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CM नीतीश के नाम पर RJD के 'M' फैक्टर को साधने में लगी JDU

News18 Bihar
Updated: October 18, 2019, 4:57 PM IST
CM नीतीश के नाम पर RJD के 'M' फैक्टर को साधने में लगी JDU
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई मुद्दों पर बीजेपी के एजेंडे से दूरी बनाकर रखी है तो इसके पीछे की वजह मुस्लिम वोट बैंक भी मानी जाती है.

राजद का मानना है कि आरएसएस और बीजेपी के साथ खड़ी जेडीयू के साथ मुस्लिम तबका कभी भी नहीं जाएगा क्योंकि मुस्लिम समुदाय को पता है की आरएसएस का एजेंडा क्या है.

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पटना. बिहार में 5 विधानसभा और एक लोकसभा सीट (Lok Sabha Seat) पर होने वाले उपचुनाव के लिए 21 अक्टूबर को मत डाले जाएंगे. मतगणना (Counting) 24 अक्टूबर को होगी और उसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे. अब जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit shah) ने सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के नेतृत्व में ही 2020 के विधान सभा चुनाव (Assembly Election) लड़ने का ऐलान कर दिया है तो एनडीए गठबंधन पूरे दमखम और एकजुटता के साथ मैदान में है. वहीं, जेडीयू अपनी मजबूती के लिए खास 'M' समीकरण पर काम कर रही है.


दरअसल जेडीयू का 'M' समीकरण आरजेडी के वोटबैंक 'MY' यानि मुस्लिम-यादव गठजोड़ में सेंध लगाने की कवायद है. जेडीयू की पूरी कोशिश है कि राजद के 'MY' समीकरण में से एक 'M' को अपने पाले में कर का अपना रास्ता आसान कर ले.



उपचुनाव में इस बात की चर्चा होने के पीछे भी एक बड़ी वजह ये है कि किशनगंज, नाथनगर, दरौंदा, सिमरी बख़्तियारपुर, बेलहर में से किशनगंज छोड़ बाकी 4 सीटों पर जेडीयू का कब्जा था. हालांकि इसमें महत्वपूर्ण ये है कि उस वक्त आरजेडी के साथ जेडीयू का गठबंधन था और तब मुस्लिम वोट एक तरफा जेडीयू उम्मीदवार के पक्ष में गिरा था.



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लालू-नीतीश दोस्ती
नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाई थी इस कारण मुस्लिम वोट एकजुट होकर आरजेडी-जेडीयू के खाते में गिरी थी. (फाइल फोटो)



इस बार जब जेडीयू एनडीए में है तो मुस्लिम वोटरों को अपने पाले में करने की जद्दोजहद में है. पार्टी की कोशिश है कि बीजेपी के साथ रहने बावजूद मुस्लिम वोटर उसके पाले में आए. हालांकि राजद नेता  देव मुनि यादव कहते हैं कि आरएसएस और बीजेपी के साथ खड़ी जेडीयू के साथ मुस्लिम तबका कभी भी नहीं जाएगा. क्योंकि मुस्लिम समुदाय को पता है की आरएसएस का  एजेंडा क्या है.


हालांकि जेडीयू की कोशिश है कि सीएम नीतीश के चेहरे बूते मुस्लिम वोटरों को अपने पाले में किया जाए. कहा जाता है कि अनुच्छेद 370 और राम मंदिर जैसे  विवादित मुद्दों पर जेडीयू का वर्तमान स्टैंड भी मुस्लिम वोटबैंक को ध्यान में रखकर ही है. इसी कारण नीतीश कुमार कई मौक़ों पर ये कहते हुए देखे गए हैं कि वो क्राइम, करपशन और कम्यूनलिज्जम  कभी समझौता नहीं कर सकते हैं.  यही नहीं मुस्लिम समुदाय के विकास के लिए मुख्यमंत्री नीतीश ने कई घोषणाएं भी कर रखी हैं.



nitish kumar
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अक्सर अल्पसंख्यकों के धार्मिक कार्यक्रमों में शिरकत करते हैं.



जेडीयू सांसद संतोष कुशवाहा राजद के दावे पर हमला बोल ये कहने से नहीं चूक रहे हैं कि मुस्लिम वोटर किसी की जागीर नहीं है. नीतीश से बेहतर कोई मुस्लिम समुदाय लिए सोच भी नहीं सकता है. वहीं, बीजेपी सांसद रामकृपाल यादव भी दावा कर रहे हैं कि एनडीए 'सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास की नीति पर चलता है इस कारण मुस्लिम तबका भी एनडीए के साथ आएगा.


रिपोर्ट- आनंद अमृतराज


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First published: October 18, 2019, 4:24 PM IST
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