लाइव टीवी

JDU-BJP की इनसाइड स्टोरी, 'हम दोनों हैं दूर-दूर, हम दोनों हैं पास-पास'

Vijay jha | News18 Bihar
Updated: June 26, 2019, 6:05 PM IST
JDU-BJP की इनसाइड स्टोरी, 'हम दोनों हैं दूर-दूर, हम दोनों हैं पास-पास'
बिहार केमुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

जेडीयू का कई मामलों पर स्टैंड बार-बार यही साबित करता है कि वह बीजेपी से 'दूर-दूर, पास-पास' वाली रणनीति पर चल रही है, इसके साथ ही वह सवालों के घेरे में भी है.

  • Share this:
बिहार में चमकी बुखार से हो रही मौत पर जहां विपक्ष हमलावर है, वहीं जेडीयू-बीजेपी के बीच भी सबकुछ ठीक नहीं होने की खबरें सामने आती रही हैं. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे से नीतीश कुमार के इस्तीफा मांगे जाने की खबर सामने आने के बाद एक बार फिर बीजेपी-जेडीयू के बीच तनातनी की खबरें भी सामने आई हैं. सूत्रों से सामने आई इस खबर पर दोनों ही पार्टियों ने कोई खास टिप्पणी नहीं की, लेकिन इससे जेडीयू की बीजेपी के साथ 'दूर-दूर, पास-पास' वाली राजनीति एक बार फिर सामने आ गई.

दरअसल, जेडीयू का कई मामलों पर स्टैंड बार-बार यही साबित करता है कि वह बीजेपी से दूर-दूर, पास-पास वाली रणनीति पर चल रही है. इसके साथ ही वह सवालों के घेरे में भी है.

ममता के लिए पीके को नीतीश की परमिशन
जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने बाकायदा टीएमसी के साथ कांट्रैक्ट भी साइन किया है और आने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में वह बतौर रणनीतिकार ममता बनर्जी के लिए काम करेंगे. जाहिर है बीजेपी की धुर-विरोधी ममता बनर्जी के लिए पीके का काम करना, तब तक संभव नहीं था, जब तक कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार इसकी अनुमति नहीं देते.

मंत्रिपरिषद विस्तार में बीजेपी शामिल नहीं
केंद्रीय मंत्रिपरिषद में सांकेतिक भागीदारी की बात पर बिगड़ी जेडीयू ने बिहार में बीजेपी को आईना दिखा दिया. जेडीयू के 8 सदस्यों को मंत्री बनाया गया, लेकिन बीजेपी कोटे से किसी को भी राज्‍य मंत्रिपरिषद में जगह नहीं दी गई. वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय के अनुसार, ये ऐसे संकेत हैं जिससे जाहिर है कि जेडीयू बदले की नहीं, तो कम से कम दूरी बनाए रखने की नीति पर जरूर चल रही है.

बीजेपी-जेडीयू नेताओं का आमना-सामना
Loading...

हाल के दिनों में जिस तरह से जेडीयू और बीजेपी के नेताओं ने एक-दूसरे के नेताओं पर जुबानी हमले किए हैं, ये भी दोनों ही पार्टियों के बीच चल रही अंदरूनी खींचतान की तस्दीक करती है. बीजेपी एमएलसी सच्चिदानंद राय ने तो सीएम नीतीश कुमार की नीयत पर ही सवाल खड़े कर दिए. वहीं, जेडीयू नेता संजय सिंह ने तो सच्चिदानंद राय को यह तक कह डाला कि आसमान पर थूकने वालों का अंजाम आपको पता होगा. जाहिर है वार-पलटवार दोनों ओर से जारी है.

विवादित मुद्दों पर जेडीयू का विरोध
जिस तरह से जेडीयू ने तीन तलाक प्रकरण में संसद में एनडीए सरकार के बिल का विरोध किया है, यह बताता है कि दोनों एक दूसरे की राजनीति के परस्पर विरोधी भी हैं. NRC, 35A और धारा 370 के मुद्दे पर बीजेपी का समर्थन नहीं भी दोनों के बीच दूरी का बड़ा सबब है. यही नहीं अब तक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का सामने नहीं आना भी बड़ा उदाहरण है. बावजूद इसके दोनों ही दल सरकार में साथ हैं.

नीतीश कुमार की विरोधाभासी बातें
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनवरी महीने के पहले हफ्ते में कहा था कि बीजेपी से कई मुद्दों पर हमारी मत भिन्नता है, लेकिन हम केन्द्र और बिहार सरकार में साथी हैं और सही शासन चला रहे हैं. जाहिर है इस बयान पर गौर करें तो इसमें विरोधाभास नजर आता है क्योंकि इसमें यह साफ झलकता है कि साथ भी हैं और अलग-अलग भी हैं.

पीएम मोदी के नाम पर मांगा वोट
यही बात तब भी दिखी थी, जब उन्होंने कई सभाओं में पीएम मोदी के नाम पर वोट मांगे थे. हालांकि पहले दो चरण में खुद के किए काम पर वोट मांगा तो जनता का समर्थन नहीं मिल रहा था, इसलिए उन्होंने बीच चुनाव में ही रणनीति बदल ली थी. इसी तरह बीजेपी के हिंदूवादी चेहरा गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार के सामने हिंदुत्व के नारे लगाए और नीतीश कुमार चुप रहे थे.

साथ लड़ेंगे 2020 का विधानसभा चुनाव?
हालांकि पहले 17 वर्षों तक साथ रहे जेडीयू-बीजेपी और अब दो वर्ष से फिर से बीजेपी के साथी बने जेडीयू की राजनीति इसी धारा पर चलती रही है. बहरहाल मोदी मंत्रिपरिषद के विस्तार के बाद से दोनों दलों के बीच खाई चौड़ी होती जा रही है. वहीं दोनों ही दल फिलहाल दूर-दूर, पास-पास वाली स्थिति में ही सत्ता में भी बनी हुई है. हालांकि बड़ा सवाल ये है कि क्या 2020 में होने वाला बिहार विधानसभा का चुनाव दोनों पार्टियां साथ मिल कर लड़ेंगी या फिर साथ छूट जाएगा.

ये भी पढ़ें

PM मोदी बोले- चमकी बुखार का होना शार्मिंदगी की बात

पप्पू यादव बोलें- रेपिस्टों को मारने वाले को एक लाख का इनाम

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 26, 2019, 3:49 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...