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बिहार में बाढ़ और सूखे से नुकसान की भरपाई करेगी सरकार, किसानों से 30 तक मांगा गया आवेदन

RaviS Narayan | News18 Bihar
Updated: November 22, 2019, 7:40 PM IST
बिहार में बाढ़ और सूखे से नुकसान की भरपाई करेगी सरकार, किसानों से 30 तक मांगा गया आवेदन
बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार किसानों को अनुदान देने की घोषणा करते हुए.

बिहार (Bihar) में बाढ़ और सुखाड़ (Flood & Drought) से खरीफ फसलों को हुए नुकसान (Kharif crops) के लिए सरकार अनुदान देगी. जिन किसानों को प्राकृतिक आपदा (Natural Calamity) के कारण नुकसान उठाना पड़ा है, उनसे आगामी 30 नवंबर तक आवेदन मांगा गया है.

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पटना. बिहार में बाढ़ और सुखाड़ (Flood & Drought) से खरीफ फसलों को हुए नुकसान से (Kharif crop damage) किसानों को राहत पहुंचाने के लिए इनपुट अनुदान देने का निर्णय लिया गया है. यह अनुदान भारत सरकार द्वारा अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं (Natural Calamity) और राज्य सरकार द्वारा स्थानीय आपदाओं के अधीन मापदंडों के अनुरूप दिया जाएगा. कुछ महीने पहले बिहार के कई जिलों में आई बाढ़ (Flood in Bihar) के कारण खरीफ फसलों का भारी नुकसान हुआ था. वहीं कुछ जिलों में सूखा के कारण किसानों को भारी क्षति पहुंची थी. अब सरकार ने ऐसे सभी किसानों को अनुदान देने का फैसला किया है.

इनपुट सब्सिडी की दर निर्धारित
2019 में खरीफ फसलों को हुए नुकसान के लिए कृषि विभाग ने दर निर्धारित की है. सूखा प्रभावित जिलों में खरीफ 2019 मौसम में परती भूमि वाले किसानों को 2800 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा. यह अनुदान वैसे किसानों को मिलेगा जो सुखाड़ के कारण अपने खेत में किसी तरह की फसल नहीं लगा पाया हो और भूमि परती रह गई हो. वहीं, जिन किसानों को बाढ़ के कारण फसल का नुकसान हुआ है, उन्हें असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 6800 रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा. सिंचित क्षेत्र के लिए यह रकम 13500 रुपए प्रति हेक्टेयर होगी. जबकि पेरेन्नियल फसलों के लिए 18000 रुपए प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा. वैसे किसान जिनकी भूमि बालू हासिल के जमाव के कारण 3 इंच से ज्यादा हो, उन्हें 12200 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा.

अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए अनुदान

कृषि इनपुट अनुदान की घोषणा करते हुए कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने बताया कि यह अनुदान एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए ही मिलेगा. 2 हेक्टेयर से ज्यादा का दावा करने वाले किसानों को यह अनुदान नहीं मिलेगा. इस योजना के तहत फसल क्षेत्र के लिए न्यूनतम 1000 और पेरेन्नियल फसल क्षेत्र के लिए न्यूनतम 2000 रुपए अनुदान दिया जाएगा. कृषि मंत्री ने बताया कि जिन किसानों को जुलाई 2019 में आई बाढ़ से नुकसान हुआ है, उन्हें कृषि इनपुट अनुदान का भुगतान किया जा चुका है. ऐसे किसानों को सितंबर में फिर से आई बाढ़ से हुई फसल क्षति के लिए सब्सिडी नहीं मिलेगी.

ऑनलाइन पंजीकृत किसानों को ही अनुदान
कृषि विभाग के मुताबिक जो किसान ऑनलाइन पंजीकृत होंगे, उन्हें ही इनपुट सब्सिडी दी जाएगी. जो किसान पहले से पंजीकृत नहीं हैं, वे कृषि विभाग के डीबी पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा लें, ताकि उन्हें भी अनुदान मिल सके. पोर्टल के अलावा किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस केंद्र, वसुधा केंद्र या ई-किसान भवन में भी निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं. अनुदान की राशि किसानों को आधार से जुड़े बैंक खाते में ही भेजी जाएगी. जो किसान सब्सिडी का लाभ लेना चाहते हैं उन्हें 30 नवंबर तक आवेदन दे देना होगा. अभी तक 15 लाख किसानों द्वारा आवेदन किया गया है. कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है इस योजना का लाभ उठाने के लिए जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन करें.ये भी पढ़ें -

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First published: November 22, 2019, 7:40 PM IST
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