विधान परिषद में गूंजा AES से मौत का मामला, स्वास्थ्य मंत्री बोले- कम हुई है बच्चों की मृत्यु दर

स्वास्थ्य मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि AES मामले में लगातार मृत्यु दर कम हुआ है.

News18 Bihar
Updated: July 2, 2019, 2:44 PM IST
विधान परिषद में गूंजा AES से मौत का मामला, स्वास्थ्य मंत्री बोले- कम हुई है बच्चों की मृत्यु दर
मंगलवार को विधान परिषद में मंगल पांडेय एईएस से हुई मौत से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे (फाइल फोटो)
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Updated: July 2, 2019, 2:44 PM IST
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा है कि AES यानि चमकी बुखार से बच्चों की होने वाली मौत के मामले में बिहार सरकार ने बड़े प्रयास किये हैं. कई विदेशी संस्थाओं द्वारा रिसर्च किया गया पर कारणों का अबतक पता नहीं चल सका है. मंगलवार को विधान परिषद में कांग्रेस के प्रेमचंद्र मिश्रा के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए पांडेय ने कहा कि इस साल हाइपो ग्लाइसिमिया से सबसे ज्यादा मौत हुई है.

2013 से ही बना हुआ है एसओपी

बच्चों के बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया है. 2013 से AES मामले में SOP बना हुआ है साथ ही 2018 में नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजीयर्स बना हुआ है, जिलों में दवाईयों और इलाज की सुविधाएं दी जाती है और इसके लिए नया मोबाइल एप्लीकेशन जल्द ही तैयार किया जा रहा है और इसी एप्लिकेशन के जरिये मॉनिटरिंग की जाएगी.

सोशल ऑडिट जारी

पांडेय ने कहा कि SKMCH में नोडल एजेंसी लागू किया जाएगा साथ ही सोशल ऑडिट किया जा रहा है. योजान है कि 5 नए वायरोलॉजी केंद्र बनाए जाएं. मंगल पांडेय ने अगले साल बेहतर व्यवस्था करने का आश्वासन देते हुए कहा कि 5 जून तक सिर्फ 6 मरीज ही SKMCH में आये लेकिन 6 जून के बाद लगातार मरीजों की संख्या बढ़ी. राज्य सरकार इसके निदान के लिए अल्पकालीन और दीर्घकालीन योजनाएं बना रही हैं और 7 बिंदुओं में पूरी योजना बनाई गई है.

SKMCH में 110 बेड वाला ICU

पांडेय ने कहा कि SKMCH में 110 बेड वाला ICU जल्द ही बनेगा जबकि सुपर स्पेशलिस्ट ब्लॉक नवंबर 2019 तक पूरा होगा. मंगल पांडेय ने कहा कि बाकी जिलों में 10 हजार ICU बेड का निर्माण होगा. हमारी योजना इस बीमारी से प्रभावित जिलों में पूरी व्यवस्था देने की है.
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बताए आंकड़े

स्वास्थ्य मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि AES मामले में लगातार मृत्यु दर कम हुआ है. 2012 में 34 प्रतिशत मृत्यु दर रहा था लेकिन 2018 में 27 प्रतिशत मृत्यु दर रहा वहीं 2019 में 154 बच्चों की मौत हुई है. इस साल सरकार के प्रयासों के कारण ही मृत्यु का प्रतिशत कम हुआ है. मंगल पांडेय ने कहा कि इस साल मुज़फ़्फ़रपुर में पहले से तैयारी पूरी थी और जागरूकता अभियान पूरी तरह से चलाया गया था. डॉक्टरों और एम्बुलेंस की भी तैयारी की गई थी प्रधान सचिव द्वारा मई में इसका रिव्यू भी किया गया ,

राजद का हंगामा

कार्यवाही के दौरान मंगल पांडेय को राजद ने बीच में बोलने से रोका और इस्तीफा मांगा. राजद के सदस्यों ने मंगल पांडेय से गलती मानने को कहा इसको लेकर परिषद में राजद का हंगामा जारी रहा. सदन में पूरा हंगामा सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी में हुआ.

इनपुट- रवि एस नारायण

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First published: July 2, 2019, 2:32 PM IST
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