दो दिन बाद राजकीय सम्मान के साथ हुआ मेवालाल चौधरी का अंतिम संस्कार, पिता का चेहरा भी नहीं देख सका विदेश से पहुंचा बेटा

पटना में मेवालाल चौधरी के अंतिम संंस्कार में शामिल लोग

पटना में मेवालाल चौधरी के अंतिम संंस्कार में शामिल लोग

Mevalal Choudhary Death: बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रहे जेडीयू के विधायक मेवालाल चौधरी की मौत कोरोना के कारण हो गई थी. उनके निधन के बाद सीएम नीतीश कुमार ने पुत्र से फोन पर बात कर के उनको ढाढस बंधाया.

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पटना. बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और वर्तमान में तारापुर के विधायक रहे मेवालाल चौधरी (JDU MLA Mevalal Choudhary Death) का अंतिम संस्कार बुधवार को पटना के गुलबी घाट पर किया गया. उनका अंतिम संस्कार बड़े बेटे रविप्रकाश ने मुखाग्नि देकर किया. कैलिफोर्निया से पटना रविप्रकाश अपने पिता का अंतिम संस्कार करने पटना पहुंचे थे. गुलबी घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, बिहार सरकार के मंत्री सम्राट चौधरी, पटना डीएम और एसएसपी सहित कई लोग शामिल हुए .

पिता की मौत के बाद कैलिफोर्निया से आनन-फानन में पटना पहुंचे , मेवालाल चौधरी के बड़े पुत्र रवि प्रकाश मुखाग्नि देते वक्त अपने पिता का अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाए. कोरोना से निधन होने के कारण मेवालाल चौधरी का पार्थिव शरीर खास तरह के पैकेट में रखा हुआ था जिसे संक्रमण बढ़ने के खतरे के कारण जिला प्रशासन ने खोलने की अनुमति नहीं दी. पिछले 3 दिनों से मेवालाल चौधरी का पार्थिव शरीर पारस हॉस्पिटल के शव गृह में रखा हुआ था. मेवालाल चौधरी के दूसरे पुत्र मुकुल भास्कर ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं जिन्हें बढ़ते संक्रमण के कारण भारत आने की अनुमति नहीं मिल सकी जिसके कारण वे अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाए.

मेवालाल चौधरी के बड़े पुत्र रवि प्रकाश पटना पहुंचे जहां से वो सीधे पारस हॉस्पिटल गए और अपने पिता का पार्थिव शरीर लिया जिसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी रवि प्रकाश से फोन पर बातचीत की और उन्हें इस दुख की घड़ी में सांत्वना दी. मेवालाल चौधरी का निधन कोरोना के कारण 19 अप्रैल सोमवार को पटना के पारस अस्पताल में हो गया था.

उनके दोनों बेटे विदेश में रहते थे लिहाजा उस दिन उनका अंतिम संस्कार नहीं हुआ था. सीएम नीतीश कुमार ने मेवालाल चौधरी के निधन के बाद राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार की घोषणा की थी. अंतिम संस्कार के बाद बाकी का क्रिया कर्म उनके पैतृक आवास तारापुर के कमर गामा में किया जाएगा.
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