बिहार: भूमि विवाद सुलझाने को सरकार गंभीर, हर अंचल में होंगे तीन गार्ड, DIG स्तर के अधिकारियों की होगी तैनाती

पटना सचिवालय (फाइल फोटो)

पटना सचिवालय (फाइल फोटो)

पुलिस महानिदेशक एस के सिंघल (Bihar Director General of Police SK Singhal) ने आश्वस्त किया कि उपलब्धता के आधार पर अंचल गार्डों की तैनाती जल्द से जल्द की जाएगी.

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पटना. बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था (Law and Order) के लिए भूमि विवाद (Land Dispute) को भी एक महत्वपूर्ण कारण माना गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने फिर से सत्ता संभालने के बाद भूमि विवाद के मामलों को प्रमुखता से निबटाने का निर्देश दिया है. इसी कड़ी में मुख्यसचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कई फैसले लिए गए हैं.बिहार में अब विवादों की प्रकृति के आधार पर भूमि विवाद का निबटारा किया जाएगा. साथ ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Revenue and Land Reforms Department) के कार्यालयों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक अंचल में चार गार्डो की तैनाती की जाएगी. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में एक पुलिस डीआइजी की भी अब से तैनाती होगी. शुक्रवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया है.

बैठक में यह फैसला हुआ कि जमीन से जुड़े विवादों को तीन श्रेणी में बांटा जाए. व्यक्तिगत, न्यायालय में विचाराधीन और विधि व्यवस्था बिगाड़ने वाले विवाद. इनके निबटारे के लिए अलग-अलग रणनीति बनाने पर भी सहमति बनी. बैठक में मुख्य सचिव को भूमि विवाद के निबटारे के लिए हो रहे उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई.

इसमें बताया गया कि अंचल स्तर पर अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी, अनुमंडल स्तर पर एसडीओ एवं डीएसपी और जिला स्तर पर डीएम एवं एसपी भूमि विवाद से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए  बैठक करते हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह की जानकारी पर मुख्य सचिव ने पुलिस महानिदेशक को हरेक अंचल में चार सुरक्षा बल मुहैया कराने को कहा है.

पुलिस महानिदेशक ने आश्वस्त किया कि उपलब्धता के आधार पर अंचल गार्डों की तैनाती जल्द से जल्द की जाएगी. मुख्य सचिव ने कहा कि डीआइजी रैंक के एक अधिकारी राजस्व विभाग में तैनात होंगे. वे एसपी से कोर्डिनेशन  कर अंचलों के अलावा भूमि सर्वेक्षण के लिए भी सुरक्षा की गारंटी करेंगे. मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस एवं गृह विभाग निगरानी करे कि हरेक सप्ताह अंचल स्तर पर बैठक हो रही है या नहीं.
मिली जानकारी के अनुसार कोविड के बाद यह बैठक अनियमित हो गई है. मुख्य सचिव ने कहा कि चौकीदार हरेक शनिवार को अंचल में अपने इलाके के भूमि विवाद की जानकारी देंगे।थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे जमीन विवाद की शिकायतों को अलग रजिस्टर में दर्ज करें.

निदेशक, भू-अभिलेख को कहा गया कि वे हर सप्ताह पुलिस महानिदेशक से मिलकर सर्वेक्षण से संबंधित जानकारी साझा करें।मुख्य सचिव ने अधीनस्थ अधिकारियों को चेतावनी शब्दो मे कहा  है कि  इस मामले में कोई भी शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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