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खेल सम्मान में मिले रुपये से कराटे प्लेयर आकाश ने घर में बनाया जिम, अब श्रीलंका से लेकर आएंगे ‘गोल्ड’

पिछले माह 14 व 15 अक्टूबर को टर्की के इस्तांबुल शहर में आयोजित टर्किस ओपन इंटनेशनल कराटे प्रतियोगिता में आकाश ने भारत क ...अधिक पढ़ें

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    रिपोर्ट-उधव कृष्ण

    पटना. किसी भी काम को न सिर्फ करने, बल्कि सफलता पाने के लिए जोश और जुनून का होना जरूरी है. पांच अंतरराष्ट्रीय मैच और कई राज्य व राष्ट्रीय स्तर के मैच खेल चुके दीघा के माली टोले में रहने वाले 23 वर्षीय कराटे प्लेयर आकाश भी इसी जोश और जुनून के साथ आगे बढ़ रहे हैं. पटना के इस कराटे बॉय ने पिछले माह 14 व 15 अक्टूबर को टर्की के इस्तांबुल शहर में आयोजित टर्किस ओपन इंटनेशनल कराटे प्रतियोगिता में भारत के लिए कांस्य पदक जीता है. अब वे 28 व 29 नवंबर को श्रीलंका में आयोजित होने वाले साउथ एशियन गेम्स में भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि अर्थिक रूप से कमजोर आकाश की यहां तक पहुंचने की कहानी भी काफी दिलचस्प है. बीए फिलॉस्फी ऑनर्स थर्ड ईयर के छात्र आकाश अब तक बैक टू बैक दुबई, जॉर्डन, संघाई, मिस्त्र और तुर्की में खेल चुके हैं. खुद को तैयार रखने के लिए वे प्राइज में मिले रुपए से जिम खोलने के साथ-साथ अपने बड़े भाई कुंदन की मदद से अपना एक इंस्टीट्यूट भी चलाते हैं.

    गाड़ी के बदले इक्विपमेंट्स के लिए आयोजक से मांग लियाथा कैश

    आकाश बताते हैं कि पुणे में आयोजित हुए राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में इन्होंने एक ब्रांड न्यू स्कूटी जीता था. पर प्रैक्टिस के लिए इक्विपमेंट्स और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए आने-जाने में होने वाले खर्च इत्यादि को देखते हुए आकाश ने कैश प्राइज़ लेने की इच्छा ज़ाहिर की. जिसे एसोसिएशन द्वारा स्वीकारते हुए उन्हें पुरस्कार के रूप में स्कूटी के बदले कैश दे दिया गया था.

    ‘और मेडल जीतकर करना है बिहार व देश का नाम रौशन’

    आकाश को बेहतरीन प्रदर्शन करने पर पांच बार बिहार का खेल सम्मान पुरस्कार मिल चुका है. आकाश बताते हैं कि खेल सम्मान में मिली राशि से उन्होंने अपने घर को ही जिम में परिवर्तित कर दिया है. ताकि उनको मैच की प्रैक्टिस करने में कोई दिक्कत न हो. आकाश कहते हैं कि अभी उपलब्धियों से उनका मन नहीं भरा है. इसलिए अभी और भी मेडल जीतकर उन्हें बिहार व देश का नाम रौशन करना है.

    ‘मेडल जीतने में कई लोगों की मेहनत रहती है शामिल’

    आकाश दीघा के माली टोला में 23 लोगों के अपने संयुक्त परिवार के साथ रहते हैं. पूरे परिवार के लोग आकाश को खेल में सपोर्ट करते हैं. साथ ही आगे बढ़ते रहने को प्रेरित भी करते हैं. डॉन बोस्को स्कूल से उनके कराटे प्रशिक्षण की शुरुआत हुई. कोच पंकज कामली और अभय कुमार अतुल ने बहुत सपोर्ट किया. आकाश भी अपनी उपलब्धि का श्रेय परिवार के लोगों व कोच को देते हुए कहते हैं कि ‘एक-एक मेडल को जीतने में कई-कई लोगों की मेहनत शामिल रहती है’.

    Tags: Bihar News, PATNA NEWS

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