिकट कटते ही इमोशनल हुए पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय, फेसबुक पर लिखा पोस्ट

नीतीश कुमार के साथ गुप्तेश्वर पांडेय (फाइल फोटो)
नीतीश कुमार के साथ गुप्तेश्वर पांडेय (फाइल फोटो)

बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (IPS Gupteshwar Pandey) के इस इमोशनल पोस्ट पर काफी लोगों ने प्रतिकिया दी है. DGP रहते हुए गुप्तेश्वर पांडेय ने वीआरएस लिया था और जेडीयू में शामिल हुए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 8, 2020, 2:50 PM IST
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पटना. वीआरएस लेकर राजनीति में आए बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (Ex DGP Gupteshwar Pandey) को विधानसभा चुनाव में जेडीयू (JDU) का टिकट नहीं मिल सका है. बिहार की बक्सर सीट से टिकट के प्रबल दावेदार गुप्तेश्वर पांडेय के चुनाव लड़ने की संभावनाएं उस वक्त खत्म हो गईं, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बक्सर सीट से अपने उम्मीदवार के तौर पर परशुराम चतुर्वेदी के नाम की घोषणा कर दी. इसके बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर से सरगर्मी बढ़ गई. दरअसल, कुछ दिन पहले बिहार के पूर्व पुलिस अधिकारी ने नौकरी से स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर जदयू का दामन थामा था.

कयास लगाए जा रहे थे कि वह बक्सर सीट (जो कि उनका पैतृक जिला भी है) से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे, लेकिन यह सीट बीजेपी के खाते में थी. ऐसे में गुप्तेश्वर पांडेय की मुश्किलें लगातार बढ़ रही थीं और नामांकन के अंतिम दिन कुछ घंटे पहले ही बक्सर सीट से बीजेपी के खाते से परशुराम चतुर्वेदी के नाम का ऐलान कर दिया गया. पांडेय को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि उनको जेडीयू वाल्मीकि नगर लोकसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ाएगी, लेकिन वहां से भी गुप्तेश्वर पांडेय को पार्टी ने टिकट नहीं दिया है. इसको लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें चल रही हैं. सोशल मीडिया में जबरदस्त फैन फॉलोइंग रखने वाले गुप्तेश्वर पांडेय ने इस घटना के बाद एक पोस्ट लिखा है और अपने शुभचिंतकों से धैर्य धारण करने की अपील की है.

पांडेय ने किया फेसबुक पोस्‍ट
गुप्‍तेश्‍वर पांडेय ने फेसबुक पर पोस्‍ट लिखा, 'अपने अनेक शुभचिंतकों के फ़ोन से परेशान हूं. मैं उनकी चिंता और परेशानी भी समझता हूं. मेरे सेवामुक्त होने के बाद सबको उम्मीद थी कि मैं चुनाव लड़ूंगा, लेकिन मैं इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहा. हताश निराश होने की कोई बात नहीं है. धीरज रखें. मेरा जीवन संघर्ष में ही बीता है. मैं जीवन भर जनता की सेवा में रहूंगा. कृपया धीरज रखें और मुझे फ़ोन न करें. बिहार की जनता को मेरा जीवन समर्पित है. अपनी जन्मभूमि बक्सर की धरती और वहां के सभी जाति मज़हब के सभी बड़े-छोटे भाई-बहनों माताओं और नौजवानों को मेरा पैर छू कर प्रणाम! अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें!'



अपने अनेक शुभचिंतकों के फ़ोन से परेशान हूँ। मैं उनकी चिंता और परेशानी भी समझता हूँ। मेरे सेवामुक्त होने के बाद सबको...Posted by Gupteshwar Pandey on Wednesday, October 7, 2020




मालूम हो कि 1987 बैच के आईपीएस अफसर रहे गुप्तेश्वर पांडेय ने बिहार की राजनीति में 11 साल पहले यानी 2009 में भी उतरने की कोशिश की थी. साल 2009 में आईजी रहते हुए उन्होंने वीआरएस लिया था और उस साल के लोकसभा का चुनाव भी वो बक्सर से ही लड़ना चाहते थे, लेकिन टिकट नहीं मिला था. बाद में उन्होंने वीआरएस वापस ले लिया था.
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