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नागरिकता कानून: JDU सांसद आरसीपी सिंह का बड़ा बयान, प्रशांत किशोर को बताया अनुकंपा वाला नेता

News18 Bihar
Updated: December 13, 2019, 8:20 PM IST
नागरिकता कानून: JDU सांसद आरसीपी सिंह का बड़ा बयान, प्रशांत किशोर को बताया अनुकंपा वाला नेता
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले आरसीपी सिंह ने कहा कि प्रशांत किशोर की अपनी कोई जमीन नहीं है.

नागरिकता कानून को लेकर जेडीयू (JDU) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) अपनी ही पार्टी पर हमलावर हैं.

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पटना. नागरिकता कानून को लेकर जेडीयू (JDU) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) अपनी ही पार्टी पर हमलावर हैं. वहीं, राज्यसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह (RCP Singh) ने प्रशांत किशोर और गुलाम रसूल बलियावी को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने प्रशांत किशोर को अनुकंपा वाला नेता बताया है.

प्रशांत किशोर की अपनी कोई जमीन नहीं 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले आरसीपी सिंह ने कहा, 'प्रशांत किशोर की अपनी कोई जमीन नहीं है. प्रशांत किशोर ने पार्टी के लिए आज तक क्या किया? आज तक एक भी सदस्य नहीं बनाया. जिन्हें पार्टी से जाना है जाए.'

नीतीश कुमार ने उन्हें बहुत सम्मान दिया

जेडीयू नेता ने कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें बहुत सम्मान दिया. पार्टी की ओर से कार्रवाई करने के सवाल पर आरसीपी सिंह ने कहा कि हम क्यों उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे? उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जो पार्टी के लिए काम करते हैं. ये लोग आज तक एक भी सदस्य नहीं बना सके.

CAB कानून पर बरसे प्रशांत किशोर
नागरिकता कानून का जेडीयू नेता प्रशांत किशोर लगातार विरोध कर रहे हैं. अपनी पार्टी के इस पर लिए स्टैंड से अलग वो ट्वीट कर लगातार अपनी बात रख रहे हैं. यही वजह है कि पीके अब अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं. शुक्रवार को उन्होंने फिर इस मसले को लेकर ट्वीट किया है और गैर बीजेपी (BJP) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से 'भारत की आत्मा' को बचाने का आह्वान किया है.

प्रशांत किशोर ने अपने ताजा ट्वीट में लिखा, बहुमत से संसद में CAB पास हो गया. न्यायपालिका से परे, अब 16 गैर-बीजेपी मुख्यमंत्रियों पर भारत की आत्मा को बचाने की जिम्मेदारी है क्योंकि ये ऐसे राज्य हैं, जहां इसे लागू करना है. तीन मुख्यमंत्रियों (पंजाब, केरल और पश्चिम) ने CAB और NRC को नकार दिया है, और अब दूसरे गैर-बीजेपी राज्य के सीएम को अपना रुख स्पष्ट करने का समय आ गया है.

 

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First published: December 13, 2019, 5:14 PM IST
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