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बिहार में शिक्षकों का हो रहा गूगल सर्वे, पता चलेगा पढ़ाने के अलावा करते हैं वो कौन-कौन काम

बिहार में शिक्षकों का हो रहा गूगल सर्वे, पता चलेगा पढ़ाने के अलावा करते हैं वो कौन-कौन काम

बिहार में सरकारी शिक्षकों से शैक्षणिक के अलावा कई गैर शैक्षणिक कार्यों में भी योगदान लिया जाता है

बिहार में सरकारी शिक्षकों से शैक्षणिक के अलावा कई गैर शैक्षणिक कार्यों में भी योगदान लिया जाता है

Bihar News: केंद्र सरकार ने बिहार समेत देश भर के शिक्षकों के शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कार्यों का सर्वे कराने का निर्णय लिया है. गूगल के द्वारा यह सर्वे आरंभ हो गया है. केंद्र के स्कूली शिक्षा और साक्षरता मंत्रालय के निर्देश पर बिहार में भी यह काम 15 फरवरी तक किया जाना है. इस गूगल सर्वे के परफार्मा में अलग-अलग खाने बने हैं. इसमें शिक्षकों से एक-एक विवरण मांगा गया है

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पटना. बिहार के सरकारी शिक्षकों (Government Teachers) को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य कई कार्यों में भी लगाया जाता है. हाल ही में सरकार ने उन्हें शराबियों व शराब कारोबारियों (Liquor Mafia) के बारे में जानकारी देने की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है. शिक्षक संघ लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने का विरोध करते आया है. मगर सरकार के दबाव में शिक्षकों को तमाम गैर-शैक्षणिक कार्य करने पड़ते हैं. अब बिहार के शिक्षकों (Bihar Teachers) के शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कार्यों का गूगल सर्वे (Google Survey) शुरू हुआ है.

केंद्र सरकार ने बिहार समेत देश भर के शिक्षकों के शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कार्यों का सर्वे कराने का निर्णय लिया है. गूगल के द्वारा यह सर्वे आरंभ हो गया है. केंद्र के स्कूली शिक्षा और साक्षरता मंत्रालय के निर्देश पर बिहार में भी यह काम 15 फरवरी तक किया जाना है. इस गूगल सर्वे के परफार्मा में अलग-अलग खाने बने हैं. इसमें शिक्षकों से एक-एक विवरण मांगा गया है. मसलन कितने दिन साल में छुट्टी पर रहे और क्यों रहे, वर्ग कक्ष में औसतन कितनी देर पढ़ाया, कितने वक्त की उन्होंने ड्यूटी दी जो शैक्षणिक नहीं है. इसके अलावा, किताब और लर्निंग मेटेरियल मिलने में देरी से लेकर बच्चों को स्पोर्ट्स समेत अन्य गतिविधियों पर बिताए गए समय का विवरण भी मांगा गया है.

शिक्षकों से मजबूरीवश महत्वपूर्ण कार्यों में लिया जाता है सहयोग

इस मामले में राज्य के शिक्षा मंत्री विजय चौधरी का कहना है कि मजबूरीवश शिक्षकों से अन्य कार्य लिए जाते हैं. वो यह मानते हैं कि इससे बच्चों के शिक्षा पर असर पड़ता है. लेकिन, सरकार की मजबूरी है कि कई बार चुनाव जैसे अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में शिक्षकों का योगदान लिया जाता है.

दरअसल केंद्र सरकार की शिक्षा नीति 2022 में यह अवधारणा है कि शिक्षकों के द्वारा शिक्षा में मूलभूत सुधार लाया जा सकता है. गैर शैक्षणिक गतिविधियों में ज्यादा समय व्यतीत होने से रोकने के लिए शिक्षकों के ऐसे कार्य जो सीधे शिक्षण से संबंधित नहीं हैं उनको करने की अनुमति नहीं होगी. इसको लेकर भारत सरकार के स्कूल शिक्षा और साक्षरता मंत्रालय द्वारा दो गूगल सर्वे करवाया जा रहा है. मकसद है कि शिक्षकों द्वारा गैर शैक्षणिक कार्यों में कितना समय व्यतीत किया जा रहा है, इसकी जानकारी इक्टठा करना.

इस सर्वे को लेकर शेखपुरा मध्य विद्यायल के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार का कहना है कि सरकार को नई शिक्षा नीति लागू करनी चाहिए जिसमें शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से दूर रखने की बात कही गई है. केंद्र सरकार के इस सर्वे का असर जरूर होगा क्योंकि सभी को यह मालूम होनी चाहिए कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाने से ज्यादा सरकार के अन्य कामकाज में लगे होते हैं.

Tags: Bihar education, Bihar News in hindi, Bihar Teacher, Google, Teachers day

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