Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    बिहार: कोऑर्डिनेशन कमिटी नहीं बनी तो महागठबंधन से 'विदाई' लेंगे जीतन राम मांझी!

    जीतनराम मांझी बड़ी घोषणा कर सकते हैं.  (फाइल फोटो)
    जीतनराम मांझी बड़ी घोषणा कर सकते हैं. (फाइल फोटो)

    महागठबंधन की आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में जहां कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, वहीं कई मुद्दों पर तल्खी बरकरार रही.

    • News18Hindi
    • Last Updated: June 24, 2020, 10:19 PM IST
    • Share this:
    पटना. चुनावी साल आते ही बिहार की राजनीति लगातार गरमा रही है. महागठबंधन (Grand Alliance) में चल रहे घमासान के बीच नाराज चल रहे जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) और उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) को कांग्रेस ने साथ रखने की कवायद शुरू कर दी है. इसी कड़ी में मंगलवार को गठबंधन की एक अहम बैठक में हुई. मीटिंग में सप्ताह के अंदर कोऑर्डिनेशन कमिटी (Coordination Committee) बनाने पर सहमति हुई. साथ ही जीतन राम मांझी ने साफ कर दिया कि अगर एक सप्ताह में कोऑर्डिनेशन कमेटी नहीं बनी तो गठबंधन से विदाई ले लेंगे.

    महागठबंधन की आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में जहां कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, वहीं कई मुद्दों पर तल्खी बरकरार रही. कांग्रेस के बुलावे पर वर्चुअल बैठक में कांग्रेस के तरफ से अहमद पटेल, जीतन राम मांझी, उपेन्द्र कुशवाहा, कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा के साथ आरजेडी के सांसद मनोज झा शामिल रहे. बैठक में तेजस्वी का शामिल नहीं होना सवालों के घेरे में रहा. तेजस्वी की जगह आरजेडी से मनोज झा ने अपनी बातें रखी.

    एक सप्ताह में गठबंधन बनाने पर सहमति



    महागठबंधन की हुई बैठक में गठबंधन के भीतर कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाने पर चर्चा हुई. सूत्रों से जानकारी के मुताबिक जीतन राम मांझी के इस मांग पर कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने भी सहमति जताई और आरजेडी से बनाने की बात कही गई. आरजेडी नेता मनोज झा ने हालांकि सहमति जताई पर यह बात कहते हुए खुद को किनारा किया कि यह फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ले सकते हैं और यह बात उन तक पहुंचा दी जाएगी. बैठक के दौरान यह भी मांग की गई कि कोऑर्डिनेशन कमिटी बनने के बाद 15 दिनों के भीतर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम भी तैयार हो जाना चाहिए. बैठक में शामिल उपेन्द्र कुशवाहा और मदन मोहन झा ने भी बात पर सहमति जताई.
    ये भी पढ़ें: हनुमान बेनीवाल का PM नरेंद्र मोदी को पत्र, 'टिड्डी प्रकोप' को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग

    मांझी ले सकते हैं बड़ा फैसला

    बैठक में शामिल जीतन राम मांझी ने साफ तौर पर यह बात रखी कि अगर एक सप्ताह में कोऑर्डिनेशन कमिटी नहीं बनी तो अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है. माना जा रहा है कि एक सप्ताह बाद मांझी महागठबंधन से विदाई ले लेंगे, जिसकी घोषणा जीतन राम मांझी खुद करेंगे.

     
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज