बिहार : दावत-ए-इफ्तार में दिखे बनते बिगड़ते राजनीतिक समीकरण

बुधवार को बिहार की राजधानी पटना मे आयोजित जदयू और राजद की दावत-ए-इफ्तार से कई राजनीतिक समीकरण बनते बिगड़ते दिखे.

आलोक कुमार | News18 Bihar
Updated: June 15, 2018, 7:40 AM IST
बिहार : दावत-ए-इफ्तार में दिखे बनते बिगड़ते राजनीतिक समीकरण
दावत-ए-इफ्तार में शत्रुघ्न सिन्हा
आलोक कुमार
आलोक कुमार | News18 Bihar
Updated: June 15, 2018, 7:40 AM IST
रमजान के महीने में बिहार में अलग-अलग राजनीतिक दलों द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी के बाद अब राजनीतिक लाभ और नुकसान को लेकर चर्चाएं शुरु हो गई है. बुधवार को पटना में राजद और जदयू की ओर से दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया. लालू परिवार और नीतीश कुमार की पार्टी द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी से कई पॉलिटिकिल मेसेज देने की भी कोशिश की गई.

राजद की इफ्तार पार्टी के जरिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी और तेजप्रताप ने आपस में एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश की. इस मौके पर दोनों भाई और बिहार राजद के अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे एक साथ दिखे और पार्टी में एकजुटता प्रदर्शन करने की कोशिश की. कुछ दिन पहले तेजप्रताप ने रामचंद्र पूर्वे का नाम लेते हुए कहा था कि पार्टी में उनकी बात नहीं सुनी जाती है.

राजद के दावत-ए- इफ्तार में बीजेपी सासंद शत्रुघ्न सिन्हा का पहुंचना चर्चा का विषय बना रहा. तेजस्वी, तेजप्रताप और मीसा भारती ने शत्रुध्न सिन्हा की जमकर तारीफ की. 'बिहारी बाबू' के पार्टी में शामिल होने के सवाल पर तीनों (तेजस्वी, तेजप्रताप और मीसा) ने कहा कि उनका स्वागत है लेकिन फैसला उन्हें करना है. तेजस्वी ने कहा कि कौन ऐसा दल है जो शत्रुघ्न सिन्हा को शामिल नहीं करना चाहेगा. तेजप्रताप ने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा, 'राजद इन्हीं की पार्टी है वो जहां से चाहे चुनाव लड़ सकते हैं'

राजद की इफ्तार पार्टी में गुलाम गौस का शामिल होना भी चर्चा का विषय बना रहा. चार दिन पहले नीतीश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा के बदले गुलाम गौस की इफ्तार पार्टी में शामिल हुए थे लेकिन बुधवार को गुलाम गौस राजद की इफ्तार पार्टी में शामिल होते दिखे. ​इस इफ्तार पार्टी के जरिए तेजस्वी ने महागठबंधन में एकजुटता का संदेश देने के साथ साथ ये भी साफ कहा कि उपेंद्र कुशवाहा का महागठबंधन ज्वाइन करने का समय आ गया है और केवल सही समय का इंतजार है.

लालू परिवार की इफ्तार पार्टी से महज एक किमी की दूरी पर स्थित हज हाउस में जदयू द्वारा दावत-ए-इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया. जदयू की इफ्तार पार्टी में भी कंफ्यूजन की स्थिति दिखी. इससे पहले रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा की इफ्तार पार्टी में जदयू, बीजेपी और एलजेपी के बड़े नेताओं ने खुद को अलग रखा. अंतिम समय में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने खुद उपेंद्र कुशवाहा को फोन कर पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण दिया लेकिन उपेंद्र कुशवाहा खुद शामिल नहीं होकर अपनी पार्टी के नेताओं को भेज दिया.

जदयू की इफ्तार पार्टी में कांग्रेस के दो विधायक मुन्ना तिवारी और सुदर्शन का शामिल होना भी चर्चा का विषय बना. इसके अलावा राजद के विधायक महेश्वर यादव भी जदयू की इफ्तार पार्टी में शामिल हुए. राजद की कार्रवाई के सवाल पर महेश्वर यादव ने कहा कि नीतीश उनके नेता हैं राजद उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है.

हालांकि, इफ्तार पार्टी के जरिए तथाकथित शक्ति प्रदर्शन की कोशिश हुई लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि बिहार में दोनों गठबंधनों को आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव तक अपने लोगों को साथ जोड़कर रखना बड़ा चैलेंज है.
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