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CAB को JDU का समर्थन, प्रशांत किशोर ने किया तंज, कहा- 2015 में जीत दिलाने वालों को न भूलें

News18 Bihar
Updated: December 11, 2019, 4:12 PM IST
CAB को JDU का समर्थन, प्रशांत किशोर ने किया तंज, कहा- 2015 में जीत दिलाने वालों को न भूलें
CAB को JDU का समर्थन, PK ने किया तंज, कहा- 2015 में जीत दिलाने वालों को न भूलें

नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) का समर्थन करने के बाद से जेडीयू (JDU) के भीतर इस मुद्दे पर विरोधाभास नजर आने लगे.

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पटना. नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) का समर्थन करने के बाद से जेडीयू (JDU) के भीतर इस मुद्दे पर विरोधाभास नजर आने लगे. जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा कि CAB का समर्थन करते हुए जेडीयू के नेतृत्व को यह याद रखना चाहिए कि साल 2015 में लोगों ने जो दोबारा विश्वास और भरोसा दिया था. उसे हमें भूलना नहीं चाहिए.

इसके साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन वर्मा ने भी इस बिल को एकता और सद्भाव के लिए खतरा बताया है. जबकि जेडीयू एमएलसी गुलाम गौस और गुलाम रसूल बलियावी ने भी प्रमुखता से अपनी आवाज उठाई. लेकिन विरोध के स्वर जेडीयू के केंद्रीय नेतृत्व को नागवार गुजर रही है.

 

पार्टी लाइन से अलग हटकर बोलने वालों के बयान उनके निजी
बिहार जेडीयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी लाइन से अलग हटकर बोलने वालों के बयान उनके निजी हो सकते हैं, पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने ऐसे नेताओं के बारे में कहा कि पार्टी के निर्णयों पर सवाल उठाने से पहले पार्टी फ़ोरम में गंभीर मुद्दों पर चर्चा होती है और वहां पर ही अपनी बात रखें. अलग से कोई बयान न दें.

पार्टी का स्टैंड साफ
जेडीयू अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का स्टैंड साफ है और हमें कोई डाउट नहीं है. लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी हम इस बिल का समर्थन करेंगे. जब पार्टी का लाइन है तय तो फिर किसी भी पद पर बैठे व्यक्ति के अलग स्टैंड का कोई मतलब नहीं है. अधिकृत राय वही है जो लोकसभा में राजीव रंजन सिंह ने रखा.

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First published: December 11, 2019, 3:35 PM IST
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