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पुलवामा बरसी: गृह मंत्री से मिलकर 'राज की बात' बताना चाहती हैं शहीद संजय सिन्हा की पत्नी !

Sanjay Kumar | News18 Bihar
Updated: February 14, 2020, 10:43 AM IST
पुलवामा बरसी: गृह मंत्री से मिलकर 'राज की बात' बताना चाहती हैं शहीद संजय सिन्हा की पत्नी !
पुलवामा हमले में शहीद संजय सिन्हा की तस्वीर

शहीद संजय की पत्नी बेबी देवी ने न्यूज़ 18 को बताया कि गृह मंत्री ने मिलने की बात कही थी, लेकिन वो दिन आज तक नहीं आया.

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  • Last Updated: February 14, 2020, 10:43 AM IST
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पटना. आज जब देश में युवा वेलेंटाइल डे (Valentine Day)मना रहे है, वहीं दूसरी ओर देश में पुलवामा हमले की बरसी भी मनाई जा रही है. वर्ष 2019 में आज ही के दिन  पुलवामा में आतंकियों ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के वाहन पर विस्फोटकों से भरी कार टकरा दी, जिससे भीषण धमाका हुआ और हमले में सीआरपीएफ के 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे. पूरे देश को दहला देने वाले इस हमले में पटना के मसौढ़ी के रहनेवाले हवलदार संजय सिन्हा (Sanjay Sinha) भी शहीद हो गये थे.

घटना के एक साल बीत जाने के बाद भी परिवार संजय की यादों को भुला नहीं पाया है, लेकिन सबसे ज्यादा कोई चीज़ अगर पूरे परिवार को दर्द दे रहा है तो वो है सरकारी आश्वासनों का छलावा.

राजधानी पटना से तक़रीबन 30 किलोमीटर दूर तारेगना स्टेशन के पास तारेगना मठ  में रहता है सीआरपीएफ के शहीद हवालदार संजय कुमार सिन्हा का परिवार. शहादत के एक साल पूरे होने के बाद न्यूज़ 18 की टीम जब शहीद के घर पहुची तो देखा की घर के बाहर सड़क बनाये जाने का काम चल रहा था.

परिवार के सदस्यों ने न्यूज़ 18 को बताया कि संजय सिन्हा के शहीद होने के एक महीने के भीतर ही नगर विकास विभाग द्वारा शिलान्यास पट लगा दिया गया था, लेकिन काम शुरू होने में एक साल लग गये. पिता रिटायर्ड होमगार्ड जवान महेंद्र सिंह की नाराजगी फूट पड़ती है तो चाचा बिंदेश्वर प्रसाद की मायूसी भी साफतौर पर झलकती है.

पिता ने बताया कि बेटे ने देश की रक्षा की खातिर तो जान दे दी, लेकिन सरकार इस कुर्बानी को भूल गई. संजय मेरा खून था उसे परिवार कैसे भूल सकता है? परिवारवालों ने 30 हज़ार रुपये खर्च कर गया से संजय सिन्हा की मूर्ति बनवाई है और अब घर के दरवाजे पर लगी यही मूर्ति लोगों को उनकी शहादत की याद दिलाती रहेगी.

घर के बाहर की दीवार पर संजय कुमार सिन्हा की तस्वीर और उनका जीवन परिचय लगा है. न्यूज़ 18 की टीम ने जब घर के अंदर प्रवेश किया तब हर कमरे, बरामदे और पूजा घर में देव- देवताओं के साथ संजय की तस्वीर रखी मिली. शहादत के बाद परिवार को मिले दर्जनों स्मृति चिन्ह, मोमेंटो को परिवार ने  बारीकी  से संजोकर रखा है.

शहीद संजय सिन्हा और पत्नी हीरामणि की तस्वीर
संजय सिन्हा के परिवार में उनके बुजुर्ग  माता पिता के अलावा पत्नी और तीन बच्चे हैं. छोटी बेटी वंदना कुमारी को बिहार सरकार की तरफ से  क्लर्क की नौकरी मिली है. बेटी वंदना आज भी अपने पिता को याद कर फफक पड़ती है. बेटी और पत्नी को पिता की शहादत पर गर्व तो है, लेकिन  शहीद  संजय के जाने के बाद उनकी  जिंदगी में जो खालीपन आया है उसका भरना असंभव है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  ने तारेगना स्टेशन या मसौढ़ी अनुमंडल कार्यालय के पास शहीद संजय की प्रतिमा लगाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन साल भर बीत जाने पर भी कुछ नहीं हुआ.

शहीद संजय की पत्नी बेबी देवी ने न्यूज़ 18 को बताया कि गृह मंत्री ने मिलने की बात कही थी, लेकिन वो दिन आज तक नहीं आया. उनकी दिली ख्वाहिश है कि गृह मंत्री एक बार उनसे मिल लें ताकि राज की वह बात जो वो सिर्फ गृह मंत्री से ही कहना चाहती है कह डालें.

संजय की मां हीरामणि देवी बताती हैं कि अंतिम बार जाते वक़्त बेटे ने कहा था कि पन्द्रह दिन बाद फिर  से वापस आकर बेटी के रिश्ते की बात करूंगा, लेकिन  बेटा फिर वापस नहीं आया और बेटी के हाथ पीले करने की हसरत लिये दुनिया से चला गया. यह बात अकेले में मुझे बहुत सालती है.

हवलदार संजय सिन्हा जैसे सपूत आज भले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी शहादत कभी भुलाई नहीं जा सकती. संजय सिन्हा ने अपना फर्ज तो पूरा कर दिया है और अब बारी सरकार की है. देखना होगा बिहार सरकार अधूरे वायदे को कब पूरा करती है.

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First published: February 14, 2020, 10:33 AM IST
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