बिहार: अचानक इतनी तेजी से कैसे ठीक होने लगे कोरोना मरीज? 'हेराफेरी' के आरोप पर नीतीश सरकार ने दी ये दलील
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बिहार: अचानक इतनी तेजी से कैसे ठीक होने लगे कोरोना मरीज? 'हेराफेरी' के आरोप पर नीतीश सरकार ने दी ये दलील
बिहार के विपक्षी दल नीतीश सरकार पर कोरोना के मामले में आंकड़ों की बाजीगरी का आरोप लगा रहे हैं. (फाइल फोटो)

नेता प्रतिपक्ष व आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने कोरोना टेस्ट को लेकर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा कि कोरोना टेस्ट में झोल है और सरकार आंकड़ों में हेराफेरी कर रही है.

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  • Last Updated: August 18, 2020, 5:05 PM IST
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पटना. बिहार में सोमवार को 4034 कोरोना मरीज (Corona patient) ठीक हुए जबकि 3257 नये केस मिले. इसी तरह रविवार को कोरोना के 2525 नये केस पाये गये, और 24 घंटे में 4140 संक्रमित स्वस्थ हुए. जाहिर है राज्य में कोरोना जांच की बढ़ रही क्षमता के बाद भी कोविड पॉजिटिव (Covid positive) की संख्या में इजाफा नहीं होने से लोगों को हैरानी हो रही है. सरकार कह रही है कि कोरोना की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर होती जा रही है और रिकवरी रेट भी बढ़कर 73 प्रतिशत पहुंच चुका है. हालांकि विपक्ष इसे आंकड़ों की बाजीगरी बता रहा है. इस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय (Mangal Pandey)  ने न्यूज 18 से खास बातचीत में कहा कि सरकार लगातार बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का प्रयास कर रही है. जांच की संख्या बढ़ने के बाद भी पॉजिटिव केस की संख्या में वृद्धि नहीं हो रही है.

मंगल पांडे के अनुसार हर कोई बेफिक्र होकर जांच करवाने पहुंच रहा है और सबसे बड़ी वजह है कि लोग जानते हैं कि होम आइसोलेशन की सुविधा मिल रही है, ऐसे में संकोच नहीं कर रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में सवा 5 सौ वेंटिलेटर मंगवाए गए हैं और संख्या बढ़कर 900 से ज्यादा हो गयी है.  जल्द ही राज्य सरकार को भारत सरकार नई कोबास 800 मॉडल की 2 मशीनें भी मुहैया करवा रही है. इस मशीन के आने के बाद एक बार में 3600 सैम्पल की जांच हो सकेगी.

वहीं इस बाबत पीएमसीएच के चिकित्सकों की माने तो शुरुआत में सिर्फ आरटीपीसीआर से जांच हो रही थी, लेकिन अब रैपिड एंटीजन से भी हर जगह जांच की जा रही है. हालाकि इन्होंने बताया कि रैपिड किट से सेंसिटिविटी ज्यादा होती है लेकिन डाटा में कोई हेर फेर नहीं हो रहा है और दूसरा कारण ये भी है कि बड़ी संख्या में सस्पेक्टेड मरीज जांच करवा रहे हैं जिससे टेस्टिंग की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन पॉजिटिव की संख्या में कमी आ रही है।वहीं डॉक्टरों ने यह भी बताया कि लगातार रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है.



बता दें कि तेजस्वी यादव ने कोरोना टेस्टिंग को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, बिहार में जब 10 हजार जांच हो रही थी तो 3000-3500 मरीज मिल रहे थे और अब 75 हजार जांच हो रही है तब भी लगभग 3500-4000 मरीज मिल रहे हैं. इसका सीधा मतलब है जांच में झोल-झाल हो रहा है,आंकड़ों की हेरा फेरी हो रही है. अब विपक्ष द्वारा रिकवरी रेट को लेकर भी सवाल उठाया जा रहा है और इसे भी नीतीश सरकार की हेराफेरी बता रहा है.
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