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 बिहार चुनाव से पहले नेताओं में दलित फेस बनने की होड़, 16 फीसदी वोट बैंक पर सबकी नजर

 बिहार चुनाव से पहले नेताओं में दलित फेस बनने की होड़, 16 फीसदी वोट बैंक पर सबकी नजर

बिहार में दलित वोट बैंक पर सियासत.

बिहार में दलित वोट बैंक पर सियासत.

रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) अभी तक एनडीए में खुद को सबसे बड़ा दलित चेहरा मानते आये हैं. वहीं, जेडीयू के नेता व बिहार सरकार में मंत्री श्याम रजक (Shyam Rajak) ने आरक्षण के सवाल पर दलित विधायकों को एक मंच पर लाकर अपनी दावेदारी पेश कर दी है.

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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) की तारीखों की घोषणा भले ही नहीं हुई हो पर सूबे में सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है. सभी पार्टियों में दलित वोट बैंक (Dalit vote bank) को रिझाने और खुद को सबसे बड़ा दलित नेता साबित करने की होड़ मची है. दलित चेहरे की इस होड़ में विपक्ष के साथ खुद के गठबंधन में भी टशन है. दरअसल बिहार में 16 फीसदी दलित वोटबैंक में सेंध लगाने के लिए रणनीतियां तैयार हो रही हैं. एनडीए में कौन दलित का सबसे बड़ा चेहरा है इसे लेकर सबके अपने दावे हैं.

रामविलास पासवान की साख को चुनौती
गौरतलब है कि लोक जन शक्ति पार्टी के संस्थापक व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान अभी तक एनडीए में खुद को सबसे बड़ा दलित चेहरा मानते आये हैं. लोजपा के अध्यक्ष बनने के बाद चिराग पासवान बिहार भर में युवा यात्रा कर और सरकार पर ही सवाल खड़ा कर सबसे बड़ा चेहरा और मजबूत चेहरा साबित करना चाहते हैं. दूसरी तरफ जेडीयू के नेता व बिहार सरकार में मंत्री श्याम रजक ने आरक्षण के सवाल पर दलित विधायकों को एक मंच पर लाकर अपनी दावेदारी पेश कर दी है.

जेडीयू से श्याम रजक बने दलित चेहरा
श्याम रजक आरक्षण के सवाल पर न सिर्फ अपने दलों के बल्कि विपक्षी नेताओं को भी साथ लाने में कामयाब रहे हैं. वे कई बार इसको लेकर बैठकें कर चुके हैं जिसमें हर दल के दलित चेहरा शामिल होते रहे हैं. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि दरअसल आने वाले समय के लिहाज से वे खुद को सबसे मजबूत दलित चेहरा साबित करने में लगे हैं.

गठबंधन में भी दलित वोटबैंक को लेकर घमासान
इधर महागठबंधन के भीतर दलित वोटबैंक और चेहरे को लेकर घमासान मचा है. जीतन राम मांझी खुद को गठबंधन में सबसे बड़ा दलित चेहरा घोषित करते रहे हैं. मांझी का कहना है कि पिछला कोई भी विधानसभा का उपचुनाव हो या अन्य चुनाव, आरजेडी के उम्मीदवार हम के दलित वोटरों की बड़ी भूमिका रही है.

जीतन राम मांझी ने बुलाई दलित नेताओं की बैठक
गुरुवार को जब जीतन राम मांझी के आवास पर आरक्षण को लेकर दलित विधायकों का जमावड़ा हुआ तो तेजस्वी ने अलग से अपने दलित विधायकों के साथ बैठक बुला ली. मांझी द्वारा तेजस्वी पर दलित अत्याचार पर चुप्पी साधने के आरोप के बाद तेजस्वी ने बिना देर किये दलित पीड़िता के घर जाकर संदेश देने की कोशिश की.

मांझी का आधार कमजोर करने में लगे तेजस्वी यादव
जाहिर है मांझी के तेजस्वी पर लगातार हमले से तेजस्वी मांझी का आधार कमजोर करने की रणनीति बनाने में लगे हैं. इसी क्रम में वे बाढ़ के घोसवारी में दो दलितों की हत्या के बाद उनके परिजनों से मिले थे. गुरुवार को पूर्व सीएम भोला पासवान शास्त्री के परिजनों को आर्थिक मदद भी दी थी.

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Tags: Bihar News, BJP, Election commission, Jdu, Jitan ram Manjhi, PATNA NEWS, Ram vilas paswan, RJD, Tejaswi yadav

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