क्या इस बार का मांझी का अल्टीमेटम फाइनल है या फिर देंगे एक और चांस?, पढ़ें इनसाइड स्टोरी
Patna News in Hindi

क्या इस बार का मांझी का अल्टीमेटम फाइनल है या फिर देंगे एक और चांस?, पढ़ें इनसाइड स्टोरी
मांझी को महागठबंधन के साथ रखने के लिए कांग्रेस की तरफ से हरसंभव कोशिश हो रही है. (फाइल फोटो)

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) के पहले महागठबंधन में राजद (RJD) के रवैये से हम पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) नाराज चल रहे हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली. आरजेडी (RJD) की बेरुखी से दुखी जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) अब आर-पार के मूड में बताए जा रहे हैं. फिलहाल, मांझी मौन हैं. लेकिन, उनकी पार्टी के प्रवक्ताओं और दूसरे नेताओं की तरफ से आ रहा बयान उनकी नाराजगी का एहसास कराने के लिए काफी है. पार्टी प्रवक्ता दानिश रिजवान (Danish Rizwan) ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा, ‘ 10 जुलाई को कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक बुलाई गई है जिसमें अंतिम फैसला ले लिया जाएगा.’

हालांकि इसके पहले भी हम सुप्रीमो की तरफ से पिछले महीने की 25 तारीख तक का अल्टीमेटम दिया गया था. लेकिन मांझी के दिल्ली दौरे और उसके बाद महागठबंधन के नेताओं के बीच हुई वर्चुअल मीटिंग के बाद मांझी ने अपना अल्टीमेटम एक हफ्ते और बढ़ा दिया था. उन्हें भरोसा था कि वादे के मुताबिक, 2 जुलाई तक कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन हो जाएगा. लेकिन, यह वक्त भी बीत गया और जीतनराम मांझी की धमकी का असर होता नहीं दिख रहा है.

आरजेडी के रवैये से नाराज चल रहे हैं



सूत्र बता रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी महागठबंधन के भीतर खासतौर से आरजेडी के रवैये से नाराज चल रहे हैं. उनको लगता है कि पिछले कई महीने से उनकी मांग को नजरअंदाज कर आरजेडी उन्हें सम्मान नहीं दे रही है, जिसके वे हकदार हैं. उन्हें इस बात का भी डर सता रहा है कि अगर यही रवैया रहा तो टिकट बंटवारे के वक्त भी उन्हें कम सीटों का ऑफर हो सकता है. लिहाजा, अब वो और इंतजार के मूड में नहीं हैं.
जीतनराम मांझी सोमवार को पटना से गया पहुंचे

हालांकि, जीतनराम मांझी सोमवार को पटना से गया पहुंच गए हैं. लेकिन पटना में बुलाई गई पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के एक दिन पहले 9 जुलाई को वापस आ जाएंगे. जब उनसे कोर कमेटी की बैठक के बारे में संपर्क करने की कोशिश की गई तो फिलहाल वे कुछ भी बोलने से खुद बच रहे हैं. लेकिन, मांझी के करीबी सूत्रों के मुताबिक, कोर कमेटी की बैठक के बाद 10 जुलाई या 11 जुलाई को उनकी तरफ से जो बयान दिया जाएगा वो आखिरी बयान होगा.

कांग्रेस नेता अहमद पटेल से मुलाकात

हालांकि मांझी को महागठबंधन के साथ रखने के लिए कांग्रेस की तरफ से हरसंभव कोशिश हो रही है. पिछले महीने की 24 तारीख को मांझी के दिल्ली दौरे पर उनकी मुलाकात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से कराई गई थी. एक बार फिर, कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल उनको साधने की कोशिश कर रहे हैं. गोहिल के 7 जुलाई को पटना आने की संभावना है. इस दौरान 10 जुलाई की नई डेडलाइन से पहले उनकी कोशिश मांझी के साथ महागठबंधन के नेताओं की मीटिंग बुलाने की हो सकती है. अब देखना है कि इस बार फिर कांग्रेस की तरफ से दिए गए ‘लॉलीपाप’ में मांझी फंस जाते हैं या फिर इस बार आर-पार का फैसला लेते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading