पटना: बेटे की शहादत पर गांव में गम और गर्व का माहौल, सरकार से शहीद की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग
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पटना: बेटे की शहादत पर गांव में गम और गर्व का माहौल, सरकार से शहीद की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग
चीनी सेना के साथ झड़प में पटना के बिहटा के रहने वाले नायक सुनील साह भी शहीद हो गये

India-China Clash: शहीद (Martyr) सुनील साह के 85 वर्षीय पिता वासुदेव साह लकवाग्रस्त हैं. उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व तो है, लेकिन सुनील की पत्नी और बेटी की जिंदगी आगे कैसे कटेगी, यह सोच कर वो दुखी भी हैं.

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पटना. लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी चीन की सेना (Chinese Army) की शर्मनाक हरकत में कमांडिंग अफसर समेत 20 जवान शहीद (Martyr) हो गए. एलएसी पर इस जानलेवा झड़प में बिहार रेजिमेंट (Bihar Regiment) के जवान शहीद हुए. उनमें से एक जवान पटना से सटे बिहटा के तारानगर के रहने वाले सुनील साह थे. 2002 में भारतीय सेना में ज्वाइन करने वाले नायक सुनील साह की शहादत पर वैसे तो पूरा गांव गमगीन है, लेकिन ग्रामीणों को अपने इस बेटे की कुर्बानी पर फक्र भी है.

पिता को शहीद की पत्नी और बेटी की चिंता

सुनील की शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची लोग सुनील के घर पहुंचने लगे और परिजनों को ढांढ़स बंधाना शुरू किया. 85 वर्षीय पिता वासुदेव साह लकवाग्रस्त हैं. उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व तो है, लेकिन सुनील की पत्नी और उनकी बेटी की जिंदगी आगे कैसे कटेगी यह सोच कर वो दुखी भी हैं. मां रुकमणी देवी की तो मानो दुनिया ही उजड़ गई. बूढ़ी मां का रो-रो कर बुरा हाल है और बार-बार वह अपने बेटे सुनील का नाम लेकर बेहोश हो जा रही हैं. भांजे पवन कुमार को भी समझ में नहीं आ रहा कि अचानक से ऐसा क्या हो गया. कल तक जो मामा फोन पर बात कर रहे थे अचानक सबको छोड़ कर चले गए.



शहीद की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग 
पवन का कहना है कि मामा सुनील उन्हें सेना में भर्ती के लिए प्रोत्साहित करते रहते थे. अब उसके मन में लगातार यह सवाल कौंध रहा है कि आखिर उसे कब सेना में भर्ती होने का मौका मिलेगा ताकि चीन को धूल चटा सके. सुनील के घर पर जनप्रतिनिधियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है. पूर्व विधायक अनिल कुमार परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे. उनकी माने तो पूरा गांव आज परिजनों के साथ खड़ा है. उन्होंने सरकार से सुनील के पैतृक गांव तारापुर में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की. और पत्नी और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आर्थिक सहयोग की अपेक्षा सरकार से की है.

शहीद सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा. फिलहाल सुनील के घर पर देशभक्ति के गीत गाए जा रहे हैं. तिरंगे के बीच गांव के युवा, बच्चे और बुजुर्ग सुनील अमर रहे के नारे के साथ उनको श्रद्धांजलि देने में लगे हुए हैं.

इससे पहले शहीद हवलदार सुनील कुमार का पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट पहुंचने पर पुष्पांजलि समारोह का आयोजन हुआ. इस दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल और राजद नेता तेजस्वी यादव ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की.

पटना एयरपोर्ट पर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने शहीद जवान सुनील साह को श्रद्धांजलि अर्पित की
पटना एयरपोर्ट पर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने शहीद जवान सुनील साह को श्रद्धांजलि अर्पित की (फोटो सौ. एएनआई)


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