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जमीन से जुड़े कागजात के लिए अब नहीं लगाने होंगे दफ्तर के चक्कर, जानें नीतीश सरकार का प्लान

बिहार में अब एक क्लिक से मिलेगी जमीन से जुड़ी सारी जानकारी (सांकेतिक चित्र)

Bihar Land Department Online System: अंचलों में बन रहे रिकॉर्ड रूम में कुल 26 तरह के दस्तावेज रहेंगे जो डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे. इसमें जमीन का नक्शा, खतियान जैसी चीजें रहेंगी.

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पटना. बिहार में जमीन विवाद कोई नई बात नहीं है. आए दिन जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद सामने आते रहता है. जमीन के कागजात (Land Certificate) का मुद्दा लोगों के लिए एक गंभीर समस्या है. लोगों को अपनी जमीन के दस्तावेज के लिए सरकारी दफ्तरों और कर्मचारियों के पीछे चक्कर काटना पड़ता है, लेकिन अब बिहार में सरकार इन समस्याओं का मजबूत समाधान लाने जा रही है. इसकी तैयारी में सरकारी विभाग लगा हुआ है. अब लोग घर बैठे ही ऑनलाइन अपने जमीन का दस्तावेज निकाल सकेंगे.

सरकार फिलहाल सभी अंचलों में एक रिकॉर्ड रूम तैयार कर रही है. जिस अंचल में रिकॉर्ड रूम तैयार हो जाएगा, उसमें यह सुविधा उपलब्ध होती चली जाएगी. इस काम के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर का नियोजन भी किया जा रहा है. बता दें कि अंचलों में बन रहे रिकॉर्ड रूम में कुल 26 तरह के दस्तावेज रहेंगे जो डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे. इनमें जमीन का नक्शा, खतियान, रजिस्टर टू आदि शामिल रहेंगे. अभी जमीन का केवल नक्शा ऑनलाइन मिल रहा है. जल्द ही सारे कागजात ऑनलाइन मिलने लगेंगे.

तैयार की जा रही नियमावली
जमीन विवाद और कागजात की परेशानियों को दूर करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सभी अंचलों में बन रहे रिकॉर्ड रूम के संचालन की नियमावली तैयार कर रहा है. यह नियमावली अगले महीने तक तैयार हो जाएगी. इस नियमावली के तहत लोगों को रिकॉर्ड रूम में रखे जमीन के दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे. अब लोगों को कर्मचारियों के पीछे दौड़ लगाने से छुटकारा मिल जाएगा.

अभी शुल्क तय नहीं
अभी इसके शुल्क को लेकर कोई फैसला सामने नहीं आया है. तय होने के बाद ही यह पता चलेगा कि किस दस्तावेज को पाने के लिए कितने रुपये खर्च करने होंगे. गौरतलब है कि विभाग अभी सभी प्रकार के दस्तावेजों को डिजिटल फॉर्म में तब्दील कर रहा है. जानकारी के अनुसार, 400 से अधिक अंचलों में रिकॉर्ड रूम बनकर तैयार हो चुका है.