लाइव टीवी

Inside Story: लालू की खास रणनीति! फैसल अली तो बहाना था, 'AD' की एंट्री करानी थी
Patna News in Hindi

News18 Bihar
Updated: March 13, 2020, 9:05 AM IST
Inside Story: लालू की खास रणनीति! फैसल अली तो बहाना था, 'AD' की एंट्री करानी थी
जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के प्रेशर पॉलिटिक्स को अब बर्दाश्त करने के मूड में आरजेडी नहीं है.

अमरेंद्रधारी सिंह यानी AD से पहले फैसल अली के नाम की चर्चा जोरों पर रही. दरअसल, इसके पीछे लालू (Lalu Yadav) की एक बड़ी रणनीति थी. लालू फैसल अली के जरिये विरोधियों और बाकी दावेदारों को उलझाना चाहते थे.

  • Share this:
पटना. अमरेंद्रधारी सिंह (Amarendhari Singh) उर्फ AD! यह वही नाम है जिसे पार्टी की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित कर एक झटके में नेतृत्‍व ने आरजेडी (RJD) की परंपरागत राजनीति को बदलने के संकेत दे दिया. सवाल उठ रहे हैं कि जिस लालू प्रसाद यादव ने 'भूरा बाल साफ करो' (1990 के दशक में सवर्ण विरोध के नाम पर गढ़ा गया RJD का नारा) के नारे के सहारे जातिगत विद्वेष की राजनीति के सहारे अपनी सत्ता 15 वर्षों तक बरकरार रखी, पार्टी ने आखिर उससे अचानक कैसे किनारा कर लिया? क्या यह तेजस्वी यादव का फैसला है? या फिर ये लालू यादव की खास रणनीति?

लालू का क्या है AD कनेक्शन
दरअसल, जिस AD यानि अमरेंद्रधारी सिंह का नाम चर्चा में है, उनसे विरोधी तो विरोधी, आरजेडी के दिग्गज नेता भी अनजान रहे. हालांकि, पार्टी के सूत्र बताते हैं कि लालू अमरेंद्रधारी सिंह को वर्षों से जानते हैं. वह पिछले चार साल से लगातार लालू यादव के संपर्क में भी रहे हैं. कई मौकों पर वह लालू के साथ भी खड़े रहे, फिर भी खुलकर वो कभी भी सबके सामने नहीं आए. आखिरकार जब वह अपने मिशन में कामयाब हुए, तब इसका खुलासा हुआ. खबर तो ये भी है कि AD के अलावा केवल तीन लोग ही जानते थे कि वह राज्यसभा के लिए आरजेडी के उम्मीदवार होंगे. सबसे पहले खुद लालू यादव या फिर तेजस्वी और फिर जगदानंद सिंह.

फैसल अली तो बहाना था...



AD से पहले जिस नाम की चर्चा जोरों पर रही और जिस फैसल अली पर सबसे बड़ा दांव लगता रहा. दरअसल, इसके पीछे लालू की एक बड़ी रणनीति थी. लालू फैसल अली के जरिये विरोधियों और बाकी दावेदारों को उलझाना चाहते थे. खुद फैसल अली को भी यह नहीं पता था कि लालू का उन्हें दिया गया आश्वासन दरअसल एक गेमप्लान का हिस्सा है.



फैसल अली से पहले लालू ने रघुवंश प्रसाद सिंह, शरद यादव, शत्रुघ्न सिन्हा सहित कई बड़े दिग्गजों को भी कुछ ऐसा ही आश्वासन दिया था. लेकिन, लालू को AD ही पसंद थे और उन्होंने वही किया जो उनकी प्लानिंग थी. इस बात की जानकारी लालू के बाद केवल तेजस्वी यादव को ही थी. लालू के कहने पर ही तेजस्वी ने कांग्रेस के बड़े नेताओं से संपर्क किया और फिर उन्हें राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस आलाकमान को मना भी लिया.

AD के रास्ते लालू का सवर्ण कार्ड
लालू यादव एक मजे हुए राजनेता हैं. जाहिर है अमरेंद्रधारी सिंह पर लालू ने यूं ही दांव नहीं लगाया है. दरअसल, AD भूमिहार जाति से आते हैं. भले ही राजनीति में बाकी भूमिहार नेताओं से वो थोड़े पीछे हों, लेकिन उनका बहुत पुराना और बिहार का एक बड़ा सियासी घराना रहा है, जिसके दम पर वो ललन सिंह,अखिलेश सिंह, अरुण कुमार जैसे भूमिहार जाति के नेताओं को चुनौती भी दे रहे हैं.

मैसेज देने की कोशिश
आरजेडी को अमरेंद्रधारी से भविष्य में कितना फायदा होगा ये कह पाना तो मुश्किल है, लेकिन लालू AD के जरिये विरोधियों और ख़ासकर भूमिहार (सवर्ण) समाज में एक मैसेज देने की कोशिश में हैं कि भूमिहार समाज के वो न तो दुश्मन हैं और न ही भूमिहार के लिए आरजेडी कोई अछूता है. अमरेंद्रधारी की पहचान एक बड़े कारोबारी के तौर पर भी होती है रियल स्टेट समेत, केमिकल सेक्टर के कई कारोबार से उनसे जुड़े हैं.

ये भी पढ़ें


गया: फिर मिला कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज, ANMMCH के आइसोलेशन वार्ड में कराया गया भर्ती




बिहार: कई जिलों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट, आंधी और वज्रपात के साथ बारिश के आसार

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 13, 2020, 8:48 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading