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Bihar: 25 MLA ने एक सुर से की मांग और नीतीश कुमार ने ले लिया NDA छोड़ने का फैसला

Bihar: 25 MLA ने एक सुर से की मांग और नीतीश कुमार ने ले लिया NDA छोड़ने का फैसला

नीतीश कुमार एनडीए से अलग हो गए हैं (फाइल फोटो)

नीतीश कुमार एनडीए से अलग हो गए हैं (फाइल फोटो)

Bihar NDA Crisis: मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार ने जब जेडीयू के सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाई तो इस बैठक में कई अहम बातों पर चर्चा हुई. सीएम की बैठक में पार्टी के कई विधायकों ने अपना पक्ष रखा और बीजेपी पर कई संगीन आरोप भी लगाए.

हाइलाइट्स

नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के सासंदों और विधायकों को आनन-फानन में पटना बुलाया था
नीतीश कुमार कोई बड़ा फैसला लेंगे, इस बात के संकेत पहले से ही मिल रहे थे
नीतीश कुमार शाम को राज्यपाल से मुलाकात कर सकते हैं

पटना. बिहार में नीतीश कुमार एनडीए से अलग हो गए हैं. उन्होंने बीजेपी से अपना गठबंधन तोड़ दिया है. मंगलवार की सुबह से सियासी हलचल वाली तस्वीर दोपहर होते-होते साफ हो गई और जो फैसला सबके सामने आया वह ये रहा कि बिहार में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री तो रहेंगे लेकिन एनडीए की बजाय महागठबंधन के खेमे से. दरअसल पिछले दो दिनों से बिहार में सत्ता परिवर्तन को लेकर काफी तेज चर्चा थी लेकिन किसी को कयास नहीं था कि इतनी जल्दी बिहार में सब कुछ बदल जाएगा.

हालांकि जिस तरह से जदयू ने अपने विधायकों और सांसदों को आनन-फानन में पटना बुलाया था वैसे मैं इस बात से भी इनकार नहीं किया जा रहा था कि नीतीश कुमार कोई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला फैसला ले सकते हैं. और आखिरकार हुआ भी वैसा ही. मंगलवार को जब जेडीयू ने बीजेपी से गठबंधन तोड़ने का निर्णय लिया तो लोग हैरान रह गये. इसके पीछे की जो वजह सामने आई वह यह रही कि पार्टी के विधायक और सांसदों ने एक सुर से नीतीश कुमार से यह मांग की और कहा कि अब बिहार में जेडीयू को बीजेपी से अलग हो जाना चाहिए.

मंगलवार को जब पटना में जेडीयू के विधायक और सांसदों की बैठक हुई तो बैठक में 25 विधायकों ने एक सुर में मुख्यमंत्री को बताया कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को JDU की जरूरत थी, इस वजह से भाजपा साथ दिखी लेकिन जब विधानसभा चुनाव का मौका आया तब भाजपा ने JDU के हरेक उम्मीदवार को हराने का षड्यंत्र रचा. बैठक में विधायकों ने एक सुर में मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इसी क्षण भाजपा से अलग जो जाइए. विधायकों की इस मांग का तमाम विधायकों और सांसदों ने दोनों हाथ उठाकर समर्थन किया. इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तय कर लिया कि अब भाजपा के साथ गठबंधन में नही रहेंगे.

बिहार विधानसभा में दलगत स्थिति पर नजर डालें तो आरजेडी के पास 75 + एआईएमआईएम से आए 4 + बोचहा 1 = 80 (मोकामा को हटाकर 79, क्योंकि ये सीट आरजेडी कोटे से थी जहां से अनंत सिंह विधायक थे) हैं तो वहीं बीजेपी के पास अपने 74 और वीआईपी से आए 3 यानी 77 विधायक हैं जबकि
जेडीयू के 43, बीएसपी के 1, एलजेपी का 1 कुल 45 और निर्दलीय – 1 (सुमित सिंह जो नीतीश कुमार के समर्थन में हैं. कांग्रेस के पास 19, भाकपा-माले – 12, सीपीआईएमएल – 2, सीपीआई – 2, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा – 4, एआईएमआईएम – 1 विधायक हैं.

Tags: Bihar News, NDA, Nitish kumar, PATNA NEWS

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