Home /News /bihar /

OPINION: हम दोनों हैं जुदा-जुदा, दिखने की मजबूरी क्यों, जानिए इनसाइड स्टोरी

OPINION: हम दोनों हैं जुदा-जुदा, दिखने की मजबूरी क्यों, जानिए इनसाइड स्टोरी

नीतीश कुमार और नरेन्द्र मोदी (फाइल फोटो)

नीतीश कुमार और नरेन्द्र मोदी (फाइल फोटो)

धारा 370, राम मंदिर, तीन तलाक, असम नागरिकता संशोधन विधेयक... ये वो मुद्दे है जिस पर जेडीयू और एलजेपी, बीजेपी से अलग रूख रखती है. कई बार इस मुद्दे पर जेडीयू ने अपनी अलग राय रखी है.

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को लोक संवाद में कहा कि बीजेपी से कई मुद्दों पर हमारी मतभिन्नता है, लेकिन हम केन्द्र और बिहार सरकार में साथी हैं और सही शासन चला रहे हैं. जाहिर है इस बयान पर गौर करें तो इसमें विरोधाभास नजर आता है. क्योंकि इसमें यह साफ झलकता है कि साथ भी हैं और अलग-अलग भी हैं. हालांकि पहले 17 वर्षों तक साथ रहे जेडीयू - बीजेपी और अब दो वर्ष से फिर से बीजेपी के साथी बने जेडीयू की राजनीति इसी धारा पर चलती रही है. सवाल है कि आखिर केन्द्र और बिहार में साथ रहते हुए भी जेडीयू, बीजेपी से जुदा क्यों दिखना चाहती है?

    धारा 370, राम मंदिर, तीन तलाक, असम नागरिकता संशोधन विधेयक....ये वो मुद्दे है जिस पर जेडीयू और एलजेपी, बीजेपी से अलग रूख रखती है. कई बार इस मुद्दे पर जेडीयू ने अपनी अलग राय रखी है. इन मुद्दों पर संसद में जब भी वोटिंग प्रोसेस हुआ है तो वह दल इससे अलग रही है.

    ये भी पढ़ें- CBI चार्जशीट: बच्चियों को अश्लील गानों पर डांस को मजबूर करती थी शाइस्ता परवीन

    दरअसल इसकी गहराई में जाया जाए तो वोट बैंक का एक खास समीकरण है, जो मुस्लिम समुदाय से जुड़ता है. ऐसा माना जा रहा है कि जेडीयू अपने अधिकतर उम्मीदवार मुस्लिम बहुल इलाकों की सीटों पर खड़े करने जा रही है. इनसाइड स्टोरी ये है कि इन मुद्दों पर बीजेपी-जेडीयू-एलजेपी के बीच सहमति है कि ऐसे बयान जारी किए जाएं. जिससे दोनों ही पार्टियों के वोट बैंक पर असर न पड़े.

    आपको बता दें कि जेडीयू को मिलने वाली संभावित 17 सीटों में नालंदा, पूर्णिया, मधेपुरा, वाल्मीकिनगर, झंझारपुर, काराकाट, जहानाबाद, किशनगंज या कटिहार, गोपालगंज या सासाराम, सीतामढ़ी, दरभंगा, महाराजगंज, मुंगेर, सुपौल औरंगाबाद या आरा और बांका की सीट शामिल है. इनमें कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, सुपौल, जहानाबाद और मुंगेर में मुस्लिम आबादी 25 से लेकर 65 प्रतिशत तक है. शेष सीटों पर भी मुस्लिमों की असरदार संख्या है.

    ये भी पढ़ें-  2019 में NDA की होगी जीत, फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे नरेन्द्र मोदी: नीतीश कुमार

    जाहिर है जेडीयू की तरफ से ये सारी कवायद अपने जनाधार को ध्यान में रखकर की जाती रही है. पार्टी इस बात को समझती है कि बिहार में अल्पसंख्यक समाज के वोट के लिहाज से उन्हें बीजेपी के साथ रहते हुए भी अपनी छवि बीजेपी से अलग दिखाने की जरूरत है. इसका फायदा पार्टी को मिला भी है. बिहार में अल्पसंख्यक समुदाय में खासतौर से पसमांदा मुसलमानों का एक बड़ा तबका जेडीयू के साथ रहा है.

    ये भी पढ़ें- मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: इन 'गुनहगारों' ने बच्चियों की जिंदगी नर्क बना दी

    Tags: Bihar News, BJP, Jdu, Nitish kumar, PATNA NEWS

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर