सिविल कोर्ट में फोर्थ ग्रेड कर्मचारियों की अवैध बहाली को हाईकोर्ट ने किया रद्द

बिहार की सिविल अदालतों में अवैध नियुक्ति को पटना हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है. नियम के मुताबिक इन पदों पर नियुक्ति के लिए इंरटव्यू के साथ साथ लिखित परीक्षा भी जरुरी है.

News18 Bihar
Updated: April 17, 2018, 1:49 PM IST
सिविल कोर्ट में फोर्थ ग्रेड कर्मचारियों की अवैध बहाली को हाईकोर्ट ने किया रद्द
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Updated: April 17, 2018, 1:49 PM IST
बिहार की सिविल अदालतों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अवैध ढंग से हुई बहालियों को पटना हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है. बिहार युवा कल्याण समीति की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन की खंडपीठ ने मंगलवार को सुनवाई की. कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जिन्हें नियुक्ति पत्र दे दिया गया है, वो भी जांच की जद में रहेंगे. पटना हाईकोर्ट के फैसले से बड़े पैमाने पर कर्मचारी प्रभावित होंगे.

जनहित याचिका में कोर्ट को बताया गया कि इन पदों पर बहाली के नियम में बदले जा चुके हैं. अब इन पदों पर नियुक्ति सिर्फ साक्षात्कार के आधार पर नहीं की जा सकती है. लिखित परीक्षा भी जरुरी है. नियम में बदलाव के बावजूद नियम की अनदेखी कर अवैध रुप से इन कर्मचारियों की बहाली की गई है. हाईकोर्ट ने इस आदेश के साथ ही मामले को निष्पादित कर दिया.

बिहार में लगभग 22 जिलों की सिविल अदालतों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की बहाली हुई है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अवैध तरीके से नियुक्ति को रद्द करने का आदेश दिया. (पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट)
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