Home /News /bihar /

मांझी, कुशवाहा, सहनी और शरद ने की 'गुप्त' बैठक, क्या बिहार में तीसरा मोर्चा बनाने की हो रही तैयारी?

मांझी, कुशवाहा, सहनी और शरद ने की 'गुप्त' बैठक, क्या बिहार में तीसरा मोर्चा बनाने की हो रही तैयारी?

पटना के चाणक्य होटल में शरद यादव, जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा और मुकेश सहनी की बैठक की तस्वीर.

पटना के चाणक्य होटल में शरद यादव, जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा और मुकेश सहनी की बैठक की तस्वीर.

जीतन राम मांझी (Jeetan Ram Manjhi) ने कहा कि आज की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिसका खुलासा 18 फरवरी को सब मिलकर करेंगे. इस बीच ये खबर भी है कि 15 फरवरी को रांची के रिम्स में शरद यादव (Sharad Yadav) आरजेडी चीफ लालू यादव (Lalu Yadav) से मिलेंगे

अधिक पढ़ें ...
पटना. जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, शरद यादव और मुकेश साहनी (Jeetan Ram Manjhi, Upendra Kushwaha, Sharad Yadav and Mukesh Sahni) ने गुप्त बैठक कर गठबंधन में हंगामा खड़ा कर दिया है. सबसे चौंकाने वाली बात यह हुई कि जीतन राम मांझी सहित सभी नेताओं ने पटना के होटल चाणक्य में लगभग एक घंटे तक गुप्त रूप से बैठक की, जिसकी जानकारी ना तो आरजेडी को दी गई और ना ही कांग्रेस को कुछ पता था. दरअसल इस बैठक से यही सवाल उठ रहे हैं कि क्या महागठबंधन के भीतर चुनाव से पहले ही बिखराव की स्थिति पैदा हो गई है? सवाल ये है कि क्या गठबंधन से अलग कोई मोर्चा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है?
18 फरवरी को मांझी करेंगे खुलासा

जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा सहित तमाम लोगों ने गुप्त बैठक के बारे में कुछ भी जानकारी देने से फिलहाल इंकार किया है. जीतन राम मांझी ने कहा कि आज की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिसका खुलासा 18 फरवरी को सब मिलकर करेंगे. जीतन राम मांझी ने साफ तौर पर कहा कि गठबंधन में अगर सब मिलकर चुनाव नहीं लड़े तो दिल्ली जैसी हालत हो जाएगी. साथ रहने का ही नतीजा है कि दिल्ली में बड़ी हार हुई, लेकिन झारखंड में सब ने एकजुटता दिखाई तो गठबंधन ने चुनाव जीता.
आरजेडी-कांग्रेस को भी नहीं थी जानकारी

मांझी सहित तमाम नेताओं की गुप्त बैठक के बारे में जानकारी नहीं रहने पर आरजेडी ने नाराजगी जताई है. आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि कुछ लोग गठबंधन में दरार डालना चाहते हैं. वैसे लोग जिनका कोई जनाधार नहीं है, वह भी बैठक कर दबाव बना रहे हैं. सभी लोग यह साफ तौर पर समझ लें कि गठबंधन का नेतृत्व तेजस्वी यादव ही करेंगे. इसे लेकर किसी को कोई कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए. वहीं, कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस को इसकी कोई जानकारी नहीं थी. अगर कुछ नेता आपस में बैठकर बात करते हैं, तो इसमें कोई हर्ज नहीं. जब तक कोई घोषणा नहीं की जाती, तब तक परेशानी वाली बात नहीं है.

बिहार में महागठबंधन के नेताओं के बीच तेजस्वी यादव को अपना नेता मानने को लेकर मतभेद है (फोटो: पीटीआई)


 15 को लालू से मिलेंगे शरद यादव



इस बीच ये खबर भी सामने आई है कि 15 फरवरी को रांची के रिम्स में शरद यादव आरजेडी चीफ लालू यादव से मिलेंगे. जाहिर है इन सियासी घटनाक्रमों के बीच शरद यादव धुरी बनकर उभरे हैं. ऐसे में लालू यादव से उनकी मुलाकात बिहार के सियासी हलकों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.


18 को पटना पहुंच रहे प्रशांत किशोर

बहरहाल, एक तरफ जहां जीतन राम मांझी 18 फरवरी को बैठक में हुए फैसले का खुलासा करने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ 18 फरवरी को ही प्रशांत किशोर वापस पटना आने का ऐलान कर चुके हैं. जाहिर है आशंका जताई जा रही है कि आपस में मिलकर कहीं कोई तीसरा मोर्चा खड़ा करने की रणनीति तो नहीं बन रही है.
ये भी पढ़ें- 



Tags: Bihar News, Congress, Jitan ram Manjhi, PATNA NEWS, RJD, Sharad yadav, Upendra kushwaha

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर