शिक्षक नियुक्ति में फंस सकता है पेंच, HRD मंत्री बोले- नहीं बढ़ेगी TET सर्टिफिकेट्स की वैधता
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निशंक ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि NCTE के प्रावधान के अनुसार सर्टिफिकेट की मान्यता 7 साल की होती है और अभ्यर्थियों को फिर से TET उतीर्ण होना अनिवार्य है.

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बिहार के शिक्षक अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार की स्पष्टीकरण से बड़ा झटका लगा है. इसके तहत अब TET सर्टिफिकेट की मान्यता नहीं बढ़ाई जाएगी. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इस बात को साफ करते हुए कहा कि NCTE के गाइडलाइन के मुताबिक वैधता 7 वर्षों तक ही सीमित रहेगी. बता दें कि हाल में ही बिहार सरकार ने TET सर्टिफिकेट्स की वैधता 2 साल बढ़ाने का निर्णय किया था.

निशंक बोले- फिर से पास करें TET
निशंक ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि NCTE के प्रावधान के अनुसार सर्टिफिकेट की मान्यता 7 साल की होती है और अभ्यर्थियों को फिर से TET उतीर्ण होना अनिवार्य है. बहरहाल शिक्षक बहाली के लिए तैयारी कर रही राज्य सरकार के लिए एक मुश्किल स्थिति सामने आ गई है और इसमें एक बार फिर पेंच फंस सकता है. बहरहाल पूरे मामले पर बिहार सरकार के निर्णय का इंतजार करना होगा.

नीतीश सरकार ने 2 साल बढ़ाई थी वैधता



बता दें कि बीते एक जून को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई शिक्षा विभाग की बैठक में निर्णय लिया गया था कि TET और STET सर्टिफिकेट की वैधता खत्म नहीं होगी. सीएम के आदेश में ये स्पष्ट है कि ये सभी सर्टिफिकेट वैध रहेंगे. बता दें कि यह 31 मई तक ही वैध थे.



66 हजार अभ्यर्थियों पर पड़ेगा असर
गौरतलब है कि साल 2012 और 2017 में आयोजित TET परीक्षा में 1 लाख 11 हजार 484 अभ्यर्थी पास हुए थे. 2012 में पास हुए 65984 अभ्यर्थियों की वैधता समाप्त मई में ही समाप्त हो गई थी. ऐसे में वे शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाते. यही कारण रहा कि राज्य सरकार ने उनकी वैधता दो साल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया था.

(इनपुट- रजनीश कुमार)

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