ट्रिपल तलाक: 'जो कानून बनाना है बना लें लेकिन मुसलमान वही करेगा जो क़ुरान में है'

बलियावी ने कहा कि मुसलमान नमाज़, रोज़ा, ज़कात, निकाह, तलाक़ में जो इस्लामिक वसुल हैं, उसके मुताबिक़ किसी भी क़ानून की परवाह किए वग़ैर क़ुरान, हदीस, शरिया की मानेगा.

News18 Bihar
Updated: July 30, 2019, 4:52 PM IST
ट्रिपल तलाक: 'जो कानून बनाना है बना लें लेकिन मुसलमान वही करेगा जो क़ुरान में है'
बलियावी जेडीयू में मुस्लिमों के बड़े नेता माने जाते हैं
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Updated: July 30, 2019, 4:52 PM IST
तीन तलाक बिल को लेकर जेडीयू का विरोध लगातार जारी है. इस कड़ी में नया नाम पार्टी के एमएलसी ग़ुलाम रसूल बलियावी का जुड़ गया है. बलियावी ने साफ कर दिया है कि जिसे जो क़ानून बनाना है बना लें लेकिन मुसलमान वही काम करेगा जो क़ुरान, हदीस, शरियत के क़ानून में है. बलियावी ने कहा कि मुस्लिम कम्युनिटी में कुछ बातें तय हैं, बात अगर अफगानिस्तान, सीरिया की हो रही है तो किसी मुल्क का चरित्र इस्लाम का मॉडल नहीं हो सकता है. इस्लाम का मॉडल क़ुरान, हदीस शरिया क़ानून है, ऐसे में किसी दूसरे देश का उदाहरण देकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए.

एनडीए फोरम में होनी चाहिए थी बहस

मुसलमान नमाज़, रोज़ा, ज़कात, निकाह, तलाक़ में जो इस्लामिक वसुल हैं उसके मुताबिक़ किसी भी क़ानून की परवाह किए वग़ैर क़ुरान, हदीस, शरिया की मानेगा. जेडीयू नेता ने कहा कि इस बिल पर एनडीए के फोरम में चर्चा होनी चाहिए थी और उसमें सोचना चाहिए था. पहले चर्चा होनी चाहिए थी फिर बिल लाना चाहिए था. बलियावी ने नीतीश कुमार को लेकर कहा कि इस वक़्त नीतीश कुमार का फ़ेस और पर्सनालिटी कोई मामूली नहीं है. मालूम हो कि बलियावी से पहले जेडीयू के ही केसी त्यागी ने भी तीन तलाक के मुद्दे पर जेडीयू के विरोध को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी.

केसी त्यागी बोले

JDU के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि मौजूदा स्‍वरूप में जेडीयू को तीन तलाक़ बिल स्वीकार नहीं है. केसी त्‍यागी ने कहा कि ऐसे नाज़ुक मुद्दे पर आम सहमति बनाने की ज़रूरत है. उन्‍होंने कहा कि एनडीए के कॉमन एजेंडा में यह मुद्दा नहीं रहा है. यह बीजेपी और जनसंघ का प्रोग्राम है. इसको लेकर एनडीए के भीतर कभी भी आम सहमति बनाने की कोशिश नहीं की गई. वहीं, जानकारी के अनुसार, कम से कम 4 केंद्रीय मंत्री और दो वरिष्ठ राज्यसभा सांसदों ने गठबंधन और विपक्षी दलों से तीन तलाक बिल पर बात की.

रविशंकर बोले

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में कहा, '' कुछ लोगों को बिल में कुछ खामियां लगी, उन्हें लगा इसका दुरुपयोग हो सकता है तो हमने इसमें बदलाव किए, एफआईआर सिर्फ पत्नी, पत्नियों के खून के रिश्ते में आने वाले लोगों द्वारा दर्ज की जा सकती है. हमने इसमें जमानत, कस्टडी और मुआवजे का प्रावधान भी रखा है.''
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इनपुट- अमितेष कुमार
First published: July 30, 2019, 4:35 PM IST
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