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जल-जीवन-हरियाली: तीन साल में खर्च होंगे साढ़े 24 हजार करोड़, पढ़ें नीतीश सरकार का मास्टर प्लान

Neel kamal | News18 Bihar
Updated: November 28, 2019, 1:39 PM IST
जल-जीवन-हरियाली: तीन साल में खर्च होंगे साढ़े 24 हजार करोड़, पढ़ें नीतीश सरकार का मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जल जीवन हरियाली योजना (फाइल फोटो)

जल जीवन हरियाली अभियान के तहत 11 सूत्री कार्यक्रम पर काम किया जाएगा. इसमें तालाब-पोखर, आहर-पइन, कुंओं का जीर्णोद्धार और उनको अतिक्रमण से मुक्त कराना भी शामिल है.

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पटना. गुरुवार 28 नवंबर को बिहार विधानमंडल में नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन हरियाली (Jal Jivan Hariyali Scheme) पर विशेष चर्चा हो रही है. गौरतलब है कि 2 अक्टूबर को ही बिहार सरकार ने जल-जीवन हरियाली अभियान की शुरुआत की थी. जल जीवन हरियाली पर चर्चा के प्रस्तावक विधान पार्षद संजीव कुमार ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम कितना महत्वपूर्ण है. बिहार (Bihar) की प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद (RJD) ने इस चर्चा का समर्थन किया है. राजद नेता रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि इस योजना में यह भी काम किया जाए कि जल की पवित्रता बची रहे.


केंद्र सरकार से प्रेरित है योजना

दरअसल, यह योजना केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में शुरू किए गए “प्रधानमंत्री जल जीवन अभियान” की तरह ही है जिसके लिए केंद्रय सरकार ने अलग से जल शक्ति मंत्रालय भी बनाया है. जल-जीवन-हरियाली अभियान को बिहार सरकार मिशन मोड में चलायेगी. तीन साल तक चलने वाले इस अभियान पर कुल 24 हजार 524 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. मिशन को तेज गति देने के लिए सोसायटी एक्ट के तहत निबंधन कराया जायेगा. कार्यों की निगरानी के लिए राज्य और जिला स्तर पर परामर्शदाता समिति का गठन भी किया जायेगा.



राज्य के जल-स्तर में लगातार हो रही है गिरावट

बिहार सरकार की समझ है कि पिछले कई वर्षों से जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षापात में कमी और भू-जल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. राज्य के सभी इलाकों में भू-जल स्तर में गिरावट आने की वजह से पेयजल की समस्या के साथ-साथ फसलों के उत्पादन पर भी खास प्रभाव पड़ा है. नीतीश सरकार ने इसी साल 13 जुलाई  को विधानमंडल के सभी सदस्यों की संयुक्त बैठक की थी जिसमें इस आपदाजनक स्थिति से निपटने के लिए गहन विचार विमर्श किया गया था.

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किस साल में खर्च होगी कितनी राशि

इस अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं पर 2019-20 में 5870 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे. 2020-21 में 9874 करोड़ और 2021-22 में 8780 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे यानि कुल 24 हजार 524 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान इस मिशन पर् लगाया गया है. इसके अलावे जल-जीवन-हरियाली में प्रशासनिक मद में 2019-20 से 2021-22 तक 23.39 करोड़ रुपए खर्च होने का भी अनुमान है.


11 सूत्री है कार्यक्रम

जल जीवन हरियाली अभियान के तहत 11 सूत्री कार्यक्रम पर काम किया जाएगा. इसमें तालाब-पोखर, आहर-पइन, कुंओं का जीर्णोद्धार और उनको अतिक्रमण से मुक्त कराना भी शामिल है. इसके अलावे नए जल स्रोतों को पैदा कर सरप्लस पानी को सूखे क्षेत्र में ले जाना योजना में शामिल है. भू-गर्भ जल को गिरने से रोकने के लिए पौधशाला का निर्माण, सघन पौधरोपण और वैकल्पिक फसलों का उपयोग करने पर जोर दिया गया है.


एक सप्ताह पहले शुरू हुई थी योजना

एक सप्ताह पहले बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल जीवन हरियाली अभियान के तहत ,जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम का शुभारंभ किया था. इस कार्यक्रम के तहत अब जलवायु परिवर्तन को देखते हुए किसानों को जलवायु के अनुकूल कृषि करने के लिए ना सिर्फ जागरूक किया जाएगा बल्कि चार विश्वविद्याल के कृषि वैज्ञानिक उनकी मदद भी करेगे.





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First published: November 28, 2019, 12:14 PM IST
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