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पटना कैसे बनेगा 'स्मार्ट'? बिहार की राजधानी में भी होता है 'भूत भगाने' का अंधविश्वास वाला खेल

पटना कैसे बनेगा 'स्मार्ट'? बिहार की राजधानी में भी होता है 'भूत भगाने' का अंधविश्वास वाला खेल

Patna News: आज कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर पटना सिटी के गायघाट पर अंधविश्वास का खेल देखने को मिला.

Patna News: आज कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर पटना सिटी के गायघाट पर अंधविश्वास का खेल देखने को मिला.

Patna Kartik Purnima News: कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर पटना के गायघाट पर अंधविश्वास का खेल देखने को मिला. पुलिस-प्रशासन के सामने ही राजधानी में धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर महिलाएं अपने सर को घुमा-घुमाकर जमीन पर पटकती नजर आईं, वहीं ओझा और भगत कथित तौर पर भूत भगाने का दावा करते रहे. मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने इसे आस्था का विषय बताते हुए विशेष पूजा-पाठ करार दिया.

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पटना. आज दुनिया मंगल ग्रह तक पहुंचने की दौड़ में है. विज्ञान के क्षेत्र में नए-नए मुकाम हासिल किए जा रहे हैं. लेकिन आधुनिक युग में आज भी कई लोग ऐसे हैं जो अंधविश्वास के मकड़जाल में उलझे हुए हैं. बिहार की राजधानी पटना में कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima 2021)  के मौके पर आज कुछ ऐसा ही नजारा दिखा. पटना के गायघाट में गंगा किनारे कुछ लोग अजीबोगरीब हरकत करते नजर आए. वहीं कुछ ओझा और भगत मंत्रों का उच्चारण कर भूत भगाने और बुलाने का दावा करते दिखे. अंधविश्वास का ये काला खेल प्रशासन के नजरों के सामने चलता रहा.

बता दें कि हिन्दू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का खास महत्व है. इसे मौके पर देशभर में लोग गंगा समेत पावन नदियों में स्नान करते हैं. पटना में भी गंगा नदी के किनारे आज हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया. इसी दौरान गायघाट पर कुछ अंधविश्वासी लोगों को भीड़ देखने को मिली. इसी दौरान यहां दिन दहाड़े भूत और ओझा का खेल चलता रहा. महिलाएं जहां अपने सर को गोल-गोल घुमा कर जमीन पर पटकती नजर आई, वहीं ओझा और भगत मंत्रों का उच्चारण कर कथित तौर पर भूत को बुलाते देखे गए.

प्रशासन के सामने घंटों यह अंधविश्वास का खेल चलता रहा बावजूद इसके पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा इसपर कोई भी पहल नहीं की गई. गौरतलब है कि कार्तिक पूर्णिमा को लेकर जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न गंगा घाटों पर दंडाधिकारियो और पुलिस बल की तैनाती की गई है. पूरे मामले पर पूछे जाने पर मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने इसे आस्था का विषय बताते हुए कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर लोगों द्वारा विशेष पूजा पाठ किए जाने की बात दोहराई.

इसे भी पढ़ें- UP: कार्तिक पूर्णिमा पर हरिद्वार और प्रयागराज में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, उमड़ा सैलाब

कार्तिक पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

धार्मिक पुराणों के अनुसार, स्वर्ग से देवता आकर कार्तिक पूर्णिमा के ही दिन देव दिवाली (Dev Diwali) मनाते हैं. यह भी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने से जीवन के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और मनुष्य के चित्त की शुद्धि हो जाती है. कार्तिक पूर्णिमा पर व्रत रखने की भी परंपरा है. कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन विधि-विधान से पूजा करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है.

मान्यता है कि पूर्णिमा की तिथि भगवान विष्णु और उनकी अर्धांगिनी माता लक्ष्मी को काफी प्रिय है. इस दिन विधि विधान से पूजन किया जाता है तो जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास हो जाता है. कार्तिक पूर्णिमा का दिन धार्मिक के साथ ही आध्यात्मिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.

Tags: Bihar news today, PATNA NEWS

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