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बिहार: विपक्ष का दावा, CAB की तरह NRC और यूनिफॉर्म सिविल कोड का भी समर्थन करेगी JDU

Neel kamal | News18 Bihar
Updated: December 12, 2019, 5:38 PM IST
बिहार: विपक्ष का दावा, CAB की तरह NRC और यूनिफॉर्म सिविल कोड का भी समर्थन करेगी JDU
RJD-कांग्रेस ने नीतीश कुमार पर लगाया ये आरोप

नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) को लेकर भाजपा का साथ देने के कारण नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर आरजेडी और कांग्रेस ने निशाना साधा है. विपक्षी पार्टियों का दावा है कि जेडीयू संसद के अगले सत्र में एनआरसी और यूनिफार्म सिविल कोड बिल (Uniform Civil Code Bill) पर अपना समर्थन दे सकती है, जो कि जनता के साथ धोखा होगा.

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पटना. नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) पारित होने के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) का अगला कदम क्या होगा? क्या मोदी सरकार की योजना संसद के अगले सत्र में एनआरसी और यूनिफार्म सिविल कोड बिल (Uniform Civil Code Bill) को पेश करने की है. क्या जेडीयू नागरिकता संशोधन विधेयक की तरह अब एनआरसी और यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पर भी केंद्र सरकार का साथ देगी. दरअसल, बिहार के विपक्षी दलों को लगता है कि जिस प्रकार से अमित शाह ने नागरिकता संशोधन विधेयक पारित करवाया है. अब वो अगले सत्र में एनआरसी और यूनिफार्म सिविल कोड बिल को लेकर आने वाले हैं और उसमें भी नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की ओर से दोनों बिल का समर्थन किया जाएगा.

जेडीयू को घेरने में जुटा विपक्ष
लोकसभा का शीतकालीन सत्र 2019 कल समाप्त हो रहा है. इस सत्र में गृह मंत्री अमित शाह ने ना सिर्फ नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया, बल्कि दोनों सदनों से पारित करवा कर इतिहास रच दिया. राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के बावजूद शाह के तर्कपूर्ण भाषण और विपक्ष के सभी बात का जबाब देने का जो तरीका था. उसे देश के लोग काफी दिन तक याद रखेंगे. अब जबकि नागरिकता संशोधन विधेयक दोनों सदनों से पास होकर एक कानून का रूप लेगा. बिहार में कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों द्वारा जेडीयू के चरित्र पर उंगली उठया जा रहा है. कांग्रेस का कहना है कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रिश्ते भाजपा के साथ इतने मजबूत हैं कि वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ जा ही नहीं सकते.

कांग्रेस ने कही ये बात

कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा का भी मानना है कि केन्द्र की मोदी सरकार का अगला कदम एनआरसी ही है. उनका कहना है कि नीतीश, पीएम नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के रंग में रंग चुके है. अगर नीतीश उनके रंग में नहीं रंगते तो उन्हें पता है कि ना सिर्फ उनकी कुर्सी जाएगी, बल्कि भाजपा उनसे संबंध तोड़ देगी. प्रेमचंद्र मिश्रा ने यह भी कहा कि 370, ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे पर पहले विरोध किया और फिर सदन के अंदर बिल का समर्थन किया था. अब सीएबी पर जदयू का समर्थन देखने के बाद भाजपा के किसी अन्य विवादास्पद मुद्दे का विरोध की बात सोचना भी व्यर्थ है.

मृत्युंजय तिवारी ने यूं साधा निशाना
राजद नेता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि खुद को सेक्यूलर कहने वाले नीतीश कुमार ने बिहार की जनता को धोखा दिया है. उनका कहना है कि नीतीश ने पहले सीएबी के विरोध की बात कही थी, लेकिन लोकसभा में सीएबी के समर्थन के बाद जेडीयू के ही वरिष्ठ नेता के विरोध के बावजूद नीतीश के सांसदों ने राज्यसभा में भी बिल का समर्थन कर यह जता दिया कि उनकी कथनी और करनी में अंतर है. अब जेडीयू एक पार्टी नहीं रही बल्कि वो भाजपा की बी टीम बन कर बिहार के लोगों को ठगने का काम कर रही है. आरजेडी ने दावा किया है कि एनआरसी और यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पर जब वोटिंग का समय आयेगा तब इन मुद्दों पर भी नीतीश भाजपा के साथ ही खड़े नजर आएंगे.जेडीयू ने किया पलटवार
विपक्ष के हमले के बाद जेडीयू की ओर से भी कांग्रेस और आरजेडी पर करारा पलटवार किया गया. जेडीयू का कहना है कि राजद के लोग अगर नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करते हैं तो समझ में आता है, क्योंकि उनके पास ज्यादा पढ़ने लिखे लोग नहीं हैं. अगर वे पढ़े लिखे होते तो नागरिकता संशोधन विधेयक को पढ़ते और फिर उन्‍हें समझ में आता कि वो नाहक ही बिल का विरोध कर रहे हैं. जेडीयू प्रवक्ता निखिल मंडल ने आगे कहा कि रही बात कांग्रेस की तो जिन्होंने मजहब के आधार पर देश बांटने का काम किया वो सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति की वजह से विधेयक का विरोध कर रही है. विधेयक पारित हो चुका है तो कांग्रेस ने अब एनआरसी के मुद्दे को लेकर लोगो को भड़काने और बरगलाने का काम अभी से ही शुरू कर दिया है. जेडीयू से जब यह पूछा गया कि क्या सीएबी की तरह एनआरसी पर भी दोनों सदन में पार्टी का सर्मथन रहेगा. मंडल का कहना था कि ये तो सीएम नीतीश कुमार के साथ सीनियर नेता ही तय करेंगे.

भाजपा ने बिल को देश हित में बताया
नागरिकता संशोधन विधेयक पास होने से उत्‍साहित भाजपा का कहना है कि देशहित में एनआरसी को लागू करना बहुत जरूरी है. मोदी सरकार भाजपा के संकल्प पत्र यानी मेनिफेस्टो को ही पूरा कर रही है. भाजपा नेता और बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामा रणधीर सिंह का कहना है कि इस बार भाजपा का संकल्प पत्र देश की करोड़ों जनता की राय लेकर बनाया गया था और पीएम मोदी और अमित शाह के साथ पूरा मंत्रीमंडल इसे पूरा करने में लगा हुआ है. लिहाजा अगले सत्र में जो भी बिल केन्द्र सरकार लेकर आयेगी उसमें एनडीए के तमाम सहयोगियों का सहयोग मिलेगा और जदयू भी एनडीए में ही है.

आपको बता दें कि संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश करने से पहले ही जेडीयू ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बिल का समर्थन करने की बात कही थी और वह अपनी बात पर खरी उतरी. हालांकि संसद के अगले सत्र में जब एनआरसी और यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे बिल आते हैं तो देखना दिलचस्प होगा कि जेडीयू का व्यवहार कैसा रहता है.

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First published: December 12, 2019, 5:28 PM IST
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