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शहाबुद्दीन को तिहाड़ जेल के एकांतवास में रखे जाने के खिलाफ SC में याचिका

शहाबुद्दीन को तिहाड़ जेल के एकांतवास में रखे जाने के खिलाफ SC में याचिका

शहाबुद्दीन को सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में बिहार की सीवान जेल से तिहाड़ जेल में स्थानांतरित कर दिया था.

शहाबुद्दीन को सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में बिहार की सीवान जेल से तिहाड़ जेल में स्थानांतरित कर दिया था.

आरजेडी के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन (Shahabuddin) 2004 में हुए एक दोहरे हत्याकांड के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं.

    नई दिल्ली/पटना. दोहरे हत्याकांड के अपराध में उम्रकैद की सजा काट रहे आरजेडी (RJD) के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin) ने तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में बुनियादी सुविधाओं के लिए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दायर की. इस याचिका मे आरोप लगाया गया है कि उन्हें जेल में नमाज पढ़ने के स्थान सहित बुनियादी सुविधायें मुहैया नहीं करायी गई हैं. इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कथित एकांतवास (Solitary Confinement) से उन्हें छुटकारा, नमाज के लिए जगह और जेल में अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी राहत देने से इनकार कर दिया था.

    SC ने सॉलिसिटर जनरल से मामले पर गौर करने को कहा
    चीफ जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह शहाबुद्दीन की शिकायतों पर गौर करें. पीठ ने इसके साथ ही यह मामला दो सप्ताह बाद के लिए सूचीबद्ध कर दिया. इससे पहले, शहाबुद्दीन की ओर से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने पीठ से कहा कि उनके मुवक्किल को जेल के भीतर टहलने की इजाजत दी जानी चाहिए.

    दोहरे हत्याकांड के जुर्म में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं शहाबुद्दीन
    आरजेडी के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन 2004 में हुए एक दोहरे हत्याकांड के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. उन्हें शीर्ष अदालत ने 2018 में बिहार की सीवान जेल से तिहाड़ जेल में स्थानांतरित कर दिया था.

    दिल्ली हाईकोर्ट में भी डाली थी याचिका
    शहाबुद्दीन ने इस याचिका में पिछले साल 30 अगस्त के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. हाईकोर्ट ने कथित एकांतवास से उन्हें छुटकारा, नमाज के लिए जगह और जेल में अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी राहत देने से इनकार कर दिया था. हाईकोर्ट शहाबुद्दीन की इस दलील से सहमत नहीं था कि उसे तिहाड़ जेल में एकांत में रखा जा रहा है. हाईकोर्ट ने कहा था कि उसे एकांत कोठरी में नहीं बल्कि एक अलग खंड में रखा गया है. हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि उसे अत्यधिक खतरे वाला अपराधी होने की वजह से ही उसे अन्य कैदियों के साथ घुलने मिलने की अनुमति नहीं दी गई है लेकिन उसे जेल में अन्य सभी बुनियादी सुविधायें दी जा रही हैं जो अन्य कैदियों को मिल रही हैं.

    शीर्ष अदालत ने सीवान के दिवंगत पत्रकार राजदेव रंजन की पत्नी आशा रंजन और चंद्रशेखर प्रसाद की याचिका पर बिहार में तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमों का सामना कर रहे शहाबुद्दीन को शीर्ष अदालत ने 15 फरवरी, 2018 को सीवान जेल से दिल्ली की तिहाड़ जेल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था. आशा रंजन के पति राजदेव रंजन और चन्द्रशेखर प्रसाद के तीन बेटों की अलग अलग घटनाओं में हत्या कर दी गई थी.

    शीर्ष अदालत ने पिछले साल 30 अक्टूबर को शहाबुद्दीन और तीन अन्य को 2004 के दोहरे हत्याकांड में दोषी ठहराने और उनकी सजा के फैसले को बरकरार रखा था. इस मामले में सतीश और गिरीश रोशन की सीवान में अगस्त 2004 में हत्या कर दी गयी थी क्योंकि उन्होंने रंगदारी देने से इनकार कर दिया था. इन दोनों के तीसरे भाई राजीव रोशन, अपने भाइयों की हत्या का चश्मदीद गवाह था, की छह जून 2004 को गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.

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    Tags: Bihar News, DELHI HIGH COURT, Mohammad shahabuddin, RJD, Supreme Court

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