लाइव टीवी

पीके को चेतावनी! 'हर मुद्दे पर अलग राय रखने वालों के बारे में पार्टी जरूर सोचेगी'

News18 Bihar
Updated: December 11, 2019, 2:07 PM IST
पीके को चेतावनी! 'हर मुद्दे पर अलग राय रखने वालों के बारे में पार्टी जरूर सोचेगी'
नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करने वाले नेताओं को जेडीयू ने चेतावनी जारी की है. (फाइल फोटो)

बिहार जेडीयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी लाइन से अलग हटकर बोलने वालों के बयान उनके निजी हो सकते हैं, पार्टी का इससे कोई लेना -देना नहीं है.

  • Share this:
पटना. नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) का समर्थन करने के बाद से जेडीयू (JDU) के भीतर इस मुद्दे पर विरोधाभास नजर आने लगे. शुरुआत पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा कि यह विधेयक लोगों से धर्म के आधार पर भेदभाव करता है. इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन वर्मा (Pawan Verma) ने भी इस बिल को एकता और सद्भाव के लिए खतरा बताया. फिर तो जेडीयू एमएलसी गुलाम गौस (Ghulam Gaus) और गुलाम रसूल बलियावी (Ghulam rasul baliyavi) ने भी मुखरता से अपनी आवाज उठाई. लेकिन विरोध के स्वर जेडीयू के केंद्रीय नेतृत्व को नागवार गुजर रहा है और इन नेताओं सो चेतावनी भरी नसीहत दी है.

बिहार जेडीयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी लाइन से अलग हटकर बोलने वालों के बयान उनके निजी हो सकते हैं, पार्टी का इससे कोई लेना -देना नहीं है. उन्होंने ऐसे नेताओं के बारे में कहा कि पार्टी के निर्णयों पर सवाल उठाने से पहले पार्टी फ़ोरम में गंभीर मुद्दों पर चर्चा होती है और वहां पर ही अपनी बात रखें. अलग से कोई बयान न दें.

जेडीयू अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का स्टैंड साफ  है और हमें कोई डाउट नहीं है.  लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी हम इस बिल का समर्थन करेंगे. जब पार्टी का लाइन है तय तो फिर किसी भी पद पर बैठे व्यक्ति के अलग स्टैंड का कोई मतलब नहीं है. अधकृत राय वही है जो लोकसभा में राजीव रंजन सिंह ने रखा.

जेडीयू के बिहार अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने नेताओं से पार्टी फोरम में बात रखने की नसीहत दी है. (फाइल फोटो)


प्रशांत किशोर और पवन वर्मा समेत कई लोगों के अलग रुख़ पर उन्होंने कहा कि इस बारे में हमलोग जानकारी लेगें. नीतीश कुमार के व्यक्तित्व और नेतृत्व पर कोई सवाल सवाल नहीं है. कई दलों में लोग अलग-अलग राय रखते हैं, लेकिन अगर हर मुद्दे पर अलग राय रहेगा तो पार्टी सोचेगी.

वशिष्ठ नारायण सिंह ने तेजस्वी यादव के धरना पर कहा कि नकारात्मक सोच रखने वालों को चाहिए मुद्दा जिससे लोगों के बीच में जाकर भ्रम फैलाए. इन लोगों के पास मुद्दा नहीं है और न कोई भविष्य का एजेंडा.

ये भी पढ़ें

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 11, 2019, 1:59 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर