बिहार में पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाने का सुझाव दिया जीतन राम मांझी ने

पंचायत चुनाव को लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सीएम नीतीश कुमार को सुझाव दिया. (फाइल फोटो)

पंचायत चुनाव को लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सीएम नीतीश कुमार को सुझाव दिया. (फाइल फोटो)

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने ट्वीट किया, कोरोना के आपात संकट को ध्यान रखते हुए मा.@NitishKumar जी से आग्रह है कि पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल कम से कम 6 माह के लिए बढ़ा दिया जाए जिससे ग्रामीण इलाक़े का विकास कार्य चलता रहे.'

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पटना. कोरोना महामारी के इस दौर में बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं और पंचायत चुनाव कराने या न कराने को लेकर लोग अपनी राय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को रूबरू कराते रहते हैं. इसी क्रम में आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम पार्टी (HAM) के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने कहा कि कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल कम से कम 6 महीने के लिए बढ़ा देना चाहिए. उन्होंने लोकसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार आपातकाल के दौरान लोकसभा के कार्यकाल को संविधान के आर्टिकल 352 के तहत बढ़ा दिया गया है.

जीतन राम मांझी ने की नीतीश कुमार से अपील

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को अपने निजी ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, 'कई बार आपातकाल के दौरान लोकसभा के कार्यकाल को संविधान के आर्टिकल 352 के तहत बढ़ा दिया गया।

कोरोना के आपात संकट को ध्यान रखते हुए मा.@NitishKumar जी से आग्रह है कि पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल कम से कम 6 माह के लिए बढ़ा दिया जाए जिससे ग्रामीण इलाक़े का विकास कार्य चलता रहे।'

जीतन राम मांझी के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.
जीतन राम मांझी के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.

15 जून को खत्म हो रहा पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल

आपको बता दें कि बिहार में पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है. लेकिन कोरोना की स्थिति को देखते हुए समय पर चुनाव करा पाना संभव नहीं दिख रहा है. विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग पर जिस तरीके से सवाल खड़े हुए हैं, वैसे में बिहार में पंचायत चुनाव कराने का जोखिम शायद चुनाव आयोग न ले. उत्तर प्रदेश में हाल में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में जिस तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ता दिखा है, वही आशंका बिहार को भी लेकर हो सकती है. इन स्थितियों को देखते हुए नहीं लगता है कि बिहार में वक्त पर चुनाव आयोग पंचायत चुनाव करवाने का जोखिम लेना चाहेगा.

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