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JDU का निशाना- 24x7 नेता नहीं हैं तेजस्वी, कभी लाठी नहीं खाई इसलिए करते हैं कैजुअल पॉलिटिक्स

तेजस्‍वी यादव  (फाइल फोटो)

तेजस्‍वी यादव (फाइल फोटो)

केसी त्यागी (KC Tyagi) ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejaswi Yafdav) 24x7 नेता नहीं हैं. वह धरना प्रदर्शन और लाठी खाकर नेता नहीं बने हैं.

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    पटना. बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejaswi yadav) का भारत बंद के दौरान दिल्ली चले जाने से सूबे की सियासत गरमा गई है. खास तौर पर महागठबंधन में शामिल दल इस मुद्दे पर बैकफुट पर नजर आ रहे हैं, तो एनडीए  (NDA) खेमा लगातार फ्रंटफुट पर बैटिंग कर रहा है. भाजपा से सुशील कुमार मोदी (Sushil kumar modi) ने जहां तेजस्वी को इस मसले पर घेरा तो अब जेडीयू (JDU) कुछ ज्यादा ही हमलावर हो गई है. पार्टी के विधानपार्षद नीरज कुमार ने जहां इस मसले को लेकर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) को पत्र लिखकर तेजस्वी के गायब रहने पर स्पष्टीकरण पूछा है तो वहीं केसी त्यागी (KC Tyagi) ने कहा है कि तेजस्वी राजनीति को कैजुअल तरीके से लेते हैं.

    केसी त्यागी ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव 24x7 नेता नहीं हैं. वे धरना प्रदर्शन कर और लाठी खाकर नेता नहीं बने हैं. कैजुअल तरीके से वे राजनीति करते हैं. यह उसी राजनीति का हिस्सा है. बता दें कि इससे पहले जेडीयू के विधानपार्षद नीरज कुमार ने भी तेजस्वी पर करारा हमला किया था.

    जेडीयू नेता नीरज कुमार (JDU Leader Neeraj Kumar) ने इसको लेकर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को होटवार जेल पत्र भेजकर पूछा है कि 8 दिसंबर को भारत बंद में शामिल होने की बात कहकर तेजस्वी कहां ग़ायब हो गए? नीरज कुमार ने राजद को पारिवारिक पार्टी करार देते हुए कहा कि पूरी पार्टी तेजस्वी फोबिया से ग्रसित है.

    नीरज कुमार ने लालू यादव को पत्र में लिखा है, 'तेजस्वी यादव ने बीते 5 दिसंबर को गांधी मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष किसानों का साथ देने की शपथ ली थी. कहा था कि 8 दिसंबर को वह भी मौजूद रहेंगे, पर वे कहां लापता हैं, कहां विलुप्त हैं यह स्पष्ट करिये. साथ ही आपको यह भी स्पष्ट करना पड़ेगा कि क्या माननीय तेजस्वी यादव राजनीतिक आपदा हैं कि बाढ़ हो या फिर कोरोना, वह लुप्त पाए जाते हैं.'

    बता दें कि भारत बंद के दौरान तेजस्वी की ग़ैरमौजूदगी पर सुशील कुमार मोदी ने तंज कसा था. उन्होंने कटाक्ष भरे अंदाज में कहा कि तेजस्वी भी अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का अनुकरण कर रहे हैं. सुशील मोदी ने कहा, 'भारत बंद का आह्वान करके नेता प्रतिपक्ष खुद दिल्ली चले गए ठीक वैसे ही जैसे राहुल गांधी को जैसे मौका मिलता है वो विदेश चले जाते हैं.

    गौरतलब है कि तेजस्वी यादव ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया था कि वह 8 दिसंबर को भारत बंद के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरें और किसान विरोधी कानून का विरोध करें. आरजेडीका दावा था कि उनके कार्यकर्ता शहर से लेकर गांव तक शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करेंगे. आठ दिसंबर का पूरा दिन बीत गया, लेकिन तेजस्वी यादव कहीं नजर नहीं आए.

    जब यह मामला सियासी तौर पर कुछ ज्यादा गरमा गया तो राजद ने तेजस्वी यादव बचाव करते हुए कहा कि उनके निर्देश पर ही राजद के कार्यकर्ता और पदाधिकारीगण भारत बंद को सफल बनाने में लगे हुए थे. हमारा मकसद था गांव को बंद करवाना. तेजस्वी यादव की कामयाबी रही कि ऐतिहासिक बंद रहा. तेजस्वी यादव निजी कारणों से नहीं आ पाए, लेकिन राजद के एक-एक लोग तेजस्वी यादव के सिपाही बनकर खड़े थे.

    कांग्रेस नेता प्रवीण कुशवाहा ने भी कहा कि यह खामी ढूंढना ठीक नहीं. किसानों के लिए पूरा बिहार सड़कों पर उतर आया. जिस तरह से बंद था आप समझ सकते हैं कि लोग किसानों के लिए किस तरह से आंदोलन में साथ देने को तैयार हैं. नेता प्रतिपक्ष गायब हो गए, यह शब्द ही गलत है. वह कहीं और रहे होंगे, लेकिन उनके साथ तमाम लोग लगे हुए थे. कार्यकर्ता लगे हुए थे.

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