लाइव टीवी

अब पत्नियां नहीं प्रताड़ना से परेशान होकर पति पहुंच रहे हैं महिला थाने

News18Hindi
Updated: February 1, 2020, 9:49 PM IST
अब पत्नियां नहीं प्रताड़ना से परेशान होकर पति पहुंच रहे हैं महिला थाने
महिला आयोग के अध्यक्ष दिलमणि मिश्रा ने बताया कि पहले पत्नियां झूठी शिकायत पर केस दर्ज करा देती है. जब जांच होती है तो पता चलता है कि पति पर लगाए सारे आरोप गलत हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

हर महीने महिला आयोग या थाने में पत्नी की प्रताड़ना से परेशान पतियों के 10 से 15 मामले सामने आते हैं. इनमें भी ज्यादातर मामले ऐसे सामने आ रहे हैं जहां पर अपनी बात मनवाने के लिए महिला आयोग या दहेज प्रताड़ना की धमकी देने के हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 1, 2020, 9:49 PM IST
  • Share this:
पटना. अब तक हमेशा ये ही सुनने में आता है कि पति की प्रताड़ना से परेशान होकर पत्नी ने महिला थाने में गुहार लगाई. लेकिन अब मामला पलटता दिख रहा है. इन दिनों पति भी अपनी पत्नियाें से परेशान होकर महिला थाने या महिला आयोग के चक्कर लगा रहे हैं. जानकारी के अनुसार हर महीने महिला आयोग या थाने में पत्नी की प्रताड़ना से परेशान पतियों के 10 से 15 मामले सामने आते हैं. इनमें भी ज्यादातर मामले ऐसे सामने आ रहे हैं जहां पर अपनी बात मनवाने के लिए महिला आयोग या दहेज प्रताड़ना की धमकी देने के हैं. या फिर कुछ मामले पति को माता पिता से अलग करने के भी हैं.

कैसे हैं मामले

  • छपरा के रहने वाले एक शख्स ने बताया कि उनकी शादी 2015 में हुई थी. इसके दो दिन बाद ही बहाना बना कर पत्नी मायके चली गई. बाद में जब वह लेने गया तो उसके घर वालों ने उसके साथ मारपीट की और धमका कर घर से निकाल दिया. मामला अब अयोग में चल रहा है.


  • वैशाली जिले के एक व्यक्ति की शादी मई 2019 में हुई. पत्नी को शहर में रहने का मन था. इसलिए उसने शादी के दो माह बाद ही अलग घर लेने की बात कहीं. पति ने इसके लिए इंतजार करने को कहा तो वह जिद पर अड़ गई. बाद में मायके वालों को बुला कर पति के साथ मारपीट की गई. मामला महिला आयोग में चल रहा है.

  • पत्नी को शॉपिंग करने का शौक है और हर दिन काफी सामान की खरीददारी करती है. इसे लेकर पति पत्नी के बीच विवाद होता रहता है. कई बार अपने पति को पीट कर मायके भी जा चुकी है ओर जब पति लेने जाता है तो उस पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया जाता है. मामला महिला थाने के पास है.

झूठा मामला तक होता है दर्ज 
महिला आयोग के अध्यक्ष दिलमणि मिश्रा ने बताया कि पहले पत्नियां झूठी शिकायत पर केस दर्ज करा देती है. जब जांच होती है तो पता चलता है कि पति पर लगाए सारे आरोप गलत हैं. वहीं कई मामलों में पत्नियां ससुराल वालों पर झूठा केस दर्ज करा देती है और जांच करने पर पता चलता है कि मनमानी नहीं चलने पर और छोटे-मोटे झगड़ों को फसाद बनाकर महिला ऐसा कदम उठा लेती है.

खत्म हो रही है सहनशीलता 
वहीं मनोवैज्ञानिकों की मानें तो तेजी से बदल रही जीवनशैली में ऐसा लगता है की एक हद तक सब कुछ सहन करने वाली पत्नियों में अब वो सब्र नही रह गया. आज कल युवा पीढ़ी सोशल मीडिया और बाकि जगहों पर खुशियां ढूंढ रहे हैं.

ये भी पढ़ेंः Delhi assembly election बना बिहारी नेताओं की साख का सवाल

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 1, 2020, 9:49 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर