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नागरिकता संशोधन विधेयक: JDU बोली- धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करने वाला बिल

News18 Bihar
Updated: December 10, 2019, 7:12 AM IST
नागरिकता संशोधन विधेयक: JDU बोली- धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करने वाला बिल
नागरिकता संशोधन विधेयक पर एनडीए सरकार के साथ खड़ी रही जेडीयू (फाइल फोटो)

लोक जन शक्ति पार्टी (LJP) ने भी बिल को अपना समर्थन दिया. एलजेपी के सांसद चिराग पासवान ने कहा कि हमारी पार्टी इस बिल का समर्थन करती है. इससे भारत के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को कोई लेना-देना नहीं है.

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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) लोकसभा से पास हो गया है. 80 सांसदों ने जहां इसके विरोध में मत डाले, वहीं पक्ष में 311 मत पड़े. अब इस बिल को राज्यसभा (Rajya sabha) से पास करवाने की तैयारी की जा रही है. इस विधेयक के पास हो जाने से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान (Pakistan, Bangladesh and Pakistan) से आए धार्मिक आधार पर उत्पीड़ित शरणार्थियों को आसानी से भारत की नागरिकता मिल सकेगा. इनमें हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता का प्रस्ताव है.

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर सोमवार को संसद में तीखी बहस होती रही. इस विधेयक को पेश किए जाने के मुद्दे पर लोकसभा में बहस के दौरान एक वह दौर भी आया जब कुछ दिनों पहले तक एनडीए (NDA) का हिस्सा रही शिवसेना ने इस पर सवाल खड़े किए तो इसको लेकर अक्सर आशंका जताती रही जेडीयू (JDU) ने बिल का खुलकर समर्थन कर दिया.

इस बिल के समर्थन में बोलते हुए जेडीयू सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने साफ कहा कि यह धर्मनिरपेक्षता की भावना को मजबूत करने वाला बिल है. उन्होंने कहा कि यह विधेयक उन शरणार्थियों को नरक से निकालने वाला है, जो अपना घर और सम्मान छोड़कर आए हैं. यह बिल कहीं से भी धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को चुनौती नहीं देता है. इसलिए 'हम इस विधेयक का समर्थन करते हैं.

जेडीयू सांसद ने कहा कि इस विधेयक को भारतीय नागरिकों के बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक नजरिए में नहीं देखा जाना चाहिए. अगर पाकिस्तान के सताए गए अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दी जाती है तो मुझे लगता है कि यह सही बात है.



वहीं एनडीए की एक और अहम सहयोगी लोक जन शक्ति पार्टी ने भी बिल को अपना समर्थन दिया. एलजेपी के सांसद चिराग पासवान ने कहा कि हमारी पार्टी इस बिल का समर्थन करती है. इससे भारत के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को कोई लेना-देना नहीं है.

चिराग ने कहा कि इस बिल का संबंध अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों से है. उन्होंने कहा कि मैं अपने होम मिनिस्टर को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हमारी चिंताओं को महत्व दिया और सुझावों को इस बिल में शामिल किया.

वहीं, लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill 2019) को जनता दल (यू) द्वारा समर्थन करने पर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने सोमवार को निराशा जाहिर की है.

उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'जदयू के नागरिकता संशोधन विधेयक को समर्थन देने से मैं निराश हूं. यह विधेयक नागरिकता के अधिकार से धर्म के आधार पर भेदभाव करता है. यह पार्टी के संविधान से मेल नहीं खाता जिसमें धर्मनिरपेक्ष शब्द पहले पन्ने पर तीन बार आता है. पार्टी का नेतृत्व गांधी के सिद्धांतों को मानने वाला है.'



बहरहाल लोकसभा में तो यह बिल पास होना तय माना जा रहा है. जबकि राज्यसभा में इस बिल के पारित होने की पूरी संभावना है क्योंकि वाईएसआर कांग्रेस, जेडीयू और बीजेडी के समर्थन से साफ है कि राज्यसभा में बहुमत न रखने वाला एनडीए तीन तलाक और आर्टिकल 370 की तरह ही इस बिल को भी उच्च सदन से भी पारित करा सकता है.

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First published: December 10, 2019, 7:07 AM IST
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