NDA में शामिल होने पर जदयू को मिलेंगे 2 केंद्रीय मंत्री पद, नीतीश हो सकते हैं संयोजक

Alok Kumar | News18Hindi
Updated: August 12, 2017, 8:37 PM IST
NDA में शामिल होने पर जदयू को मिलेंगे 2 केंद्रीय मंत्री पद, नीतीश हो सकते हैं संयोजक
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Alok Kumar | News18Hindi
Updated: August 12, 2017, 8:37 PM IST
बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष नीतीश कुमार 19 अगस्त को अधिकारिक रूप से पार्टी के NDA में शामिल होने की घोषणा करेंगे. ये घोषणा जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान की जाएगी.

शुक्रवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने नीतीश कुमार को एनडीए में शामिल होने का न्योता दिया था. हालांकि जदयू नेताओं का मानना है कि बिहार में महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी के साथ आने के बाद ये महज एक औपचारिकता जैसा है.

जदयू के राष्ट्रीय महासचिव के सी त्यागी ने कहा, 'खुद नीतीश कुमार इस प्रस्ताव को प्रस्तुत करेंगे जिसे बहुमत से स्वीकृति दी जाएगी. ये बिहार राज्य के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जब प्रदेश और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकारों के सहयोग से काम-काज चलेगा. केंद्र और राज्य मिलकर बिहार को तरक्की की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.'

बता दें कि 17 साल के लंबे सहयोग के बाद 2013 में नीतीश कुमार ने NDA का साथ तब छोड़ दिया था जब नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया गया था. लेकिन ये अलगाव ज्यादा समय तक जारी नहीं रहा क्योंकि नीतीश ने लालू समेत RJD नेतृत्व पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते महागठबंधन से किनारा कर लिया.

नीतीश का वापस एनडीए का हाथ थामना 2019 के आम चुनावों में NDA के लिए मददगार साबित हो सकता है. नीतीश के करीबी सूत्रों ने न्यूज18 इंडिया को बताया कि उन्हें एनडीए का संयोजक बनाया जा सकता है. इससे पहले ये जिम्मेदारी जॉर्ज फर्नांडेज और शरद यादव जैसे नेता संभाल चुके हैं.

सूत्रों के अनुसार एनडीए में शामिल होने के बाद जदयू को दो केंद्रीय मंत्री पद दिए जाएंगे. इनमें से एक कैबिनेट मंत्री का पद होगा तो दूसरा केंद्रीय राज्य मंत्री का होगा.

जदयू के सूत्रों के मुताबिक, ' केंद्रीय कैबिनेट में ये फेरबदल होने में समय लग सकता है क्योंकि पार्टी शरद यादव और अली अनवर की जगह राज्य सभा में नए सदस्यों को भेज सकती है. अगर दोनों सीनियर नेता पार्टी से इस्तीफा नहीं देते हैं तो उन्हें अनुशासन समिति के सामने भी भेजा जा सकता है. अगर ये भी संभव नहीं हुआ तो पार्टी विरुद्ध कार्य करने के लिए दोनों नेताओं को कई और तरीकों से राज्य सभा से बाहर भेजा जा सकता है.'

गौरतलब है कि मौजूदा समय में जदयू के दो सांसद लोक सभा और नौ राज्यसभा में हैं. ये सभी बीजेपी के लिए जरूरी हैं क्योंकि राज्यसभा में वो बहुमत में नहीं है.

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First published: August 12, 2017
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