Interview: मांझी ने सोनिया को बताया 'दानवीर', NDA छोड़ने की गिनाई कई वजह

मांझी ने कहा कि एनडीए ने हमसे आरक्षण को लेकर वादे किये थे वो उसके बिल्कुल खिलाफ चल रहे थे. एनडीए लगातार आरक्षण को ख़त्म करने की वकालत करती रही. वहीं बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी पिछड़ी जातियों के लगातार विरोधी कदम उठाये

Utkarsh Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: March 13, 2018, 5:37 PM IST
Utkarsh Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: March 13, 2018, 5:37 PM IST
बिहार के पूर्व सीएम और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी एनडीए का साथ छोड़ कर आरजेडी में शामिल हो चुके हैं. एनडीए ने भले ही मांझी के बेटे को विधानसभा परिषद नहीं भेजा हो, लेकिन मांझी की आरजेडी से काफी उम्मीदें हैं. बिहार के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और विधान सभा में भागदारी समेत अन्य मुद्दों को लेकर न्यूज़ 18 हिंदी ने मांझी से खास बातचीत की.
सवाल : मांझी जी चर्चा थी कि इस बार आरजेडी से आपको भी राजयसभा का टिकट मिलेगा, लेकिन आपको निराशा मिली क्या कहेंगे ?

 जवाब : मुझे राज्यसभा के टिकट की उम्मीद कभी नहीं थी. यह सिर्फ मीडिया और लोगों के बीच  चर्चा का विषय था. हां  यह उम्मीद जरूर है कि  हम एनडीए छोड़ कर आरजेडी में आये हैं तो यहां हमे वो मान-सम्मान जरूर मिलेगा.



सवाल : आपने एनडीए का साथ क्यों छोड़ा ?

 जवाब : एनडीए ने हमसे आरक्षण को लेकर वादे किए थे वो उसके बिल्कुल खिलाफ चल रहे थे. एनडीए लगातार आरक्षण को ख़त्म करने की वकालत करती रही. वहीं  बिहार के सीएम नीतीश  कुमार ने भी पिछड़ी जातियों के लगातार विरोधी कदम उठाये. ऐसे में हम महागठबंधन के साथ हैं ताकि हम सबका मिलकर विकास कर सकें. एनडीए से लगातार हम जातीय जनगणना सामने लाने की भी मांग करते रहे. लेकिन, एनडीए ने इसे जारी नहीं किया. ऐसे में हमारा रहना वहां हमें सही नहीं लगा.


सवाल : आप पीएम नरेंद्र मोदी की लगातार प्रशंसा करते रहे हैं. लेकिन, बिहार एनडीए से आपको निराशा हाथ लगी, क्या कहेंगे ?

 जवाब  : जी हां  पीएम मोदी से हमने जब-जब समय मांगा, उन्होंने मिलने का समय दिया. मैं बुद्धू हूं और अपनी सारी बात रख देता था. मेरी बात सुन ली जाती थी, लेकिन, उस पर कोई कार्य नहीं किया जाता था. ऐसे में जब चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि 33 बार मिलने के बाद भी पीएम ने बात नहीं सुनी ऐसे में मैं तो सिर्फ 6 बार ही मिला था.

 

सवाल : आपको पीएम मोदी से तो निराशा हाथ लगी लेकिन आज आपको सोनिया गांधी  की ओर से डिनर  का बुलावा आया है, उनसे क्या उम्मीदें हैं?

 जवाब : कांग्रेस में तो मेरा जन्म ही हुआ है. मैंने कांग्रेस से चुनाव भी लड़ा है. सोनिया गांधी दानवीर महिला हैं. वो चाहतीं तो खुद पीएम बन सकती थी लेकिन उन्होंने दूसरे को मौका दिया. हम अपनी बातें सोनिया गाँधी तक जरूर रखेंगे. उम्मीद हैं वो हमारी बात सुनेंगी.


सवाल : बिहार में उप चुनाव संपन्न हो चुका  है, ऐसे में 2019  चुनाव को लेकर क्या समीकरण होगा ?

 जवाब : उपचुनाव में मैं गया था. लोग कह रहे हैं कि हम' के महागठबंधन में शामिल होने से बहुत असर पड़ा है. महागठबंधन तीनों सीटों पर जीतेगा.


सवाल : विधान परिषद सीट के लिए आरजेडी से क्या उम्मीद कर रहे हैं ?

 जवाब : मैं आरजेडी से विधान परिषद में दो सीटों की मांग करूंगा. एक तो अपने बेटे संतोष मांझी के लिए दूसरा हमारी पार्टी का ही एक और सदस्य होगा. मुझे उम्मीद है कि  जिस तरह एनडीए में दलितों और पिछड़ों की उपेक्षा हुई है. वैसी उपेक्षा यहां नहीं होगी.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर