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कौन शहर कितना बेहतर, अब लोगों की राय से तय होगी रैंकिंग

Neel kamal | News18 Bihar
Updated: February 4, 2020, 1:22 PM IST
कौन शहर कितना बेहतर, अब लोगों की राय से तय होगी रैंकिंग
29 फरवरी 2020 तक चलने वाले इस सर्वे का मुल्यांकन 30 फीसदी हिस्सा लोगो के फीडबैक पर निर्भर करेगा

29 फरवरी 2020 तक चलने वाले इस सर्वे का मुल्यांकन 30 फीसदी हिस्सा लोगो के फीडबैक पर निर्भर करेगा.इसके लिए कुल 24 सवाल तैयार किये गये है

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पटना. भारत सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा फेस आफ लिविंग इंडेक्स-2019 लांच किया गया है. इसके द्वारा सिटिजन परसेप्शन सर्वे करा कर कौन सा शहर कितना बेहतर है इसका आंकलन किया जाएगा. शहर में रहने वाले आम लोग अपने अनुभव के आधार पर शहर में मिल रही सरकारी सुविधाओ पर अपनी राय देगें फिर आम लोगों की राय पर ही तय होगा कि देश का कौन सा शहर कितना बेहतर है और उसे क्या रैंकिंग देनी है.

सर्वे में कैसे ले सकते हैं हिस्सा ?

29 फरवरी 2020 तक चलने वाले इस सर्वे का मुल्यांकन 30 फीसदी हिस्सा लोगो के फीडबैक पर निर्भर करेगा. इसके लिए कुल 24 सवाल तैयार किये गये हैं जिसे लोग https//eol2019.org/citizenfeedback पर अपने शहर का फीडबैक दे सकते हैं. इसके अलावे अखबार और सोशल मीडिया के जरिये मांगे गये फीड बैक पर अंकित कोड का इस्तेमाल कर अपनी राय दे सकते हैं. इसमें आपको अपना नाम और फोन नंबर भरने के बाद ही सर्वे का जबाब दे सकेगें.

क्या है फेस आफ लिविंग इंडेक्स-2019

फिलहाल केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा शहरों के विकास के लिए पीएम आवास योजना, दीन दयाल अंत्योदय योजना, शहरी आजीविका योजना, 100 स्मार्ट सिटी मिशन और 300 शहरो में अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन के तहत कई परियोजना चलायी जा रही है. इनकी सफलता के लिए यह तैयार किया गया है ताकि लोगों से राय लेकर उसमें आने वाली परेशानियों को दूर की सके. इसी वजह से 2018 में केन्द्र सरकार ने क्या है फेस आफ लिविंग इंडेक्स जारी किया था. इसे कुल 14 श्रेणी शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, ठोस कचरा प्रबंधन, मनोरंजन, आर्थिक विकास, इनकम, आर्थिक अवसर, पर्यावरण ,हरित क्षेत्र, उर्जा सुरक्षा, और सुगमता में बांटा गया है.

नगरीय निकाय प्रदर्शन

किसी भी शहर की शासन प्रणाली और उसका विकास, नगर निकाय के प्रदर्शन पर ही निर्भर करता है. शहर को स्मार्ट बनाने में निकाय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इसलिये इसमें मिशन स्मार्ट सिटी के तहत फेस आफ लिविंग इंडेक्स-2019 जोड़ा गया. इस फ्रेमवर्क में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, ठोस कचरा प्रबंधन के साथ सफाई, रजिस्ट्रेशन और परमिट के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल साक्षरता समेत 20 श्रेणी को 100 इंडीकेटर्स में बांटा गया है.ये भी पढ़ें- ..जब अधिकारियों के सामने ही चूक गया बिहार पुलिस के DGP का निशाना

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First published: February 4, 2020, 1:20 PM IST
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