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बिहार उपचुनाव: मांझी के आने से क्या महागठबंधन को वोट देंगे 5 फीसदी महादलित ?
Patna News in Hindi

Amit Singh | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: March 5, 2018, 4:14 PM IST
बिहार उपचुनाव: मांझी के आने से क्या महागठबंधन को वोट देंगे 5 फीसदी महादलित ?
फाइल फोटो

बीजेपी के विधायक नितिन नवीन की मानें तो मांझी के महागठबंधन में जाने का असर न तो वोट और न ही किसी समीकरण के बनने बिगड़ने से होगा.

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बिहार में उपचुनाव की अब उलटी गिनती शुरू हो गई है दोनों खेमा जातीय समीकरण को मजबूत करने में लगा है ऐसे में मांझी फैक्टर इस उपचुनाव में कितना असरदार होगा इस पर सबकी नजर है. महागठबंधन को मांझी से बहुत उम्मीदें है क्योंकि अगर यह फैक्टर चला तो एमवाई के साथ महादलित वोट बहुत असरदार साबित होगा.

बिहार में जिस नेता या पार्टी की जाति पर मजबूत पकड़ है उसका हीं दबदबा होता है ऐसा माना जाता है. यकीन मानिए विकास और सुशासन जाति से कहीं पीछे छूट जाते हैं ऐसे में जिस पार्टी के पास सबसे बड़ा जातीय समीकरण है उसकी जीत लगभग पक्की है.

आरजेडी यानि लालू खेमा को जातीय समीकरण में बादशाहत हासिल है. एमवाई समीकरण के बूते लालू ने बिहार में 15 सालों तक राज किया लेकिन तब एमवाई के साथ लालू को दलितों का भी खूब वोट मिला था. लंबे समय के बाद फिर इस उपचुनाव में लालू खेमे की नजर दलित वोट बैंक पर है शायद यही कारण है कि आरजेडी को मांझी से बहुत उम्मीदें हैं.

बिहार में दलितों को वोट करीब 23 फीसदी है जिसमें 4 से 5 फीसदी मुसहर (महादलित) जाति के लोग हैं. जीतनराम मांझी भी इसी समुदाय से आते हैं और उनकी इस बिरादरी में मजबूत पकड़ है. जिन इलाकों में उपचुनाव होना है वहां दलित-महादलित का वोट उम्मीदवार के जीत-हार भी तय कर सकते हैं ऐसे में मांझी के जरिये महागठबंधन उपचुनाव की वैतरणी पार करने में लगी है लेकिन एनडीए इस फैक्टर को कोई तवज्जो नहीं दे रहा.



बीजेपी के विधायक नितिन नवीन की मानें तो मांझी के महागठबंधन में जाने का असर न तो वोट और न ही किसी समीकरण के बनने बिगड़ने से होगा. ये बात सही है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने मांझी फैक्टर को खूब भुनाया और इसका उन्हें फायदा भी मिला लेकिन 2015 के चुनाव में मांझी कोई खास असर नहीं दिखा सके.

अब जबकि मांझी एनडीए का पाला बदलकर लालू खेमे में आ गए हैं तो आरजेडी भी इस फैक्टर को भुनाने की कोशिश में है वजह भी जायज है कि अगर मांझी फैक्टर असरदार हुआ तो महागठबंधन का पलड़ा भारी तय है. राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी भी मानते हैं कि मांझी के आने का फायदा महागठबंधन को होगा और उप चुनाव में उसे जीत मिलेगी.

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First published: March 5, 2018, 4:09 PM IST
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