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राजपूत वोटों पर है नीतीश कुमार की नजर, चुनावी साल में होगी आनंद मोहन की रिहाई !
Patna News in Hindi

Anand Amrit Raj | News18 Bihar
Updated: February 13, 2020, 9:56 AM IST
राजपूत वोटों पर है नीतीश कुमार की नजर, चुनावी साल में होगी आनंद मोहन की रिहाई !
बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन की फाइल फोटो

जेल में बंद पूर्व सांसद आनंद मोहन (Anand Mohan) की लिखी पुस्तक "गांधी" (कैक्टस के फूल) के लोकार्पण के मौक़े पर पटना (Patna) में एक बड़ा आयोजन हो रहा है. इस आयोजन में राष्ट्रीय स्तर के कई राजपूत चेहरे शामिल हो रहे हैं.

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पटना. बिहार में इसी साल के अंत तक विधानसभा (Bihar Assembly Election) के चुनाव होने हैं. चुनावी साल में जो मुद्दे चर्चा हैं उनमें एक मुद्दा दबंग और बाहुबली जैसे नामों से जाने जाने वाले एक राजनेता की रिहाई का भी है जो फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे है. हम बात कर रहे हैं पूर्व सांसद आनंद मोहन (Anand Mohan) की जिनकी रिहाई को लेकर फिर से चर्चा तेज है. सवाल ये है कि क्या चुनावी साल में जेल में बंद आनंद मोहन की रिहाई होगी. इसकी आशा तब दिखी जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने महाराणा प्रताप के पुण्य तिथि के मौक़े पर आयोजिक राजपूतों के सम्मलेन में ये इशारा किया था की आनंद मोहन उनके भी मित्र हैं और वो कोशिश करेंगे की आनंद मोहन की रिहाई हो.

पटना में होना है कार्यक्रम

इसके बाद से आनंद मोहन की रिहाई के लिए प्रयास तेज़ हो गया है. समर्थकों ने इसके लिए पटना में पूर्व सांसद और जेल में बंद आनंद मोहन की जेल में लिखी पुस्तक "गांधी" (कैक्टस के फूल) का लोकार्पण के मौक़े पर एक बड़ा आयोजन करने की तैयारी में लग गए हैं. इस आयोजन में राष्ट्रीय स्तर के कई साहित्यकार, शायर, रंगकर्मी, अभिनेता और राजनेता 15 फरवरी को पटना के 'बापू सभागार' में जुटान करेंगे और इस बहाने सरकार से अपील की जाएगी की आनंद मोहन की रिहाई जल्द से जल्द हो.



पत्नी बोलीं- अब होनी चाहिए आनंद मोहन की रिहाई



लोकार्पण समारोह की सफलता के लिए आनंद मोहन की पत्नी और पूर्व सांसद लवली आनंद सहित फ्रेंड्स ऑफ आनंद के नेता पूरे बिहार का दौरा कर रहे हैं. लवली आनंद ने कहा कि आनंद मोहन की रिहाई अब हो जानी चाहिए क्योंकि जितनी सज़ा उन्हें काटनी थी क़ानूनी रूप से उन्होंने काट ली है और आज आनंद मोहन गांधी के रास्ते पर चल रहे हैं. पटना के बापू सभागार में लोकार्पण समारोह में जो प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी उनमें प्रसिद्ध साहित्यकार बुद्धिनाथ मिश्र, कवयित्री डॉ. सरिता शर्मा, पूर्व कुलपति डॉ. रिपुसूदन श्रीवास्तव, कवि गजेन्द्र सोलंकी, कवि अवध बिहारी सिंह, मशहूर शायर डॉ. वसीम खान, अन्ना देहलवी, डॉ. जाकिर हुसैन, प्रोफेसर एहशान शाम, मैथिली गीतकार सुरेश पंकज, फ़िल्म अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र, शामिल हैं.

इन दिग्गजों का होगा जुटान

इस जुटान में उतर प्रदेश के कुछ बड़े राजनीतिज्ञ भी शामिल हो रहे हैं जिनमे समाजवादी नेता और पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव, विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, राजस्थान से मंत्री प्रताप सिंह शेखावत 'खाचरियावास', मध्यप्रदेश से मंत्री राज्यवर्धन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री दशई चौधरी हैं. दरअसल आनंद मोहन तत्कालीन गोपालगंज DM जी कृष्णैय्या की हत्या के आरोप में जेल मे आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे हैं. उनकी रिहाई के लिए उनके समर्थक लगातार प्रयास कर रहे हैं. चुनावी साल में आनंद मोहन की रिहाई अगर हुई तो इसका असर पड़ना तय है और यही वजह है की नीतीश कुमार तक आनंद मोहन से अपनी दोस्ती दिखाने से परहेज़ नहीं कर सके हैं.

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First published: February 13, 2020, 9:44 AM IST
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