Home /News /bihar /

IPS शिवदीप लांडे: 30 राउंड फायरिंग के बीच जेसीबी चलाई, दुपट्टा ओढ़ आरोपी को पकड़ा, पढ़ें चर्चित कारनामे

IPS शिवदीप लांडे: 30 राउंड फायरिंग के बीच जेसीबी चलाई, दुपट्टा ओढ़ आरोपी को पकड़ा, पढ़ें चर्चित कारनामे

आइपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे पांच साल बाद महाराष्ट्र से बिहार वापसी कर रहे हैं. (फाइल फोटो)

आइपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे पांच साल बाद महाराष्ट्र से बिहार वापसी कर रहे हैं. (फाइल फोटो)

IPS Shivdeep Wamanrao Lande: शिवदीप लांडे जब बिहार के रोहतास (सासाराम) में वो पुलिस कप्तान की भूमिका में थे तब अवैध खनन माफियों से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई. माइनिंग माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए शिवदीप लांडे अवैध खनन की मशीनें जब्त करने निकले थे. अचानक अपराधियों ने उनपर फायरिंग कर दी. बहादुर आइपीएस अफसर ने अपनी जान की परवाह किए बिना डटकर माफियाओं का सामना किया. कहा जाता है कि करीब 30 राउंड फायरिंग उस दौरान हुई थी. बाद में शिवदीप ने खुद जेसीबी मशीन संभाली और अवैध खनन के सारे जुगाड़ को तहस-नहस कर दिया. इस दौरान 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

अधिक पढ़ें ...

    पटना. माफियाओं, बदमाशों, मनचलों के लिए पुलिस प्रशासन की हनक क्या होती है यह अक्सर कई पुलिस अफसर अपने एक्शन से साबित करते रहे हैं. बिहार में भी ऐसे पुलिस अफसरों की लंबी फेहरिस्त रही है. पूर्व आइपीएस किशोर कुणाल से लेकर कई अधिकारियों के नाम सुर्खियों में रहे हैं. इसी क्रम में मशहूर पुलिस अधिकारी शिवदीप लांडे (Shivdeep Lande) भी हैं. इन्होंने बिहार लोगों के जेहन में विशेष छाप छोड़ी है. यही वजह है कि कई लोग इन्हें ‘सुपरकॉप’ तो कई ‘सिंघम’ और दबंग कहते हैं. महाराष्ट्र में पांच साल के डेपुटेशन ड्यूटी के बाद वापस बिहार (Bihar) लौट कर आ रहे हैं.
    मिली जानकारी के अनुसार शिवदीप लांडे दिसंबर के पहले सप्ताह से एक बार फिर राज्य में अपना योगदान देने लगेंगे. वर्तमान में वो अपने गृह राज्य महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजधानी मुंबई में पुलिस क्राइम ब्रांच में डीआईजी के पद पर पोस्टेड हैं.

    शिवदीप लांडे पटना (Patna) में सिटी एसपी रहने के अलावा अररिया और रोहतास में भी पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं. वे बिहार के राज्यपाल के एडीसी के पद पर भी रहे थे. बिहार कैडर के आईपीएस शिवदीप वामनराव लांडे 2006 बैच के आईपीएस अफसर हैं. इनकी पहली पोस्टिंग बिहार के मुंगेर जिले के नक्सल प्रभावित इलाके जमालपुर में हुई थी. बिहार की राजधानी पटना के एसपी के तौर पर अपनी अनोखी कार्यशैली की वजह से शिवदीप पूरे देश में मशहूर हो गए. अपराधियों की शामत लाने वाले इस वर्दीधारी को बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है. पटना समेत बिहार के अन्य जिलों में रहते हुए उसके कारनामे बड़े मशहूर हुए. लगभग दस महीने की सेवा में ही उन्होंने नकली कॉस्मेटिक उत्पाद विक्रेताओं सहित बड़े-बड़े दवा-माफियाओं के कारनामे उजागर किए.

    सहरसा में डॉक्टरों को दहशत से दिलाई निजात

    इससे पहले सहरसा जिले में डॉक्टरों के लिए आतंक बन चुके संतोष यादव को शिवदीप लांडे के नेतृत्व वाले एसटीएफ ने धर दबोचा था और यह उनकी बड़ी उपलब्धियों में से एक है. कभी वे दुपट्टा ओढ़ कर आरोपी को पकड़ लेते तो कभी बिना हेलमेट बाइक चला रहे लोगों की मोटरसाइकिल के सामने निडरता से खड़े हो जाते. बिना लाइसेंस दारू की दुकानें चला रहे दुकानदारों की धर-पकड़ और ऐसे कितने ही बड़े कारनामों को अंजाम देने की वजह से ही आईपीएस अफसर शिवदीप लांडे की गिनती सुपरकॉप के तौर पर होती है.

    पटना में लांडे ने लड़कियों को बांटे पर्सनल नंबर

    कहा जाता है कि बिहार की राजधानी पटना में जब शिवदीप लांडे की पोस्टिंग हुई तो वो अपराधियों और गैरकानूनी काम करने वालों पर कहर बनकर टूटे. विशेषकर सड़क छाप लफंगों पर इनकी सख्ती ने कॉलेज और स्कूल की लड़कियों के बीच इनकी छवि हीरो की बन गई थी. मनचलों को सबक सिखाने और लड़कियों को मदद के लिए किसी भी समय उपलब्ध रहने के लिए उन्होंने अपना निजी मोबाइल नंबर लड़कियों के बीच बांट दिया था. शिवदीप लांडे द्वारा नंबर बांटने का परिणाम यह हुआ था कि राजधानी की सड़कों से मनचलों का धीरे-धीरे सफाया हो गया था. दरअसल एक शिकायत पर शिवदीप लांडे खुद मनचलों को सबक सिखाने पहुंच जाया करते थे.

    रोहतास में खनन माफियाओं पर कहर बनकर टूटे

    शिवदीप लांडे जब बिहार के रोहतास (सासाराम) में वो पुलिस कप्तान की भूमिका में थे तब अवैध खनन माफियों से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई. माइनिंग माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए शिवदीप लांडे अवैध खनन की मशीनें जब्त करने निकले थे. अचानक अपराधियों ने उनपर फायरिंग कर दी. बहादुर आईपीएस अफसर ने अपनी जान की परवाह किए बिना डटकर माफियाओं का सामना किया. कहा जाता है कि करीब 30 राउंड फायरिंग उस दौरान हुई थी. बाद में शिवदीप ने खुद जेसीबी मशीन संभाली और अवैध खनन के सारे जुगाड़ को तहस-नहस कर दिया. इस दौरान 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

    मनचलों की हरकतों से परेशान पटना की लड़कियों में बेहद लोकप्रिय रहे हैं शिवदीप लांडे.
    पटना में दुपट्टा ओढ़ आरोपी इंस्पेक्टर को पकड़ा

    जनवरी, 2015 में शिवदीप पटना के डाक बंगला चौराहे पर घूस मांग रहे इंस्पेक्टर सर्वचंद को फिल्मी अंदाज में दुपट्टा ओढ़कर पकड़ने के मामले में चर्चा में आए थे. यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सर्वचंद पर आरोप था कि वह पटना के दो व्यापारी भाइयों से एक पुराने केस को खत्म करने के लिए पैसे मांग रहे थे. इन दोनों भाइयों ने इसकी जानकारी तत्कालीन एसपी शिवदीप लांडे को दी. इसके बाद लांडे भेष बदलकर टी-शर्ट पहने और सर पर दुपट्टा लपेटे इंस्पेक्टर सर्वचंद का डाक बंगला चौराहे पर इंतजार करने लगे. सर्वचंद जैसे ही घूस का पैसा लेने के लिए वहां पहुंचे, शिवदीप ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, सबूतों के अभाव में थोड़ी ही देर में सर्वचंद्र को छोड़ भी दिया गया.

    नकली कॉस्मेटिक कारोबारियों पर कसी नकेल

    शिवदीप अपनी दबंग स्टाइल की वजह से चर्चित रहे हैं. पटना में एक बड़े कॉस्मेटिक उत्पादों की दुकान से बेचे जाने के लिए रखे नकली सामानों को पकड़ा. कहा जाता है कि बिहार के एक बड़े सत्ता का रसूख रखने वाले अरबपति कारोबारी के अवैध कारोबार पर हाथ डाला था. इसके बाद से उनके ऊपर साजिश के तहत फंसाने का कुचक्र रचा जाने लगा. यहां तक कि इनके ऊपर जानलेवा हमला भी कराए गए जिसमें ये बाल बाल बचे. इसके बाद इन्हें संट किए जाने की भी तैयारी की जाने लगी. कहा जाता है कि इस भंडाफोड़ के बाद राजनीतिक दबाव के कारण उनका स्थानांतरण अररिया जिले में कर दिया गया.

    अररिया में भी दिखाई पुलिस प्रशासन की हनक

    यहां भी इस दबंग पुलिस अफसर ने अपने कारनामों से लोगों का मन मोह लिया. दरअसल अररिया नेपाल की सीमा से सटा जिला है जो तस्करों के लिए सेफ समझा जाता है. लेकिन, वहां भी उन्होंने कानून की हनक दिखाई. एक बार अररिया के एक गांव में हत्या हो गई. खुद घटनास्थल पर पहुंचे. लांडे सुरागों का पीछा करते-करते हत्यारे के घर तक पहुंच गए जो वहीं कुछ दूर रहता था. बात ही बात में उन्होंने उससे सच उगलवा कर मामला सुलझा लिया. इसके अलावा कई दिनों से पुलिस के लिए सिरदर्द बनी बैंक डकैती कांड के अपराधियों का पता लगा उन्होंने अपनी कार्यकुशलता से लोगों की तारीफ पाई.

    अपराधियों पर कहर बनकर टूटते रहे हैं शिवदीप वामनराव लांडे
    किशनगंज में अपने एक्शन से बढ़ा दी हेल्मेट की बिक्री

    किशनगंज जिले का अतिरिक्त प्रभार मिलने पर वहां पहुंचे शिवदीप लांडे ने हेल्मेट की बिक्री बढ़ा दी थी. दरअसल वो मुख्य बाजार के चौराहे पर खड़े हो वहां से बिना हेल्मेट वाले वाहन चालकों को पकड़ने लगे. जिनके पास हेल्मेट नहीं थे, उनसे वहीं सबके सामने कान पकड़ कर ऊठक-बैठक करवायी गयी. शिवदीप लांडे के कड़े तेवरों के कारण ही वहां हेल्मेट की खूब खरीद-बिक्री हुई. अब उस छोटे जिले किशनगंज के वाहन चालक बिना हेल्मेट के गाड़ी नहीं चलाते.

    डेपुटेशन पर चले गए थे महाराष्ट्र, पांच साल बाद वापसी

    हालांकि, शिवदीप लांडे का दबंग अंदाज कइयों को रास नहीं आता था. कहा जाता है कि इनके बढ़ते रसूख के कारण पुलिस महकमे में भी इनके कई प्रतिद्वंद्वी बन गए थे. बाद में इन्हें बिहार राज्यपाल का ओसएडी बना दिया गया. इसके बाद शिवदीप लांडे ने स्वेच्छा से 3 साल के लिए महाराष्ट्र प्रदेश के सेवा में प्रति नियोजन करा लिया और वही यह डीआईजी बने. बताते हैं इनके प्रतिनियोजन की अवधि पूरी हो चुकी है अब इन्हे वापस बिहार लौटना ही है.

    Tags: Bihar News, Bihar police, Kishanganj, Munger news, PATNA NEWS, Sasaram police

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर