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CAB का विरोध करने के कारण JDU में अलग थलग पड़े प्रशांत किशोर, RJD-कांग्रेस का मिला साथ

Amit Singh | News18 Bihar
Updated: December 11, 2019, 6:09 PM IST
CAB का विरोध करने के कारण JDU में अलग थलग पड़े प्रशांत किशोर, RJD-कांग्रेस का मिला साथ
नागरिकता संशोधन बिल का जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने किया विरोध

नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship amendment bill) का विरोध करने के कारण जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) आजकल अपनी ही पार्टी में अलग थलग पड़े हुए हैं. हालांकि उन्‍हें आरजेडी, कांग्रेस और हम का समर्थन जरूर मिल रहा है.

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पटना. जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर आजकल अपनी ही पार्टी में अलग थलग पड़े हुए हैं. उनके द्वारा नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship amendment bill) और एनआरसी का विरोध करना पार्टी के लोगों को अच्‍छा नहीं लग रहा है. साथ ही पार्टी ने साफ कर दिया है कि जेडीयू नागरिक संसोधन बिल के समर्थन में है. अगर किशोर द्वारा इस बिल का विरोध किया जा रहा है तो यह उनकी निजी राय है, इससे पार्टी का कोई लेना देना नहीं है.

पार्टी लाइन से अलग बयान निजी राय
बिहार जेडीयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी लाइन से अलग हटकर बोलने वालों के बयान उनके निजी हो सकते हैं, इससे पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने ऐसे नेताओं के बारे में कहा कि पार्टी के निर्णयों पर सवाल उठाने से पहले पार्टी फ़ोरम में गंभीर मुद्दों पर चर्चा होती है और वहां पर ही अपनी बात रखें. अलग से कोई बयान न दें.

किशोर को मिला विरोधी दल के नेताओं का समर्थन

आरजेडी, कांग्रेस और हम प्रशांत किशोर के सर्मथन में खड़ी नजर आ रही है. आरजेडी के कद्दावर नेता अब्दूल बारी सिद्धक्की कहते हैं कि प्रशांत किशोर देश के संविधान को ना सिर्फ जानते और मानते हैं बल्कि उस कहवात में भी विश्वास रखते है जिसमें यह कहा जाता है कि सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा. हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसतां हमारा.

जबकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा का कहना है कि एनआरसी और सीएबी बिल का जो विरोध प्रशांत किशोर कर रहे हैं, वही काम तो हम लोग भी कर रहे हैं. हमारा और उनका विचार एक है. इसके अलावा हम के नेता डॉ. दानिश रिजवान तो इन लोगों से भी एक कमद आगे बढ़ कर प्रशांत किशोर को जेडीयू से अपनी राहें जुदा कर महागठबंधन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का निमंत्रण तक देने का काम कर दिया है.

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First published: December 11, 2019, 6:03 PM IST
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