Twitter पर उठी ब्रह्मेश्वर मुखिया को इंसाफ दिलाने की मांग, Top Trend में शामिल
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Twitter पर उठी ब्रह्मेश्वर मुखिया को इंसाफ दिलाने की मांग, Top Trend में शामिल
आरा जेल से रिहाई के वक्त अपने पुत्र इंदुभूषण के साथ ब्रह्मेश्वर मुखिया (फाइल फोटो)

90 के दशक में रणवीर सेना सुप्रीमो रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया को न्याय दिलाने की मांग एक बार फिर से जोर पकड़ता जा रहा है खास करके ऐसे वक्त जब इसी साल के अंत में बिहार में विधानसभा के चुनाव होने हैं

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पटना. रणवीर सेना (Ranveer Sena) सुप्रीमो रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया (Brahmeshwar Mukhia) की हत्या हुए 8 साल का समय बीत चुका है, ऐसे में मुखिया की आठवीं बरसी पर एक बार फिर से उनको और उनके परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठने लगी है. 1 जून को ब्रह्मेश्वर मुखिया  की आठवीं बरसी मनाई गई थी. इस बरसी के बाद ट्विटर (Twitter Trend) पर अचानक से हैश टैग #शहीद_मुखियाजी_को_न्याय_दो नाम से कैंपेन चलाया गया. इस हैशटैग में अब तक 27000 ट्वीट और रिट्वीट हो चुके हैं और लोग मुखिया के लिए न्याय की मागं कर रहे हैं.

घर के पास ही की गई थी हत्या

1 जून 2012 को बिहार के आरा शहर में ब्रह्मेश्वर मुखिया की हत्या उस वक्त कर दी गई थी जब वह अपने आवास के पास मॉर्निंग वॉक कर रहे थे. इस हत्याकांड ने पूरे देश में काफी सुर्खियां बटोरी थी और बिहार की राजनीति को भी काफी दिन से गरमा रखा था. ब्रह्मेश्वर मुखिया की आठवीं बरसी पर लॉक डाउन के कारण कोई बड़ा कार्यक्रम तो आयोजित नहीं हुआ लेकिन उनके समर्थकों और परिवार से जुड़े लोगों ने ट्विटर और सोशल मीडिया के जरिए उनको श्रद्धांजलि दी साथ ही न्याय की भी मांग की. ट्विटर पर बिहार समेत अन्य प्रांतों के कुछ लोगों ने आवाज उठाई और जल्द से जल्द इस हत्याकांड के गुनाहगारों को पकड़ने की मांग उठाई.



सीबीआई कर रही है जांच

मालूम हो कि बिहार में अब तक के सबसे चर्चित हत्याकांड में से एक ब्रह्मेश्वर मुखिया केस फिलहाल सीबीआई के अधीन है लेकिन हत्या के 8 साल बाद भी देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी भी कातिलो का पता नहीं लगा सकी है, इसके लिए इस इश्तेहार के माध्यम से कई बार दस लाख का ईनाम भी घोषित किया गया है लेकिन अब तक सीबीआई के हाथ खाली हैं.



ट्विटर पर करता रहा ट्रेंड

ट्विटर पर चलाए गई इस कैंपेन में यह हैश टैग बिहार में नंबर 2 तक पहुंचा जबकि पूरे भारत में यह 20 नंबर था. ऐसे में इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि ब्रह्मेश्वर मुखिया को न्याय दिलाने की मांग एक बार फिर से जोर पकड़ता जा रहा है खास करके ऐसे वक्त जब इसी साल के अंत में बिहार में विधानसभा के चुनाव होने हैं.

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